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पूरी प्रचार अवधि में भाजपा ने ना विकास पर बात की

भोपाल 27 नवम्बर 2018 । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि अब चूंकि मतदान का समय आ गया है। यह चुनाव प्रदेश के भविष्य का चुनाव है। यह प्रदेश की दशा-दिशा व भविष्य तय करेगा। इसलिये मतदान करने के पूर्व एक बार जरूर सोच-विचार करें। किन लोगों ने आपको पिछले 15 वर्ष से झूठे सपने दिखाए हैं, झूठे वादे, खोखले दावे किये हैं, वे ही अब फिर इस चुनाव में सत्ता हथियाना चाहते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा। हमें इस चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब जरूर देना है, जो लोग इन 15 वर्षों में प्रदेश को विकास में अव्वल तो नहीं बना पाए, अपितु महिलाओं के दुष्कर्म, किसानों और युवाओं की आत्महत्या, बेरोजगारी, कुपोषण, अवैध उत्खनन, भ्रष्टाचार-घोटालों में जरूर प्रदेश को शीर्ष पर ले आये। वे किस मुंह से फिर अगले 5 वर्ष के झूठे सपने दिखा रहे हैं, झूठे वादे कर रहे हैं? ऐसे लोगों को इस चुनाव में जवाब जरूर देना है।
नाथ ने कहा कि आज मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार की अवधि समाप्त हो चुकी है। हमे उम्मीद थी कि इस प्रचार अवधि में प्रदेश के विकास का हिसाब किताब सामने आयेगा। विकास पर चर्चा होगी। प्रदेश के विकास का रोडमेप तय होगा। लेकिन पूरी प्रचार अवधि के दौरान यदि बात करें शिवराज सिंह चैहान की जन आशीर्वाद यात्रा की, जनादेश यात्रा की, इनके महाजनसंपर्क अभियान की, इनके देश भर के बड़े नेताओं के दौरों व सभाओं की तो किसी ने भी ना विकास पर बात करी, ना प्रदेश के मुद्दे पर बात करी, ना अपने 15 साल के कार्यों का हिसाब किताब दिया, ना कांग्रेस के बार-बार पूछे गये सवालों का जवाब दिया? किया तो सिर्फ मुद्दों से भटकाने का काम, झूठ परोसने का काम और प्रदेश की भोली-भाली जनता को गुमराह व भ्रमित करने का काम।
नाथ ने कहा कि कांग्रेस के वचन पत्र में शामिल विभिन्न जन हितैषी मुद्दों पर इन्होंने बात नहीं की। इन्होंने तो वचन पत्र के नाम पर भी जनता को झूठ परोसा। उसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया। प्रदेश की भोली-भाली जनता को गुमराह व भ्रमित करने का असफल काम किया। भाजपा ने न किसानों की कर्ज माफी पर बात करी, ना ही खेती को लाभ का धंधा बनाने पर बात करी, ना ही गोलीकांड में मृत किसानों को न्याय दिलाने की बात करी, ना ही युवाओं को रोजगार देने की बात। ना इन्होंने महिलाओं को सुरक्षा देने पर बात की, ना अवैध उत्खनन रोकने पर बात करी। ना इन्होंने छलनी हो चुकी है माँ नर्मदा को वास्तविक स्वरूप देने पर बात करी। ना कुपोषण, ना भ्रष्टाचार-घोटाले रोकने पर बात करी, ना संविदाकर्मियों के बारे में बोला, ना अध्यापक वर्ग की चिंता की। ना कर्मचारियों के हित की कोई बात करी, ना जीएसटी-नोटबंदी की मार झेल रहे व्यापारियों को राहत देने की कोई बात करी। इन्होंने तो सिर्फ पूरे प्रचार अवधि के दौरान जनता को वास्तविक मुद्दों से भटकाने, गुमराह-भ्रमित करने की बात की है। इन्होंने बात की राष्ट्रीय मुद्दों, धार्मिक मुद्दों और व्यक्तिगत आरोपो की। इस दौरान जनता को जमकर झूठ परोसा।
देश के प्रधानमंत्री भी मध्य प्रदेश के दौरे पर आए तो उन्होंने भी एक भी सभा में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के 15 सालों के कामों पर बात नहीं करी। भविष्य की योजनाओं पर बात नहीं करी, विकास पर बात नहीं करी। उन्होंने भी व्यक्तिगत और राष्ट्रीय मुद्दों पर तोड़ मरोड़ कर बातें की। जनता को गुमराह व भ्रमित करने का प्रयास किया। वही शिवराजसिंह चैहान तो निरंतर अपने भाषणों में झूठ परोसते रहे। पूरे समय ये कांग्रेस नेताओं को कोसते रहे। कांग्रेस के सवालों के जवाब देने से बचते रहे। आश्चर्यजनक यह है कि अपने 15 वर्षों के कामों का जवाब देने के बजाय उलटा ये विपक्ष से ही सवाल पूछने लग गये।
