मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> कांग्रेस के चिंतन शिविर में कपिल सिब्बल के जाने पर संशय, क्या राजद्रोह कानून है कारण?

कांग्रेस के चिंतन शिविर में कपिल सिब्बल के जाने पर संशय, क्या राजद्रोह कानून है कारण?

नयी दिल्ली 12 मई 2022 । कांग्रेस पार्टी का चिंतन शिविर शुरू होने में एक दिन का समय बाकी है। इसी बीच वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के इस कार्यक्रम में शामिल होने पर संशय बना हुआ है। खबर है कि उन्होंने अभी तक अपनी मौजूदगी की पुष्टि नहीं की है। खास बात है कि लंबे समय से पार्टी के नेतृत्व में बदलाव की मांग कर रहे सिब्बल ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के 400 लोगों की सूची में शामिल हैं, जिन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद ने अपनी भागीदारी को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है। साथ ही रिपोर्ट में AICC पदाधिकारी के हवाले से भी बताया गया है कि सिब्बल की तरफ से पुष्टि होना अभी बाकी है। हालांकि, सिब्बल खुद को हमेशा ‘प्रतिबद्ध कांग्रेसी’ के रूप में पेश करते हैं। कांग्रेस को दोबारा जीवित करने के लिए वह हमेशा नेतृत्व में बदलाव और कामों में सुधार का समर्थन करते रहे हैं।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून पर रोक लगा दी है। अब कोर्ट में इस कानून को लेकर जंग में भी सिब्बल मजबूत किरदार निभा रहे हैं। एक ओर जहां राहुल गांधी और रणदीप सुरजेवाला ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। वहीं, वे सिब्बल की भूमिका पर चुप रहे। खास बात है कभी AICC अपनी आधिकारिक ब्रीफिंग्स में लॉयर को खासतौर पर बताती थी। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेता किसी हाई प्रोफाइल केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच रहे हैं। इससे पहले भी वह नागरिकता संशोधन के विरोध, निजता का अधिकार, मराठा कोटा और जहांगीरपुरी में विध्वंस का मामला भी अदालत में संभाल चुके हैं। फिलहाल, वह खनन विवाद में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पैरवी कर रहे हैं।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

‘राजपूत नहीं, गुर्जर शासक थे पृथ्वीराज चौहान’, गुर्जर महासभा की मांग- फिल्म में दिखाया जाए ‘सच’

नयी दिल्ली 21 मई 2022 । राजस्थान के एक गुर्जर संगठन ने दावा किया कि …