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19 लॉकडाउन के दौरान जनऔषधि केन्द्रों ने अप्रैल, 2020 में रिकॉर्ड 52 करोड़ रुपये काबिक्री टर्नओवर प्राप्त किया

नई दिल्ली 4 मई 2020 । कोविड-19 लॉकडाउन के कारण खरीद और लोजिस्टिक्स बाधाओं के बावजूद प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र– पीएमबीजेकेए के द्वारा अप्रैल, 2020 में रिकॉर्ड 52 करोड़ रुपये का बिक्री टर्नओवर प्राप्त किया गया।मार्च 2020 में कुल विक्री 42 करोड़ रुपये और अप्रैल 2019 में 17 करोड़ रुपये थी।
कोविड-19 महामारी के कारण पूरा देश गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की मांग बहुत अधिक है।इस मांग को पूरा करने के लिए जन औषधि केन्द्रों ने लोगों को अप्रैल 2020 के दौरान रिकॉर्ड 52करोड़ रुपये मूल्य की सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति की। इससे आम लोगों को लगभग 300 करोड़ रुपये की बचत हुई क्योंकि जन औषधि केन्द्र की दवाएं, औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती हैं।

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रीश्री डीवी सदानंद गौड़ा और केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने रिकॉर्ड बिक्री टर्नओवर प्राप्त करने और देश की जरूरत के वक़्त विपरीत परिस्थितियों में भी बिना रुके व बिना थके काम करने के लिए जन औषधि केन्द्रके संचालकों को बधाई दी है।

श्री गौड़ा ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रधान मंत्री भारतीय जनऔषधिपरियोजना (पीएमबीजेपी) के माध्यम से, उनका मंत्रालयदेश के लोगों को किफायती दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहे।

भारत सरकारकोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में, पीएमबीजेपीजैसी उल्लेखनीय योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है, जो 900 से अधिक गुणवत्ता वाली जेनेरिक– दवाओंऔर 154 सर्जिकलउपकरणों का विकल्प दे रहा है। ये दवाएं और उपकरण देश के प्रत्येक नागरिक के लिए किफायती कीमतों पर उपलब्ध हैं।

ब्यूरो ऑफ फार्मा पीएसयू ऑफ इंडिया (बीपीपीआई) के सीईओ श्री सचिन कुमार सिंह ने कहा है कि बीपीपीएल ने‘जन औषधि सुगम मोबाइल ऐप’ विकसित किया है ताकि लोगों को अपने नजदीकी जनऔषधि केंद्रों का पता लगाने में मदद मिल सके और उन्हें किफायती कीमत पर जेनेरिक दवाएं उपलब्धहों। लगभग 325000 लोग इस ऐप का उपयोग कर रहे हैं। इस ऐप के माध्यम से लोग उपयोगकर्ता – अनुकूल विभिन्न विकल्पों का लाभ उठा सकते हैं, जैसे जनऔषधि केंद्र तक पहुँचने का लिए गूगल मैप का उपयोग करना, जेनेरिक दवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना, एमआरपी और कुल बचत के आधार पर जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं की तुलना व विश्लेषण करना आदि। यह ऐप एंड्राइड और आई – फ़ोन, दोनों ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध है।

वर्तमान में, देश के 726 जिलों को कवर करते हुए 6300 से अधिक पीएमजेकेएकार्य कर रहे हैं। लॉकडाउन अवधि में पीएमबीजेपी अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सूचनात्मक पोस्ट के माध्यम से लोगों में जागरूकता पैदा कर रही है ताकि उन्हें कोरोना वायरस से बचाव में मदद मिल सके।

नासिक से ट्रेन से भोपाल पहुँचे 347 लोग । अब तक प्रदेश में वापस लाये गये 50 हजार श्रमिक

कोरोना संक्रमण के कारण अन्य प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के लगभग 50 हजार श्रमिक आज तक प्रदेश वापस लाए जा चुके हैं। इसी तरह, प्रदेश के विभिन्न जिलों में फँसे करीब 38 हजार श्रमिकों को पिछले 8 दिनों में उनके गृह स्थान पर पहुँचाया जा चुका है। आज नासिक से ट्रेन से 347 लोग भोपाल लाये गये।

अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल-रूम श्री आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है कि आज 2 मई को गुजरात से करीब 6 हजार लोग लाये गये हैं। श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और भोजन-पानी की व्यवस्था के बाद उन्हें उनके गृह स्थानों की ओर रवाना किया जा रहा है। लगभग 2 से 3 हजार लोग प्रतिदिन पैदल प्रदेश में वापस आ रहे हैं। उन्होंने बताया है कि तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, गोवा एवं महाराष्ट्र से भी ट्रेनों से श्रमिकों को लाने की कार्यवाही की जा रही है।

किसानों को फसल बेचने मंडी जाने की अनिवार्यता नहीं

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिये मण्डी जाने की अनिवार्यता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्राइवेट मण्डी, ई-ट्रेडिंग और व्यापारी द्वारा किसान से सीधे फसल क्रय करने की व्यवस्था की गई है। इसका किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है। श्री चौहान ने कहा कि किसानों की भलाई के लिये अगर जरूरी हुआ तो अन्य नियमों ओर प्रक्रियाओं में संशोधन किया जाएगा। श्री चौहान ने आज मंत्रालय में किसानों से ऑडियो ब्रिज के माध्यम से चर्चा करते हुए यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि भारत सरकार की गाईडलाइन के मुताबिक गेहूँ उपार्जन और मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में श्रमिकों को रोजगार देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के इस दौर में किसानों के हित में सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। गेहूँ खरीदी का काम सरकार ने प्रारंभ कर दिया है, जो सुचारु रुप से चल रहा है। इसके साथ ही अन्य रबी फसलों को खरीदने की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कोरोना को नियंत्रित करने के लिये सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि कोरोना के विरूद्ध इस जंग को हम अवश्य जीतेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना संकट के कारण वे स्वयं राज्य के किसी भी स्थान पर जाकर स्थितियाँ नहीं देख पा रहे हैं। इसलिए भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार कार्य करते हुए वीडियो कान्फ्रेंसिंग, टेलीफोन, ऑडियो ब्रिज और अन्य संचार माध्यमों से आमजन से जुड़कर सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी निरंतर सभी लोगों को दे रहे हैं। साथ ही कोरोना पर नियंत्रण के प्रयास भी कर रहे हैं।

दूर से करें राम-राम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सोशल डिस्टेसिंग के पालन पर सभी को ध्यान देना है। उन्होंने आग्रह किया कि आपस में दो गज की दूरी के नियम का पालन करना है। सभा और समारोह आयोजित नहीं करना है। प्रत्येक व्यक्ति फेस मॉस्क अथवा गमछे का उपयोग करे, जिससे नाक एवं मुँह ढंका रहे। इसके साथ ही, कहीं भी थूकने अथवा गंदगी फैलाने का काम नहीं होना चाहिए। हाथ मिलाने से भी बचना है। दूर से ही राम-राम करना है।

सबको मिला राशन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पच्चीस श्रेणियों में उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। प्रारंभ में तीन माह और बाद में दो माह का राशन देने की व्यवस्था की गई है। इस माह के प्रथम सप्ताह तक सभी को इसका वितरण हो जाएगा। उन्होंने आग्रह किया कि ग्राम स्तर पर कार्यकर्ता और समाजसेवी इस कार्य पर नजर रखकर सुनिश्चित करें कि सभी को पैसा प्राप्त हो जाए। श्री चौहान ने विभिन्न योजनाओं में जनता को दी गई सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आयुर्वेदिक काढ़े के संबंध में बताया कि यह व्यक्ति की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने में उपयोगी है। यह काढ़ा राज्य में बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।

योद्धाओं को प्रणाम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन सभी कोरोना योद्धाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जिन्होंने कोरोना वाइरस से प्रभावित नागरिकों के उपचार और देखभाल की जिम्मेदारी निभायी है। श्री चौहान ने स्थानीय निकायों के कर्मचारियों, राजस्व कार्मियों और पुलिस के जवानों की सेवाओं की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह रैना अंधेरी बीतेगी, पतवार चलाते जाएंगे। मंजिल आएगी, जरूर आएगी।

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