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चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के 24 घंटे के अंदर किसानों की ऋण माफी शुरू

भोपाल 9 मई 2019 । चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के 24 घण्टे के अंदर ही राज्य सरकार ने 15 जिलों में ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू कर दी। अनुमति मिलने के पहले ही दिन 15 जिलों में 7,706 किसानों के 34 करोड़ 5 लाख 71 हजार रुपये के ऋण माफ किए गए। यह राशि राष्ट्रीयकृत और ग्रामीण बैंकों को देने के लिए राज्य शासन ने जिलों को आवंटित कर दी।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा उन जिलों को यह राशि जारी की गई है, जहाँ लोकसभा निर्वाचन में मतदान की प्रक्रिया सम्पन्न हो चुकी है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने 7 मई को राज्य सरकार को अनुमति दी। अनुमति मिलने के तत्काल बाद ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू की गई। 15 जिलों के पात्र किसानों के लिए ऋण माफी की राशि राष्ट्रीयकृत और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से ऋण प्राप्त किसानों को भुगतान के लिये जारी की गई है। सहकारी बैंकों से फसल ऋण लेने वाले पात्र किसानों को ऋण माफी की राशि भुगतान के लिए अलग से अपेक्स बैंक को आवंटित की जा रही है।

जिन पंद्रह जिलों में चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बाद ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू कर पात्र किसानों के ऋण माफ किए गए हैं। उनमें छिन्दवाड़ा जिले के 91 किसानों के 25.99 लाख, बालाघाट जिले के 800 के 317.37 लाख, सिवनी जिले के 2702 किसानों के 1389.04 लाख, मण्डला जिले के 731 किसानों के 215.69 लाख, सीधी जिले के 205 किसानों के 117.61 लाख, शहडोल जिले के 24 किसानों के 18.82 लाख, सिंगरौली जिले के 39 किसानों के 19.28 लाख, होशंगाबाद जिले के 421 किसानों के 238.83 लाख, डिण्डोरी जिले के 36 किसानों के 15.52 लाख, बैतूल जिले के 2050 किसानों के 777.24 लाख, नरसिंहपुर जिले के 281 किसानों के 136.86 लाख, छतरपुर जिले के 90 किसानों के 41.81 लाख, दमोह जिले के 133 किसानों के 72.15 लाख, जबलपुर जिले के 76 किसानों के 9.66 लाख और कटनी जिले के 27 किसानों को फसल ऋण माफी के लिये 9.84 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।

उल्लेखनीय है कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना में राज्य शासन द्वारा 31 मार्च, 2018 की स्थिति में फसल ऋण के खाताधारी किसानों के 2 लाख रूपये तक के चालू/पीए एवं कालातीत/एनपीए ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया था। योजना में प्राप्त कुल 51.61 लाख आवेदनों में से 24.83 लाख आवेदकों के ऋण खाते पात्र पाये गये थे। इनमें से 20 लाख किसानों के खातों में 10 मार्च, 2019 तक ऋण माफी की राशि ट्रांसफर कर दी गई है।

स्मृति ईरानी ने किसानों से पूछा- कर्ज माफ हुआ, भीड़ से आया जवाब, हां

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बुधवार को मध्य प्रदेश में एक चुनावी सभा के दौरान उस समय असहज हो गईं जब उन्होंने भीड़ से पूछा कि क्या उनके कर्ज माफ हो गए. स्मृति ईरानी के इस सवाल पर वहां मौजूद बहुत से लोगों ने हां में जवाब देकर केंद्रीय मंत्री को कुछ देर चुप रहने पर मजबूर कर दिया.

अशोकनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए, स्मृति ईरानी ने विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चुनावी वादे का जिक्र किया. उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या वास्तव में राहुल गांधी ने अपना वादा पूरा किया और कर्ज माफ कर दिया. इस पर भीड़ की तरफ से शोर आया कि ‘हां, कर्ज माफ कर दिए गए’.

बताया जाता है कि भीड़ आधे मिनट तक चिल्लाती रही, जिसके कारण ईरानी को अपना भाषण रोकने पर मजबूर होना पड़ा. इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. भाजपा और कांग्रेस के बीच अक्सर कर्जमाफी को लेकर गरमा गरम बहस होती रहती है. भाजपा लगातार दावा करती रही है कि राहुल गांधी ने किसानों से जो वादे किए थे उसे अब तक पूरा नहीं किया.

21 लाख कर्ज माफी वाले किसानों की सूची में शिवराजसिंह के गृह ग्राम जैत की कर्ज माफी वाली प्रमाणित सूची देख लें

प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने बताया है कि प्रदेश के किसानों की कर्जमाफी पर शिवराजसिंह व भाजपा निरंतर झूठ परोस रहे हैं। किसानों को भ्रमित व गुमराह कर रहे हैं।

इसी को देखते हुए कांगे्रस नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल कल सात मई को सुरेश पचोरी की अगुवाई में शिवराजसिंह को उनके निवास जाकर कर्जमाफी वाले 21 लाख किसानों की सूची सौंपकर आया था। लेकिन उसके बाद भी शिवराज सिंह सच्चाई को न स्वीकारते हुए झूठ परोसते रहे कि यह सूची कृषि विभाग की है, बैंक की नहीं है। कांगे्रस आज उन्हें एक और सच्चाई से अवगत करा रही है। कांगे्रस आज कर्जमाफी वाले किसानों की एक सूची जारी कर रही है। जिसमें शिवराज सिंह के गृह ग्राम जैत के कई नाम मौजूद हैं। इस सूची में शिवराजसिंह के भाई, चाचा के लड़के व अन्य कई रिश्तेदार व पड़ोसियों के नाम शामिल हैं।

शिवराज के गृह ग्राम में किसान प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को कर्जमाफी पर धन्यवाद दे रहे हैं, खुशियां व जश्न मना रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शिवराजसिंह किसान भाईयों को गुमराह करने के लिए निरंतर झूठ परोस रहे हैं। अब शिवराजसिंह चैहान को कर्जमाफी की हकीकत जानने के लिए अपने गृह ग्राम जैत, परिजनों व पड़ोंसियों के पास जाना चाहिए, जिससे उन्हें कर्जमाफी की सच्चाई एक बार फिर पता चल सके।

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