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BJP पर विवादित बयान से बढ़ीं दिग्विजय सिंह की मुश्किलें

भोपाल 4 सितम्बर 2019 । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह हमेशा ही अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं. दिग्विजय सिंह द्वारा बीजेपी और बजरंग दल के सदस्यों पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से पैसे जासूसी के हालिया आरोपों के बाद से ही उनकी लगातार आलोचना हो रही है. इन सबके बीच उत्तर प्रदेश के संभल में दिग्विजय सिंह के इस बयान को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है. संभल की चंदौसी कोलतवाली में बीजेपी के नगर महामंत्री सतीश अरोड़ा ने यह केस दर्ज कराया है.
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि बजरंग दल और बीजेपी के आईटी सेल के पदाधिकारी द्वारा ISI से पैसे लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ा है. दिग्विजय सिंह ने ट्विटर लिखा कि मैंने यह आरोप लगाया है, जिस पर मैं आज भी क़ायम हूं. वहीं, एक अन्य बयान में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए मुस्लिमों से ज्यादा से गैर मुसलमान जासूसी कर रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने यह बयान मध्य प्रदेश के भिंड में दिया था.
उनके इस बयान के बाद बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी ने ज़ी मीडिया से बात करते हुए कहा था कि हम दिग्विजय सिंह के बयान की निंदा करते हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे और मानहानि का दावा भी करेंगे. वहीं, टेरर फंडिंग के आरोपी सतना के बलराम के मामले में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी ने कहा कि बलराम बजरंग दल का कार्यकर्ता न कभी था और ना ही कार्यकर्ता है और ना ही उसका परिवार बजरंग दल से जुड़ा है. बजरंग दल का बलराम से कोई लेना देना नही है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव बोले- कांग्रेस की हालत से बहुत व्यथित हूं

मध्य प्रदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए घमासान थमने की बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है. नेताओं के बीच तनातनी ने कांग्रेस के भीतर की गुटबाज़ी को पूरी तरह से सार्वजनिक कर दिया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट कर सरकार में चल रही उठापटक के खिलाफ अपना दर्द बयां किया है. उन्होंने कहा कि वो ताजा घटनाक्रम से बेहद आहत हैं. मध्य प्रदेश में 15 वर्षों तक ईमानदार पार्टीजनों के साथ किए गए संघर्ष के बाद सिर्फ 8 महीनों में जो स्थितियां सामने आ रही हैं, उसे देखते हुए बहुत व्यथित हूं. यदि इतनी जल्दी इन दिनों का आभास पहले ही हो जाता, तो शायद जान हथेली पर रखकर जहरीली और भ्रष्ट विचारधारा के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ता. इससे मैं बहुत आहत हूं.’

इस ट्वीट से साफ है कि अरुण यादव का दर्द इसलिए छलका, क्योंकि 15 साल के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस के हाथ सत्ता लगी है, लेकिन कुछ ही महीनों में कांग्रेस पार्टी में विवादों की बाढ़ आ गई है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक ने अखबार में दिया विज्ञापन

वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों ने अब बयानों और पोस्टरों से आगे बढ़ते हुए अखबार के पन्नों तक में सिंधिया को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने का विज्ञापन दे दिया है. मंगलवार को भोपाल के एक अखबार में सिंधिया समर्थक कांग्रेस पार्षद शमीम नासिर और अब्दुल नासिर की फोटो के साथ एक विज्ञापन छपा, जिसमें लिखा है- ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर मनोनित करने हेतु विशेष आह्वान. मेरा नेता, मेरा स्वाभिमान.

शिवराज सिंह चौहान और आकाश विजयवर्गीय ने ली चुटकी

इस बीच कांग्रेस में जारी घमासान पर बीजेपी ने चुटकी ली है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी की शीर्ष बॉडी CWC के मेंबर अरुण यादव के ऊपर कमलनाथ की कांग्रेस सरकार द्वारा ‘लाठीचार्ज’ किए जाने की घटना की घोर निंदा करता हूं. पहले तो कमलनाथ किसानों, मजदूरों की आवाज दबारहे थे और अब अपनी ही पार्टी के लोगों की.’ इसके अलावा बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय ने भी अरुण यादव के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए चुटकी ली है. उन्होंने रिट्वीट में कहा, ‘मैं आपकी व्यथा समझ सकता हूं अरुण जी! आखिर आपको भी आज अफसोस है. मध्य प्रदेश सरकार सच में गलत ‘हाथ’ में चली गई है.’ आकाश विजयवर्गीय ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘बीजेपी के आरोपों पर मोहर लगाते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार के वन मंत्री उमंग सिंगार व पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण यादव भी अब खुलकर कह रहे हैं कि प्रदेश में अफसरों के तबादलों का धंधा, अवैध रेत खनन का धंधा, शराब कारोबार आदि बेखौफ चल रहा है.’

पूर्व CM अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी गिरफ्तार
पूर्व सीएम अजित जोगी के बेटे अमित जोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है. जोगी को चुनाव के शपथ पत्र में जन्म स्थान से जुड़ी गलत जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. जोगी को अब कोर्ट में पेश किया जाएगा. बीजेपी के उम्मीदवार ने जोगी के खिलाफ शिकायत की थी.

3 फरवरी 2018 को मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी के खिलाफ गोरेला थाने में धारा 420 का प्रकरण दर्ज किया गया था ,यह प्रकरण 2013 में मरवाही विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी की प्रत्याशी रही समीरा पैकरा ने दर्ज कराया था. शिकायत के मुताबिक जोगी ने शपथपत्र पर अपना जन्म स्थान गलत बताया था, जिस पर गोरेला थाने में अमित जोगी के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया. चुनाव हारने के बाद समीरा पैकरा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके अमित जोगी की जाति एवं जन्म तिथि को चुनौती दी थी जिस पर हाईकोर्ट ने 4 दिन पहले ही निर्णय दिया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र खत्म हो चुका है इसलिए अब इस याचिका को खारिज किया जाता है.

इसके बाद समीरा पैकरा गोरेला थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई कि अमित जोगी ने चुनाव के दौरान दिए गए शपथ पत्र में अपना जन्म वर्ष 1978 में ग्राम पंचायत सारबहरा गौरेला में होना बताया, जबकि उनका जन्म 1977 में अमरीका में टैक्सास के डगलॉस नामक स्थान पर हुआ है.

अजित पवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जांच रोकने की मांग वाली याचिका खारिज
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार को सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को बड़ा झटका लगा. कोर्ट ने को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में जांच रोकने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी. अदालत ने महाराष्ट्र पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए कहा है. यह घोटाला करीब 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है.

जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. बेच ने कहा कि इस परिस्थिति में जांच को नहीं रोका जा सकता. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश को भी बरकरार रखा है.
यह स्पेशल लीव पिटीशन अजित पवार समेत 50 से अधिक आरोपियों द्वारा दायर की गई थी. याचिका में मुंबई हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी. मुंबई हाईकोर्ट ने बीते 22 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता अजित पवार और 69 अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

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