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सिंधिया से विवाद की चर्चा पर दिग्विजय ने तोड़ी चुप्पी

भोपाल 2 नवम्बर 2018 । मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया से हुए विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए इसे गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी विवाद नहीं हुआ है। इसे मीडिया में गलत तरह से पेश किया गया है। आज सुबह से ही मीडिया में सिंधिया और सिंह के बीच तनातनी की खबरें आईं थी। बाद में कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक स्थागति करदी गई। इस बैठक को स्थागित करने की वजह भी दोनों नेताओं में विवाद बताया गया था।

जानकारी के अनुसार सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर अब ट्वीट कर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने लिखा है कि, ‘प्रेस में गलत तरीके से रिपोर्ट की जा रही है कि मेरी और ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के बीच बहस हुई थी और राहुल जी को हस्तक्षेप करना पड़ा। एमपी कांग्रेस में हम सभी एक हैं और एमपी में भ्रष्ट बीजेपी सरकार को हराने के लिए दृढ़ हैं।’

मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताते हुए सिंह अब डैमेज कंट्रोल करने की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस में आंतरिक कलह जगजाहिर है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस से इस तरह की खबरें बाहर आईं हों। कमलनाथ के प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ ही कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर हो गई थी। जिसका अंजादा अब टिकट वितरण में देरी होने से लगाया जा सकता है।

गौरतलब है कि टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया में विवाद हो गया था। जिसका सीधा प्रभाव सीईसी की बैठक पर पड़ा। 230 सीटों में से 190 पर कांग्रेस ने प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए हैं। शेष 40 नामों पर आज मंथन होना था। लेकिन विवाद को देखते हुए बैठक पर टाल दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैठक टलने की बात की पुष्टि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की है।

भाजपा के कटोरे को राजस्थान की जनता रख सकती हैं चुनावों में खाली : प्री पोल सर्वे

राजस्थान में कांग्रेस पार्टी सरकार बना सकती है। यह बात प्री पोल सर्वे में सामने आई हैं। राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीट हैं। सर्वे में 67 सीटों को शामिल किया गया है। सभी विधानसभाओं से 120 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें कुल 8040 (4250 पुरुष और 3790 महिलाएं) लोगों की प्रतिक्रया को शामिल किया गया है।

कांग्रेस बनाएगी सरकार?
सर्वे में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर है। अनुमान है कि कांग्रेस को 110-120 सीटें मिल सकती हैं। वहीं सत्ताधारी बीजेपी को 70-80 सीट मिलने का अनुमान है। बीएसपी 1 से 3 सीट जीत सकती है, वहीं 7-9 सीटों पर अन्य को जीत मिल सकती है।

कौन हो देश का पीएम?
देश भर के लोगों के दिमाग में चल रहे सवाल पर सर्वे में शामिल राजस्थान के 69 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे मोदी को फिर पीएम बनते देखना चाहते हैं। वहीं 23 प्रतिशत लोगों ने कहा कि राहुल गांधी को पीएम बनना चाहिए। 2 प्रतिशत लोग ऐसे भी थे जिन्होंने दोनों को समान बताया। 3 प्रतिशत लोगों को इनमें से कोई भी पसंद नहीं और 3 प्रतिशत ने इस पर कोई राय व्यक्त नहीं की।

केंद्र सरकार या राज्य सरकार बेहतर?
सर्वे में केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज के सवाल पर 63 प्रतिशत लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार ने अच्छा काम किया। वहीं 25 प्रतिशत लोगों ने वसुंधरा सरकार के काम को अच्छा कहा। 12 प्रतिशत लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। 53.4 प्रतिशत लोग केंद्र सरकार से बेहद खुश हैं।
विधायकों के कामकाज पर बोले वोटर
जब लागों से अपने क्षेत्र में विधायकों द्वारा किए गए कार्य पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो 40.7 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह इससे संतुष्ट हैं, वहीं 43.27 प्रतिशत लोग इससे असंतुष्ट नजर आए, जबकि 16.03 प्रतिशत लोगों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

क्या होगा सबसे बड़ा मुद्दा?
सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि आने वाले चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा क्या होगा तो 27 प्रतिशत लोगों ने कहा कि विकास सबसे बड़ा मुद्दा होगा। 35 प्रतिशत लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। 15 प्रतिशत लोगों ने महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। 10 प्रतिशत लोगों ने कहा कि लिंचिंग बड़ा मुद्दा होगा। 6 प्रतिशत लोगों ने एससी/एसटी ऐक्ट को और 10 प्रतिशत लोगों ने राफेल को राजस्थान चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बताया।

कैसा रहा वसुंधरा का शासन?
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के कामकाज के सवाल पर 48 प्रतिशत लोगों ने इसे खराब बताया, 35 प्रतिशत लोगों ने इसे अच्छा कहा। 12 प्रतिशत लोगों ने इसे सामान्य कहा और 5 प्रतिशत लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

किसने बेहतर काम किया?
सर्वे में जब वोटरों वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और पूर्व मुख्समंत्री अशोक गहलोत के कामकाज पर सवाल पूछा गया तो 31 प्रतिशत लोगों ने कहा कि गहलोत ने अच्छा काम किया। 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वसुंधरा ने अच्छा काम किया। 10 प्रतिशत लोगों को दोनों का काम पसंद आया। 14 प्रतिशत लोगों ने दोनों के काम को नकार दिया, वहीं 20 प्रतिशत लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी।

किन्नर समाज के प्रमुख अपने सथियों सहित हुए कांग्रेस में शामिल

ग्वालियर: किन्नर समाज के प्रमुख राज नायक ने अपने साथियों के साथ गुरुवार को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक सादा कार्यक्रम किन्नरों ने ना सिर्फ कांग्रेस की सदस्यता ली। बल्कि यह भी घोषणा की कि वे अपने समाज के लोगों को साथ लेकर ग्वालियर चंबल संभाग में भाजपा की नीतियों के खिलाफ प्रचार करेंगे। किन्नर राज नायक ने बताया कि उन्हें कांग्रेस की नीतियां बेहतर लगती हैं, जबकि बीजेपी के बारे में सब लोग जानते हैं। भाजपा जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है।उधर कांग्रेसी किन्नर समाज के साथ आने के बाद उत्साहित है। कांग्रेस का कहना है कि किन्नर समाज के 5 लोगों ने फिलहाल पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। लेकिन यह संख्या आने वाले दिनों में बढ़ेगी और किन्नर समाज भी कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के संकल्प को पूरा करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि सांसद सिंधिया ने भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है। इसलिए किन्नर समाज भी उनके इस संकल्प में साथ है और भाजपा को इस बार हार का मुंह देखना पड़ेगा।

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