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इटली में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 10,000 के पार

नई दिल्ली 30 मार्च 2020 । दुनिया भर में कोरोना वायरस को लेकर दहशत का माहौल है. अबतक इस वायरस से हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में बुधवार से सरकार की तरफ से पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया गया है. इधर इटली में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 10,000 के पार पहुंच गया है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार इटली में मृतकों की संख्या 10023 हो गई है और पिछले 24 घंटें में 889 लोगों की जान गई है. वहीं इस वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्य भी 92472 पहुंच गई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने डिपार्टमेंट के हवाले से कहा कि इटली में कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या शुक्रवार को चीन में पंजीकृत कुल आंकड़ों से अधिक 92472 तक पहुंच गई. 21 फरवरी को देश के उत्तरी क्षेत्रों में कोविड-19 महामारी के फैलने के बाद से अब तक यहां कुल मरने वालों की संख्या बढ़कर 10000 के पार हो गई है. नेशनल कमिश्नर फॉर इमरजेंसी डोमेनिको अर्चुरी ने एक दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गुरुवार को 50 लोगों की मौत हुई, जो अब तक कुल आंकड़ों में शामिल नहीं हैं. वहीं, एक्स्ट्रा ऑडिनरी कमिश्नर और सिविल प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट के प्रमुख एंजेलो बोरेलेली बुखार (कोरोनोवायरस की पुष्टि नहीं) के कारण लगातार दूसरे दिन घर में रहे, जिसके बाद डोमेनिको अर्चुरी ने उनके स्थान पर आकर नवीनतम आंकड़ों को पेश किया.

नई रिपोर्ट के अनुसार, दैनिक आधार पर 589 व्यक्ति कोरोनावायरस संक्रमण से उपचार के बाद ठीक हुए हैं, जिसके बाद से महामारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 10,950 हो गई है. देश में शुक्रवार को हुई जांच में 4,401 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद से वर्तमान में कोरोनावायरस से ग्रस्त व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 66,414 हो गई है. अर्चुरी ने कहा, “कुल संक्रमित व्यक्तियों में से छह प्रतिशत या 3,732 मरीज वर्तमान में आईसीयू में भर्ती हैं.”

कोरोना से स्पेन की राजकुमारी का निधन, किसी रॉयल फैमिली में कोरोना से पहली मौत

पूरी दुनिया में किसी रॉयल फैमिली से यह पहली मौत है. देश-दुनिया के कई लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं लेकिन मौत के मामले में स्पेन से यह बड़ी खबर सामने आई है. बता दें, यूरोपीय देशों में इटली के बाद स्पेन ही कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है…किसी रॉयल फैमिली में कोरोना से पहली मौत 26 मार्च को पेरिस में राजकुमारी का निधनकोरोना वायरस के संक्रमण से स्पेन की राजकुमारी मारिया टेरेसा की मौत हो गई. वे 86 साल की थीं. उनके भाई प्रिंस सिक्सटो एनरिके डी बॉरबोन ने एक फेसबुक पोस्ट में इसकी जानकारी दी. राजकुमारी की मौत 26 मार्च को हुई. नोवस कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद उनका इलाज चल रहा था. पूरी दुनिया में किसी रॉयल फैमिली से यह पहली मौत है. देश-दुनिया के कई लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं लेकिन मौत के मामले में स्पेन से यह बड़ी खबर सामने आई है. बता दें, यूरोपीय देशों में इटली के बाद स्पेन ही कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है.

कोरोना वायरस के संक्रमण से स्पेन की राजकुमारी मारिया टेरेसा की मौत हो गई. वे 86 साल की थीं. उनके भाई प्रिंस सिक्सटो एनरिके डी बॉरबोन ने एक फेसबुक पोस्ट में इसकी जानकारी दी. राजकुमारी की मौत 26 मार्च को हुई. नोवस कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद उनका इलाज चल रहा था. पूरी दुनिया में किसी रॉयल फैमिली से यह पहली मौत है. देश-दुनिया के कई लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं लेकिन मौत के मामले में स्पेन से यह बड़ी खबर सामने आई है. बता दें, यूरोपीय देशों में इटली के बाद स्पेन ही कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है…

