मुख्य पृष्ठ >> प्रदेश >> मध्यप्रदेश >> उज्जैन / भोपाल >> शिप्रा के लिए धरना दे रहे साधु-संतो का प्रदर्शन स्थगित

शिप्रा के लिए धरना दे रहे साधु-संतो का प्रदर्शन स्थगित

उज्जैन 14 दिसंबर 2021 । दत्त अखाड़ा घाट पर पिछले गुरूवार से धरना दे रहे षट्दर्शन संत समाज के साधु-संतो का धरना आंदोलन पांचवे दिन स्थगित कर दिया गया है। सोमवार को राज्यशासन के प्रतिनिधि के रूप में उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव और कलेक्टर आशीषसिंह ने शिप्रा शुद्धीकरण के लिए राज्यशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी संतजनों को दी। इसके अलावा यह भी तय किया गया है कि अगले कुछ दिनों में भोपाल में उज्जैन के साधु-संतो के प्रतिनिधि मंडल के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वार्ता भी होगी। इस वार्ता में साधु-संतो द्वारा सुझाए जाने वाले उपायों को राज्यशासन अपनी शिप्रा शुद्धीकरण की कार्ययोजना में शामिल करेंगे। दत्त अखाड़ा के गादीपति पीर श्री सुंदरपुरी महाराज, महंत रामेश्वरदास, महंत भगवानदास जी महाराज ने संयुक्त रूप से बताया कि उच्चशिक्षा मंत्री यादव ने प्रदर्शन संत मंडल के सदस्य साधु-संतो को राज्यशासन की ओर से आश्वस्त किया है कि इंदौर से आने वाले प्रदूषित जल को शिप्रा नदी के जल में मिलने से रोकने के उपाय तत्काल आरंभ कर दिए जाएंगे। गंदा पानी अब नही मिलेंगा
उच्चशिक्षा मंत्री डा. यादव ने साधु-संतो को बताया है कि कान्ह नदी का गंदा पानी शिप्रा में मिलने से रोकने के लिए त्रिवेणी के पहले पक्का बांध बनाने की स्वीकृति एक महीने में ही हो जाएगी। इसके अलावा कान्ह के जरिए आने वाले प्रदूषित पानी को डायवर्ट करने की कार्ययोजना तैयार करने के लिए राज्यशासन के स्तर पर भी जल्द ही आदेश जारी हो जाएंगे। तुलसी सिलावट ने भी की चर्चा
जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भी षट्दर्शन संत मंडल के वरिष्ठ सदस्य महंत डा. रामेश्वरदास से फोन पर बात कर उन्हें आश्वस्त किया कि राज्यशासन शिप्रा नदी के जल को स्वच्छ व निर्मल बनाए रखने के प्रति गंभीर है। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में उच्चशिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव द्वारा कही गई बातों पर विश्वास कर संतजनों ने धरना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। समाप्त नही केवल स्थगित
षट्दर्शन संत मंडल के प्रमुख सदस्य व 13 अखाड़ो के महंतो सहित महामंडलेश्वर स्वामी श्री नारदानंद जी सिद्ध आश्रम, महंत श्री मुनिशरण दास जी रामानंद आश्रम, रामानुज कोट पीठाधीश्वर रंगनाथाचार्य जी आदी संतजनों ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है कि शिप्रा शुद्धीकरण के लिए किया जा रहा संतो का संघर्ष जारी रहेगा। इसे फिलहाल स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। राज्यशासन के प्रतिनिधियों ने शिप्रा शुद्धीकरण के कार्य आरंभ करने के लिए 31 दिसंबर तक की समय सीमा मांगी है, इस अवधि तक यदि काम शुरू नहीं करेंगे तो सभी साधु-संत फिर से आंदोलन की राह पर होंगे। यह थे मौजूद…
श्री क्षेत्र पंडा समिति के अध्यक्ष प. राजेश त्रिवेदी ने बताया कि संतो के आंदोलन के पांचवे दिन बोहरा समाज के वरिष्ठ सदस्य और आमिल साहब के प्रतिनिधि शेख इब्राहिम, अली असगर मोय्यदी, मेहंदी हुसैन, महंत गोविंद दास कुरूक्षेत्र, यशोदा शर्मा जी, महेंद्र कटियार, हरिसिंह यादव, गोविंद खंडेलवाल, पत्रकार अर्जुन सिंह चंदेल, अवंतिका सेवा न्यास के नरेश सोनी, शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रवि राय सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने आव्हान किया कि शिप्रा नदी के संरक्षण के लिए जब भी उज्जैन का साधु-संत समाज पुन: एकजुट होगा, सभी संस्थाएं आंदोलन में सहभागी बनेगी।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

नरेश पटेल की एंट्री के कयास ने लिखी हार्दिक पटेल के एग्जिट की पटकथा

नयी दिल्ली 18 मई 2022 । कांग्रेस से लंबे समय से नाराज चल रहे गुजरात …