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क्या माता-पिता की देखभाल नहीं करते मंत्री दीपक जोशी ?

भोपाल 30 जुलाई 2018 । देवास जिले की हाटपिपल्या से विधायक एवं मंत्री दीपक जोशी की पहचान आज भी पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी से होती है। कहते हैं कैलाश जोशी के कारण ही दीपक जोशी को भाजपा से टिकट मिला। दीपक जो टिकट दिलाने के लिए कैलाश जोशी भाजपा कार्यालय के बाहर कुर्सी लगाकर बैठ गए थे। शिवराज सिंह सरकार में भी दीपक जोशी को मंत्री पद कैलाश जोशी के कारण ही मिला लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या दीपक जोशी अपने पिता श्री कैलाश जोशी की देखभाल नहीं करते।

क्या है मामला

सवाल इसलिए क्योंकि करीब 90 वर्षीय कैलाश जोशी को सरकारी आवास के लिए एक ऐसा आवेदन देना पड़ा जो उनकी राजनीति और पहचान से इतर है।

दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं बंद कर दीं गईं। कैलाश जोशी भी पूर्व मुख्यमंत्री हैं, उन्हे एक सरकारी बंगला आवंटित था। हाईकोर्ट के आदेश के कारण आवंटन रद्द हो गया। कैलाश जोशी को मध्यप्रदेश में शुचिता की राजनीति का बैंचमार्क माना जाता है। इसी कारण उनका सम्मान भी है। वो मप्र के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हैं लेकिन इस मामले में शुचिता लापता हो गई, केवल राजनीति रह गई। कैलाश जोशी ने बंगले का आवंटन रद्द हो जाने के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ा। 90 साल के वयोवृद्ध कैलाश जोशी ने सरकार को एक आवेदन दिया कि वो इन दिनों समाजसेवा कर रहे हैं इसलिए बंगला आवंटित कर दिया जाए। सीएम शिवराज सिंह ने अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए वही बंगला फिर से आवंटित कर दिया। बंगला तो उमा भारती और बाबूलाल गौर को भी आवंटित किया गया परंतु उनकी बात इस संदर्भ में नहीं की जा सकती, क्योंकि ये दोनों पूर्व मुख्यमंत्री शुचिता की राजनीति के प्रतीक नहीं हैं।

सवाल क्यों उठा रहा है

कैलाश जोशी मध्यप्रदेश की राजनीति में शुचिता के प्रतीक हैं। जनता के लिए उन्होंने जीवन भर काम किया। हालांकि उनको पर्याप्त पेंशन मल रहीहै परंतु हाईकोर्ट के आदेश से इतर नैतिकता की बात करें तो एक अदद सरकारी आवास पर उनका हक बनता है लेकिन सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि राजनीति में उनके योगदान के बदले उन्हे पेंशन तो मिल ही रही है, परंतु भाजपा ने उनके बेटे दीपक जोशी को ना केवल विधानसभा का टिकट दिया बल्कि दीपक जोशी को मंत्री भी बनाया। अब दीपक जोशी के पास भी बड़ा सा सरकारी आवास है। तो फिर क्या कारण है कि कैलाश जोशी को अलग से सरकारी बंगले की जरूरत हुई। क्या दीपक जोशी, अपने पिता श्री कैलाश जोशी की देखभाल नहीं करते।

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