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दिल्ली से मुंबई, हावड़ा, जम्मू के बीच भी दौड़ेगी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’

नई दिल्ली 19 जून 2019 । भारत की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ (Vande Bharat Express) जल्द ही तीन नए शहरों के लिए शुरू की जाएगी। इंडियन रेलवे के अनुसार ये तीन नए रूट हैं- दिल्ली-जम्मू, दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा। इन तीनों रूटों के लिए टाइम-टेबल बनकर तैयार है। ‘ट्रेन 18’ (Train 18) के नाम से मशहूर तमाम सुविधाओं वाली यह ट्रेन फिलहाल दिल्ली-वाराणसी के बीच दौड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 14 फरवरी को इसे हरी झंडी दिखाकर रेल मुसाफिरों को समर्पित किया था।

7 घंटे में पहुंचेगी जम्मू
राजधानी सहित सुपरफास्ट ट्रेनों में दिल्ली से जम्मू तक का सफर लगभग 10-11 घंटों का होता है। बताया जा रहा है कि यह ट्रेन दिल्ली से जम्मू केवल 7 घंटे में पहुंच जाएगी। इस तरह मुसाफिरों का 2 से 3 घंटे का समय बचेगा। नई दिल्ली से सुबह 6 बजे चलेगी। अंबाला और लुधियाना होते हुए दोपहर 1.30 बजे जम्मू पहुंचेगी। उसी दिन यह ट्रेन जम्मू से 2.45 पर दिल्ली के लिए रवाना होगी। रात 10.20 मिनट पर दिल्ली पहुंच जाएगी। यह पूरी ट्रेन चेयर कार होगी।

दिल्ली से मुंबई, हावड़ा, जम्मू के बीच भी दौड़ेगी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’, जानें किराया, टिकट बुकिंग, रूट, टाइम टेबल
12 घंटे में पहुंचेगी मुंबई
यह ट्रेन दिल्ली से मुंबई तक सफर 12 घंटे में पूरा करेगी। ट्रेन नई दिल्ली से शाम 7.40 पर रवाना होगी। अगले दिन सुबह 8.40 बजे मुंबई सेट्रल पहुंच जाएगी। वहीं मुंबई सेंट्रल से शाम 7.45 पर रवाना होगी। अगले दिन सुबह 8.45 पर नई दिल्ली पहुंच जाएगी। यह ट्रेन को रोज चलाया जाएगा। कोटा और वडोदरा पर इस ट्रेन को स्टाप दिया गया है। ट्रेन में एसी स्लीपर कोच होंगे।

15 घंटे में पहुंचेगी हावड़ा
दिल्ली से हावड़ा के चलने वाली ये ट्रेन अपना पूरा सफर 15 घंटे 20 मिनिट में तय करेगी। यह ट्रेन नई दिल्ली से शाम 6 बजे शुरु होगी। कानपुर, प्रयागराज, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और धनबाद स्टेशन पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 9.20 मिनिट पर हावड़ा पहुंचेगी। हावड़ा से शाम को 4.30 बजे रवाना होगी।अगले दिन सुबह 7.50 पर नई दिल्ली पहुंचेगी। यह ट्रेन एसी स्लीपर होगी।

इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने दूसरी ट्रेन को कुछ खास बदलावों के साथ तैयार किया है। पहली ट्रेन पर पत्थरबाजी को देखते हुए इस बार ट्रेन में मजबूत शीशें लगाये जा रहे हैं। शीशों को पथराव से बचाने के लिए खिड़कियों में विशेष फ्रेम होंगे। इतना ही इसमें पहली ट्रेन की तुलना में बड़ी पेंट्री भी होगी। बड़ी पेंट्री करने के उद्देश्य यह है कि ये ट्रेन लंबी दूरी वाले रूट पर चल सकती है जिससे यात्रियों को दो बार भोजन परोसा जाता है, इसलिए अधिक भंडारण स्थान की आवश्यकता होती है।

पूरी ट्रेनएसी और चेयर कार वाली है, जिसमें 16 कोच होंगे। इनमें से दो एक्जीक्यूटिव चेयर कार और बाकी सामान्य चेयर कार वाले कोच होंगे। ट्रेन का पहला और आखिरी कोच दिव्यांगों के लिए होगा। ट्रेन के चलने से पहले दरवाजे स्वयं बंद हो जाएंगे। पहले कोच से लेकर अंतिम कोच तक जाने के लिए ट्रेन के अंदर दरवाजे लगाए गए हैं। ट्रेन के रुकने के समय कोच के अंदर से सीढ़ियां बाहर निकलेंगी।

