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अचानक बर्फबारी के कारण कश्मीर में सेब के किसानों को 500 करोड़ रुपये का नुकसान

नई दिल्ली 7 नवम्बर 2018 । जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले के जावोरा गावों के इरफ़ान अहमद ने इस वर्ष सेब की खेती शुरू किया था और पेड़ों पर भरपूर फसल होने के कारण वह बेहद खुश भी थे लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंज़ूर था. नवंबर के महीने में बर्फबारी होने का इनको ख्याल भी ना था मगर अचानक दो दिन पहले कश्मीर घाटी में बर्फ होने के कारण इनका12 कनाल का सेब का बाग तबाह हो गया. जिस बाग से इन्हें करीब 21 लाख के सेब होने की उम्मीद थी उस बाग के पेड़ ज़मीन पर आ गिरे. जो सेब का माल पैक हुआ था और जिसके दिल्ली में दीपावली पर अच्छे दामों पर बिकने की उम्मीद थी वो जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने के कारण रुक गया. इनमें से काफी माल ख़राब हो गया है.

इरफ़ान के मुताबिक “यह केवल इस साल के नुकसान की ही बात नहीं है बल्कि जिस तरह पेड़ टूटे है उसे यह लगता है कि आने वाले कई सालों तक अब फसल अच्छी नहीं होगी. बस अब केवल सरकार की मदद की उम्मीद है ताकि कुछ भरपाई हो सके”.

दरअसल राज्य के सेब किसानों को इतनी जल्दी बर्फबारी की उम्मीद नहीं थी. बहुत सी फसल को अभी पेड़ों से उतरा भी नहीं गया था, कुछ जमीन गिरने से ख़राब हो गई है. सेब की कुछ किस्में ऐसी भी हैं जो पकी भी नहीं है. अचानक बर्फबारी के कारण सेब बागों के पेड़ टूट गए. दक्षिण कश्मीर के कई क्षेत्रों जैसे शॉपियां, पुलवामा, अनंतनाग से ऐसे ही नुकसान की खबर हैं. उत्तरी कश्मीर में सोपोर, बारामूला, कुपवाड़ा हर जगह सेब की खेती को बेहद नुकसान हुआ है.

राज्य के कई किसान रास्ते पर आ गए हैं, कई किसानों ने बैंकों से कर्जा ले रखा है, इन किसानों का कहना है अगर वक्त पर राहत राशि नहीं मिली तो बेहद कठिन समय देखना पड़ेगा. सेब व्यापारी मोहम्मद यासीन ने बताया ” हमने सोचा भी नहीं था कि बर्फ इतनी जल्दी होगी, इस अचानक बर्फ ने सब ख़त्म कर दिया. पेड़ और फल दोनों को बुरी तरह नुकसान हुआ है, अब बैंक के कर्जे के भरपाई कैसे होगी, कुछ समझ नहीं आता”.

कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (केसीसीआई) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, “अनंतनाग समेत विभिन्न इलाकों से प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. इनमें पेड़, फल, बाग सब को बहुत नुकसान हुआ है. हम पूरे समुदाय से अपील करते हैं कि संकट में हमारे किसान भाइयों के साथ खड़े रहें और जो भी संभव हो, मदद करे.” उस पर जो फसल दिल्ली जा रही थी वो भी रास्ता बंद होने के कारण नहीं जा पा रही है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सड़क पर विभिन्न स्थानों पर फलों को लेकर लगभग 5,000 ट्रक फंसे हुए है और दीपावली पर माल दिल्ली ना पहुंचने के कारण नुकसान दुगना होगा.

वहीं राज्य्पाल ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को नुकसान का आंकलन जल्द से जल्द करने के आदेश दिए और इन किसानों को यकीन दिलाया कि उनकी भरपूर मदद की जाएगी. राज्यपाल सत्य पाल मालिक ने सोमवार को जम्मू में दरबार खुलने पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए घोषणा की ” सरकार उन किसानों को मुआवजा देगी जिन्होंने कश्मीर में बर्फबारी के कारण अपनी फसलों को खो दिया था”. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने कश्मीर में होने वाले नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.”

कई सालों बाद कश्मीर में नवंबर के शुरुआती दिनों में बर्फबारी होने से पर्यटन उद्योग में तो उत्साह आया था, मगर कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी यहां के फलों की इंडस्ट्री को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा, दूसरी तरफ राज्य के कई हिस्सों में अंधेरे छा गया क्योंकि बर्फ के कारण 43,000 केवी बिजली हाई टेंशन लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि घाटी में 80 प्रतिशत बिजली बहाल कर दी गई है, फिर भी कई जगह अंधेरे में हैं. बर्फ के सफेद कंबल देखने में सुहाने लगते है, लेकिन इस बार यह स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी लेकर आए है. अब हर नज़र सरकार की राहत पर टिकी हुई है.

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