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रोज 8 अरब डॉलर का नुकसान, क्या 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खत्म करेगी सरकार

नई दिल्ली 7 अप्रैल 2020 । लॉकडाउन खत्म होने की मियाद जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, अब लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि 14 अप्रैल के बाद क्या होगा? क्या लॉकडाउन खत्म हो जाएगा या फिर इसे एक बार फिर से बढ़ाया जाएगा. या फिर कुछ ही इलाकों में लॉकडाउन से छुटकारा मिलेगा. भारत में अभी कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए एक अरब से ज्यादा की आबादी लॉकडाउन के दायरे में है. इसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो रहा है.

लॉकडाउन से क्रमवार तरीके से मिलेगी राहत

सरकार से मिल रहे संकेत बताते है कि 14 अप्रैल के बाद एक ही बार में देश से लॉकडाउन नहीं हटाया जाएगा. प्रधानमंत्री आवास, कैबिनेट मीटिंग, राज्य सरकारों की मीटिंग से मिल रहे संकेत बताते हैं कि देश में क्रमवार तरीके से लॉकडाउन हटाया जा सकता है. इसके लिए एक टाइमलाइन तैयार की जाएगी, जिसकी घोषणा होनी बाकी है.

नरेंद्र मोदी सरकार के एक सीनियर मंत्री ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि सरकार Rational lockdown के आइडिया पर गौर कर रही है. इसके तहत क्रमवार तरीके से देश को लॉकडाउन से बाहर निकालने पर जोर दिया जाएगा.

लॉकडाउन की वजह से चरमरा रही अर्थव्यवस्था

सरकार का आकलन है कि लॉकडाउन की वजह से कोरोना वायरस को कंट्रोल करने में बहुत मदद मिली है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से लोगों और अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंच रही है. वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि एक फौरी आकलन बताता है कि भारत की रोजाना जीडीपी लगभग 8 बिलियन डॉलर है. अगर लॉकडाउन को 30 दिनों तक खींचा जाता है तो लगभग 250 बिलियन डॉलर का नुकसान देश को होगा.

अगर लॉकडाउन को जल्दी हटा लिया जाता है तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में इस नुकसान को पाटा जा सकता है. लेकिन अगर लॉकडाउन लंबा खिंचा तो रिकवरी असंभव हो जाएगी.

हालांकि सरकार के सामने चुनौती गंभीर है. कोरोना के विश्वव्यापी खतरे और दुनिया में इसके कहर को देखते हुए सरकार एकतरफा फैसला नहीं लेना चाहती है. इसलिए मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने सहमति का रास्ता चुना और राज्यों से कहा कि वे लॉकडाउन से एग्जिट का प्लान तैयार करके भेजें.

बता दें कि कोरोना के लगातार बदलते आंकड़ों से राज्यों के सामने लॉकडॉउन का एग्जिट प्लान तैयार करना मुश्किल है, क्योंकि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना आ रही है. सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों की रिपोर्ट इस सप्ताह के अंत तक का सकती है, इसके बाद पीएम एक बार मुख्यमंत्रियों के साथ एक बार फिर से बैठक करेंगे.

कल्याणकारी योजनाओं से राज्यों पर असर

लॉकडाउन की वजह से राज्यों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है. इसके अलावा लॉकडाउन के प्रभाव में आए लोगों के लिए शुरू किए गए कल्याणकारी योजनाओं की वजह से भी उनके खजाने पर असर हो रहा है, लेकिन ऐसा लंबे समय तक नहीं हो सकता है, क्योंकि कुछ दिनों बाद फंड के लिए राज्य सरकारें केंद्र के पास ही आएंगी.

क्षेत्रवार एग्जिट प्लान पर विचार

केंद्र और राज्य सरकारें फेजवाइज और क्षेत्रवार तरीके से लॉकडाउन से निकलने की संभावना पर विचार कर रही है. वैसे इलाके जहां ज्यादा केस आ रहे हैं वो 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन में रह सकते हैं. जबकि बाकी इलाकों को राहत दी जा सकती है.

कई राज्य ऐसे इलाकों की पहचान कर रहे हैं. इन इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखने के लिए लॉकडाउन हटाने के बाद धारा-144 लागू रखा जा सकता है.

अंतरराज्यीय परिवहन के पक्ष में नहीं है राज्य

कोरोना के संक्रमण को देखते हुए कई राज्य अभी भी एक से दूसरे राज्यों में परिवहन व्यवस्था शुरू करने के पक्ष में नहीं है. इसलिए बसों के चलने की संभावना खत्म हो जाती है. जहां तक ट्रेनों का सवाल है, तो जब तब राज्य इजाजत नहीं देते ट्रेनें नहीं चलाई जा सकती हैं.

केंद्र सरकार लॉकडाउन खत्म होने के बाद की अवधि के लिए अपने कर्मचारियों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार कर रही है. इससे संकेत मिलता है कि लॉकडाउन को पूरी तरह से खत्म किए जाने की संभावना नहीं है.

योगी सरकार का ऐलान- लोगों को करना पड़ सकता है लंबा इंतजार

देश में कोरोनावायरस (COVID-19) का कहर लगातार जारी है. अबतक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. नए मामलों में हर रोज इजाफा देखने को मिल रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या 14 के बाद भी लॉकडाउन जारी रहेगा. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने यह साफ कर दिया है कि जरूरी नहीं है कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म हो जाए. लोगों को इसके लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ सकता है. यूपी के मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने यह जानकारी दी है. बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस से अब तक 227 लोग संक्रमित हो चुके हैं साथ ही दो लोगों की इससे जान भी जा चुकी है. अवनीश अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है खासकर तबलीगी जमात से संबंधित. उन्होंने कहा कि मैं केवल यह कह सकता हूं कि हम शुरुआती स्टेज में हैं और यह कहना असंभव है कि लॉकडाउन 14 अप्रैल के बाद खुलेगा या नहीं. हम रोज मॉनिटरिंग कर रहे हैं. कुछ जिलों में 100 प्रतिशत लॉकडाउन किए गए हैं. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में लोगों का समर्थन बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि, ‘हम यह सुनिश्चित करने के बाद ही लॉकडाउन खोलेंगे कि राज्य कोरोना मुक्त है. अगर एक भी व्यक्ति संक्रमित है तो यह बहुत मुश्किल होगा और इसलिए लॉकडाउन के खत्म होने की संभावना कम है.’

बता दें कि एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर घोषित किया गया लॉकडाउन 15 अप्रैल को खुलेगा. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सांसदों और मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहा, “15 अप्रैल से बंद समाप्त होगा तो दो काम करने होंगे. जब 15 अप्रैल को हम बंद खोलेंगे तो जमावड़ा ना होने पाए, इसमें आपकी सहभागिता और सहयोग चाहिए होगा.” उन्होंने कहा “क्योंकि 15 अप्रैल को हम जैसे ही बंद खोलेंगे और एकाएक भीड़ जुट जाएगी तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा. मैं चाहूंगा कि इसके लिए हम लोग एक व्यवस्था बनाएं. मैं इसके लिए आप लोगों से सुझाव भी चाहूंगा. आप अपना सुझाव लिखकर भेजें कि क्या होना चाहिए.”

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने बताया, ‘‘हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और उन्होंने हमें राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों और उठाए गए कदमों के बारे में बताया. यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तकरीबन एक घंटा चली.” उन्होंने बताया कि सांसदों ने मुख्यमंत्री और उनकी सरकार द्वारा बंद के दौरान किए जा रहे कार्यों की सराहना की.

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