राजकुमारी के भाई ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि कोरोना पॉजिटिव पाई गईं 86 साल की प्रिंसेस की मौत पेरिस में हो गई. शुक्रवार को मैड्रिड में उनका अंतिम संस्कार किया गया. प्रिंसेस का जन्म 1933 में पेरिस में हुआ था. उनकी पढ़ाई लिखाई फ्रांस में हुई थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक, वे पेरिस के सॉरबोने और मैड्रिड की कमप्लूटेंस यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थीं. विदेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंसेस मारिया टेरेसा को रेड प्रिंसेस के नाम से भी जाना जाता था क्योंकि उनके विचार काफी बेलाग थे और सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती थीं. द सन के मुताबिक, प्रिंसेस के परिवार में और भी कई सदस्य हैं.

स्पेन में कोरोना वायरस से बड़ी तबाही मची है. इटली के बाद यहां सबसे ज्यादा मौत की खबर है. अब तक 3400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. स्पेन और इटली ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है जहां कोरोना वायरस सबसे पहले पनपा था. स्पेन की पार्लियामेंट ने यहां इमरजेंसी लगा दिया है जिसके अभी और बढ़ाए जाने की संभावना है.

कोरोना लॉकडाउन: पलायन की ये तस्वीरें डरावनी भी हैं और दर्दनाक भी

पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन है. लॉकडाउन के बीच हजारों की संख्या में लोग और मजदूर शहरों से अपने घर की ओर लौट रहे हैं. मजदूरों का अपने-अपने घर के लिए पलायन एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है. दिल्ली-एनसीआर का हाल सबसे बुरा है, जहां मजदूर, रिक्शा चालक और फैक्ट्री कर्मचारी अपने-अपने गांव की ओर लौटने के लिए हजारों की तादाद में निकल पड़े हैं.

दरअसल, अनिश्चितताओं के बीच लॉकडाउन के चौथे दिन शनिवार को देशभर में मजदूर अपने घर, गांव की ओर पलायन करने लगे. इसके चलते दिल्ली जैसे शहर में जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी. दिल्ली के आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे पर शनिवार शाम पलायन करने वाले लोगों की भारी भीड़ लग गई, जहां बदइंतजामी देखने को मिली.

दिल्ली-एनसीआर बॉर्डर पर लाइन में खड़े एक मजदूर ने ‘आजतक’ से कहा कि खाना नहीं है, काम नहीं है, मर जाएंगे यहां. सामने आने वाली तस्वीरें बताती हैं कि अजीब सी दहशत भर गई है इन दिलों में, अजीब सी तड़प उठी है घर पहुंच जाने की, जो जहां था, वहीं से निकल गया शहर से गांवों की ओर.

मजदूरों को कोरोना से संक्रमित हो जाने की कोई चिंता नहीं है. किसी दूसरे को संक्रमित कर देने का अंदेशा भी नहीं है. इन्हें घर जाना है और इसलिए बस में कैसे भी टिक जाने की बेताबी है.

आऩंद बिहार बस बड्डे पर भी मजदूरों का रेला दिखा. जेबें खाली हैं, परिवार को पालने की चिंता ने चाल में रफ्तार ला दी है. जो मजदूर दिल्ली शहर को सुंदर बनाने के लिए अपना पसीना बहाता था, अट्टालिकाओं पर रस्सी के सहारे चढ़कर उन्हें सतरंगी बनाता था, जो मिलों में अपनी सांसों को धौंकनी बना देता था…वो मजदूर चल पड़ा है, सिर पर गठरी लादे, हाथ में बच्चा उठाए.

ओखला मंडी में काम करने वाले मजदूरों को मालूम है कि दिल्ली से बहराइच की दूरी 600 किलोमीटर है. रास्ते बंद हैं. बसें बंद हैं. ट्रेन बंद हैं…फिर भी चल पड़े हैं पांव. ऐसे एक नहीं हजारों हजार मजदूर हैं. कोई पैदल पटना निकल पड़ा है, कोई कदमों से नाप लेना चाहता है समस्तीपुर की दूरी. कोई जाना चाहता है गोरखपुर, झांसी बहराइच, बलिया बलरामपुर.

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