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‘दूरियां’ खत्म हुई, कैलाश विजयवर्गीय बने अध्यक्ष

भोपाल 11 जून 2019 । मप्र बास्केटबॉल संघ में पिछले ११ साल से गिल और बंडी गुट में चल रहा विवाद शनिवार को अधिकृत रूप खत्म हो गया। दोनों गुटों ने मिलकर प्रदेश में खेल के विकास की योजना बनाते हुए अगले चार साल के लिए संगठन की नई कार्यकारिणई का आपसी सहमति से गठन कर दिया। प्रदेश की २७ जिला इकाईयों की मौजूदगी में करीब डेढ़ घंटे चली वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को चेयरमैन बनाया गया। हालांकि इंदौर में नहीं होने के चलते विजयवर्गीय खुद इस बैठक में शामिल नहीं हुए थी, हालांकि पूर्व में उनके द्वारा दिन और समय तय करने पर ही शनिवार को एजीएम बुलाई गई थी। अप्सरा होटल में हुई बैठक में कुलविंदर सिंह गिल को संगठन का नया अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि भूपेंद्र बंडी गुट के अविनाश आनंद को महासचिव बनाया गया है। यशवंत कुशवाह को एक बार फिर कोषाध्यक्ष चुना गया है। पिछले पांच से मप्र बास्केटबॉल संघ की चेयरमैन रहीं बीजेएम शर्मा ने इस बार कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। दोनों गुटों के बीच विवाद खत्म होने के बाद संगठन की कार्यकारणी का नए रूप में गठन किया गया हैा। एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष के अलावा सात उपाध्यक्ष, पांच सहसचिव और ९ कार्यकारिणी सदस्यों के अलावा तकनीकि कमेटी, रैफरी बोर्ड के चेयरमैन का चयन भी आम सहमति से किया गया है। सभी नियुक्तियों में दोनों गुटों से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है। भारतीय बास्केटबॉल संघ के आब्जर्वर भी मप्र की चुनावी एजीएम के लिए इंदौर आए थे। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद ही अगले महीने होने वाले सब जूनियर स्टेट चैंपिनयशिप की मेजबानी बंडी गुट के नेशनल बास्केटबॉल एकेडमी को सौंपी गई है। इसके अलावा जूनियर टूर्नामेंट की मेजबानी देवास जिला बास्केटबॉल संघ को सौंपी गई है। सीनियर टूर्नामेंट के लिए उज्जैन सहित दो अन्य इकाईयों ने मेजबानी मांगी है।

एनवक्त पर बदला फैसला

२००८ से ही कुलविंदर गिल और भूपेंद्र बंडी गुट में मतभेद शुरू हो गए थे। २०११ में विवाद इतना बढ़ गया था कि गिल ने दूसरे मप्र बास्केटबॉल संघ का रजिस्ट्रेशन करा लिया था। बीएफआई में भी उन्हें मान्यता थी। इस गुट से २०१४ से कैलाश विजयवर्गीय लगातार अध्यक्ष थे। शनिवार को होने वाले चुनाव में भी विजयवर्गीय को ही अध्यक्ष बनाने की तैयारी थी, लेकिन शुक्रवार को विजयवर्गीय ने राजनीतिक व्यस्तता के चलते अध्यक्ष के बजाय चेयरमैन बनने की इच्छा जाहिर की। दोनों गुटों में देर रात सहमति बनने के बाद उन्हें चेयरमैन बनाया गया।

अनुशासहिनता पर होगी सख्ती
एजीएम में प्रतियोगिता के दौरान खिलाडिय़ों द्वारा अनुशासनहिनता का मुद्दा भी उठा। पिछले करीब तीन साल से अधिकांश टूनाईमेंट में अनुशासनहिनता और विवाद की स्थिति बन रही थी। बैठक में तय किया गया है कि संगठन की एक अनुशासन समिति होगी जो सभी टूनाईमेंट पर नजर रखेगी। ऐसा करने वाले खिलाड़ी, कोच, रैफरी या अन्य कोई भी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ओवर एज खेलने वाले खिलाडिय़ो ंको भी बख्शा नहीं जाएगा।

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