तेजस एक्सप्रेस को अगस्त से पटरी पर दौड़ाने की तैयारी, शेड्यूल जारी, मिलेंगी ये सुविधाएं
हाईस्पीड ट्रेन तेजस एक्सप्रेस अगस्त से दौड़ाने की तैयारी है। दो सौ किमी की रफ्तार से लखनऊ से आनंदविहार के बीच चलने वाली इस ट्रेन का शेड्यूल जारी हो गया है। पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने 2016-17 में स्पेशल ट्रेनों अंत्योदय, हमसफर, तेजस चलाने की घोषणा की थी।
इसमें से गोरखपुर-आनंदविहार के बीच हमसफर एक्सप्रेस शुरू भी हो गई है। अब तेजस एक्सप्रेस को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसकी बोगियां कपूरथला रेल कोच फैक्टरी में तैयार की गई हैं। ट्रेन को लखनऊ जंक्शन से चलाया जाएगा। हालांकि, लखनऊ मेल सुबह जंक्शन पर दिल्ली से पहुंचती है।
ऐसे में संभव है कि तेजस को चारबाग स्टेशन से चलाया जाए। हालांकि, अभी इस पर उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे मंडलों के बीच सहमति बननी बाकी है। इस ट्रेन में एलसीडी, वाईफाई की सुविधा मिलेगी। इसकी कैटरिंग का मेन्यू मशहूर शेफ की ओर से तैयार किया जाएगा। ट्रेन का किराया शताब्दी के मुकाबले महंगा होगा।
हफ्ते में छह दिन चलेगी ट्रेन
तेजस एक्सप्रेस (12585/12586) हफ्ते में सभी दिन लखनऊ से सुबह 6.50 बजे चलकर दोपहर 1.20 बजे आनंदविहार पहुंचेगी। वापसी में आनंदविहार से दोपहर 3.50 बजे चलकर रात 10.05 बजे लखनऊ आएगी। लखनऊ से चलने के बाद ट्रेन कानपुर और आनंदविहार में ही रुकेगी।
दिल्ली के लिए बढ़ेंगे साधन
तेजस एक्सप्रेस शुरू हो जाने से दिल्ली जाने वालों के लिए सुबह की एक ट्रेन बढ़ जाएगी। अभी सुबह दिल्ली जाने के लिए गोमती एक्सप्रेस व डबलडेकर एक्सप्रेस ट्रेनें हैं।

भारत की पहली बुलेट ट्रेन से होगी पर्यटकों को घूमने में आसानी
भारत की पहली बुलेट ट्रेन पर काम शूरू हो चुका हैं यह ट्रेन भारत के दो आर्थिक हबों मुंबई और अहमदाबाद को जोडेगी। अब भारतीय रेलवे अपने बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। बुलेट ट्रेन के निर्माण में देश की क्लाईमेंट का पूरा ध्यान रखा जाएगा।वैसे भी भारत की जनता को गर्मी के मौसम में ट्रेनो में सफर करने में बहुत दिक्कत होती थी इसलिए राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम नै इस समस्या का यह हल निकाला हैं।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, जो 508 किलोमीटर से अधिक लंबी है, एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे 2023 तक पूरा करने की उम्मीद है। हालांकि, पहली बुलेट ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2022 की कड़ी समय सीमा तय की है।

एनएचआरसीएल को ही इस ट्रेन के निर्माण की जिम्मेदारी सौपी गई हैं और एनएचआरसीएल ने कहा हैं कि यह ट्रेन एसे वनाई जाएगी की अगर बाहर का तापमान 55डिग्री भी होगा तो भी अंदर बैठे यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होगी। पिछले साल एनएचआरसीएल के एमडी अकल खरें ने कहा हैं कि बुलेट ट्रेन को भारत के क्लाईमेंट के हिसाब से बनाया जाएगा। और वह आगे कहते हैं कि भारत की विशिष्ट संशोधन के साथ जापान की बुलेट ट्रेन की शिंकानसेन E5 श्रृंखला लेगा।

खरे के हिसाब से सबसे बडा मॉडिफिकेशन जो मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन मे किया जाएगा वो वातावरण को ध्यान में रखकर किए जाएंगे। पैसेंजर के नजरिए से यह E5 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सीरीज जैसा होगा। हालांकि, ट्रेन के अंदर एयर कंडीशनिंग प्रभावी होगी।

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