मुख्य पृष्ठ >> कमलनाथ की सरकार गिराने के लिए दिग्विजय और सिंधिया ने किया संपर्क: कैलाश विजयवर्गीय

कमलनाथ की सरकार गिराने के लिए दिग्विजय और सिंधिया ने किया संपर्क: कैलाश विजयवर्गीय

भोपाल 15 जून 2019 ।  मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस किसानों का लोन ही माफ़ नहीं कर पाई, जिसका वादा करके उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी । इसके अतिरिक्त अप्रैल महीने में कमलनाथ के सहयोगियों के आवास पर हुई रेड में भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था। मध्य प्रदेश में किसान आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के मुख्य सचिव कैलाश विजयवर्गीय ने एक बड़ा खुलासा किया। विजयवर्गीय ने रैली के दौरान बताया कि कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी ने उन्हें मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने के लिए संपर्क किया था।

रैली के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “दिग्विजय सिंह और उनके दो विधायकों ने मुझे संपर्क किया और कहा कैलाश जी, अगर आप चाहें तो सरकार गिराई जा सकती है। इस पर मैंने जवाब दिया कि मैं सरकार गिराना नहीं चाहता। इसके बाद सिंधिया जी के लोगों ने मुझसे संपर्क किया कि वो प्रदेश में जालसाज़ कमलनाथ की सरकार गिराना चाहते हैं। उन लोगों ने कहा कि हम आपके साथ हैं। फिर, सुरेश पचौरी के लोगों ने मुझसे संपर्क किया कि वो सरकार को गिराना चाहते हैं।” विजयवर्गीय ने रैली संबोधन के दौरान कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनों के साथ ही जालसाजी की, इसलिए पार्टी के कई दिग्गज़ नेता उनके ख़िलाफ़ हैं। उन्होंने बताया कि कमलनाथ के सभी ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) के पास पैसा गिनने की मशीन है। भाजपा मुख्य सचिव ने इस दौरान कहा कि बीते दिनों जितने तबादले मध्य प्रदेश में हुए, उतने देश में कहीं भी नहीं हुए। विजयवर्गीय ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में पद बेचे जाते हैं। उन्होंने इस दौरान एक पुलिस अधिकारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें बताया था कि तबादले के लिए उससे 25 लाख की घूस ले ली गई और उसका तबादला भी नहीं किया गया। गौरतलब है कमलनाथ के मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के बाद से चीजें कॉन्ग्रेस के पक्ष में होती नहीं दिखीं। गत वर्ष कमलनाथ की जीत के बाद मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस को जन आक्रोश का सामना करना पड़ा। प्रदेश में कॉन्ग्रेस किसानों का लोन ही माफ़ नहीं कर पाई, जिसका वादा करके उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी । इसके अतिरिक्त अप्रैल महीने में कमलनाथ के सहयोगियों के आवास पर हुई रेड में भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था।

मध्यप्रदेश में गिरेगी कमलनाथ सरकार!

मध्यप्रदेश (BJP Government Will Be Formed Again In MP ) में कई वर्षों के वनवास के बाद कांग्रेस सरकार (congress government) की वापसी हुई। प्रदेश में इस विधानसभा चुनाव के पहले पिछले तीन विधानसभा चुनाव में जनता, भाजपा (Bharatiya Janata Party) पर भरोसा कर रही थी, लेकिन इस बार जनता ने कांग्रेस (Congress) पर भरोसा दिखाया। कांग्रेस सरकार बनने के बाद अब जनता का भरोसा टूटता नजर आ रहा है। प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती और किसानों का कर्ज अभी तक माफ़ न किये जाने के कारण इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि कमलनाथ सरकार (Kamal Nath government) गिरने वाली है और एक बार फिर मध्यप्रदेश में भाजपा यानी शिवराज सरकार (BJP Government Will Be Formed Again In MP) बनने वाली है।

कमलनाथ सरकार ( congress Kamal Nath government) में लगातार बिजली जाने के कारण प्रदेशवासी परेशान है। कई लोगों का कहना है कि कांग्रेस को वोट देकर जीताना उनकी बढ़ी भूल सबित हो रही है। प्रचंड गर्मी के बाद घंटों बिजली गुल रहना सरकार के अस्तित्व के लिए खतरा बन रहा है। सभी जिला मुख्यालयों और गांवों में हो रही बिजली गुल से हाहाकार की स्थिति है।

भोपाल के पॉश इलाके हो या इंदौर का पोलोग्राउंड अथवा पीथमपुर में खंभे गिरने का मामला, या फिर सागर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित अन्य जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही अघोषित बिजली कटौती, सभी ओर सरकार के लिए लोगों के मन में आक्रोश बढ़ रहा है। कांग्रेस सरकार में बिजली जाने की समस्या को भाजपा भी खूब भुना रही हैं और सरकार को गिराने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।

कमलनाथ सरकार आने के बाद ऐसा कहा जा रहा था कि किसानों के बिजली बिल आधे किये जाएंगे। बिजली बिल का भार तो कम अभी तक किया नहीं गया, लेकिन बिजली कटौती बढ़ गई। सरकार पर मंडराते खतरे (BJP Government Will Be Formed Again In MP ) को देखते हुए अब प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा और गृह मंत्री बाला बच्चन ने नया फैसला लिया है। अब किसान आंदोलन या भाजपा सरकार के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाएगा। लेकिन शायद सरकार के ये लुभावने प्रयास भी असफल साबित हो रहे हैं।

प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के दावे (BJP Government Will Be Formed Again In MP ) सोशल मीडिया पर जितने तेज होते जा रहे हैं। उतनी ही तेजी से भाजपा की फिर सरकार बनने के दावे भी किये जा रहे हैं। वहीँ सीएम कमलनाथ कुर्सी बचाने के लिए अपने मंत्रियों के साथ बैठक पर बैठक कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार मजबूत करने में सफल रहती हैं या अब फिर प्रदेश में कमल खिलने वाला है।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

जमीन विवाद में नया खुलासा, ट्रस्ट ने उसी दिन 8 करोड़ में की थी एक और डील

नई दिल्ली 17 जून 2021 । अयोध्या में श्री राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा खरीदी …