अब प्रदेश की जनता को तय करना है उसे क्या निर्णय लेना है? हम तो निरंतर इनसे हिसाब-किताब माँगते रहे। पूरी अवधि के दौरान यह हम पर झूठे आरोप लगाते रहे। हमें कुर्सी के मोह वाला बताते रहे। जबकि सब जानते हैं हम 15 वर्ष से विपक्ष में है। शिवराज सिंह चैहान से खुद कुर्सी का मोह नहीं छूट रहा है। वे कुर्सी से चिपके हुए है। कैसे उन्हें दोबारा 5 साल की कुर्सी मिल जाए, इसी में लगे हुए हैं।
पूरे विश्व में छिंदवाड़ा की अलग पहचान हैं: कमलनाथ
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज छिंदवाड़ा जिले में आयोजित जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आपने छिंदवाड़ा में वो वक्त भी देखा है जब दूर-दूर तक बिजली के खंभे नहीं हुआ करते थे। वह समय भी देखा है जब पटरियों पर केवल मालगाड़ी दौड़ा करती थी और पैसेन्जर गाड़ियां नहीं हुआ करती थी। कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं थी, स्कूल नहीं थे। वह भी एक छिन्दवाड़ा था, जहां पातालकोट में हम तीन दिन पैदल चला करते थे। वहां के लोगों का दुनिया से कोई संबंध नहीं था। केवल नमक के लिए वहां के लोग बाहर आया करते थे।
नाथ ने कहा कि याद है वह समय, जब जंगली आम की गुठली को सुखाकर आटा बनाते थे। महुआ से शराब बनाया करते थे और उसके पत्तों से अपनी सब्जी बना लेते थे, वह भी एक छिंदवाड़ा था। अब आप पातालकोट जाईए, मैं अभी वहीं से ही आ रहा हूं, वहां अस्पताल है। पहले जो धोती और पायजामे में चलते थे, वे नौजवान आज जिंस पहनकर घूमा करते हैं। छिंदवाड़ा की पहचान पूरे प्रदेश में है। आज से 38 साल पहले जब छिंदवाड़ा को मैंने अपनी जवानी समर्पित की थी, कहा था कि मैं छिंदवाड़ा की एक अलग पहचान बना लूंगा।
कमलनाथ ने कहा कि आज मध्यप्रदेश में ही नहीं पूरे देश में छिंदवाड़ा की एक अलग पहचान है। किसान आत्महत्या में मध्यप्रदेश में नंबर वन, बेरोजगारी में नंबर वन है। शिवराजसिंह कहते हैं कि मेरा काम तो अभी अधूरा रह गया है, मुझे और वक्त दो। यह तस्वीर आज आपके सामने है। इस भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश के हर वर्ग को ठगा है। कहते हैं कि मैं किसान का बेटा हूं। कैसे किसान के बेटे हो, जो पेट पर तो लात मारते हो और छाती पर गोली मारते हो। कितना धोखा दिया है, आपने किसानों को, कितना अपमान किया है किसानों का। छह सौ करोड़ रूपये नर्मदा किनारे वृक्षारोपण के नाम पर खर्च कर दिये, लेकिन वहां एक भी पौधा जीवित नहीं दिखता। कहते हैं नर्मदा साफ करेंगे, ये सिर्फ बोलने की ही बातें हैं। मैं तो कहता हूं कि पहले अपना दिल साफ करें फिर नर्मदा साफ करने की सोचना।
सिंगोड़ी की सभा में कहा कि भाजपा कोरी घोषणाऐं कर गुमराह करने की राजनीति करती है। प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। प्रतिवर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने और 50 हजार करोड़ का निवेश होने की घोषणाऐं झूठी साबित हुईं। नोटबंदी, जीएसटी ने अर्थव्यवस्था बिगाड़ दी। यहां तक कि पारिवारिक बोझ उठाने वाली महिलाओं की जमा पूंजी भी लूट ली गई। मोरडोंगरी की सभा में कहा कि सरकार ने नौजवान और किसान दोनों को ठगा है। नये उद्योग तो लगे नहीं, बल्कि पुराने बंद हो गये। किसानों को उनकी उपज का पचास प्रतिशत मूल्य भी नहीं मिला। अब भाजपा को बिदा करने का अवसर आया है। प्रदेश की सुख-शांति और प्रगति के लिए समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए अपना अमूल्य मत कांग्रेस प्रत्याशी को दें।
जामई और दमुआ की सभा को संबोधित करते हुए नाथ ने कहा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार की व्यवस्था दी है। गरीब और किसान अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए पिछले 15 वर्षों से भटक रहा है। वास्तविक गरीब सूची से बाहर हैं। परंतु किसी को इस सूची में नाम जुड़वाना हो तो 15 हजार रूपये लाओ और गरीब बन जाओ।

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