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अडसठ फीसदी बचपन में मिर्गी के शिकार

उज्जैन 5 जनवरी 2019 । विश्व में 5 करोड तथा भारत में 1.5 करोड लोग मिर्गी रोग के शिखार है। किसी व्यक्ति को अचानक झटके आने लगे, बेहोश या सुन हो जाए , व्यवहार मे परिवर्तन या याददाश्त मे कमी का अहसास हो तो इसे भूत-प्रेत का चक्कर समझ झाड़ – फूक मे समय न बर्बाद करे। यह मिर्गी का दौरा हो सकता है।
मिर्गी रोग के शिकंजे मे फंसे अधिकांश लोगो को यह रोग बचपन मे ही अपनी गिरफ्त में ले लेती है। बीस साल की उम्र को पार करने से पहले ही 68 प्रतिशत रोगी इस बीमारी का शिकार हो जाते है। मध्यप्रदेश मे तीन लोग प्रति हजार इस रोग से पीडित है।
यह खुलासा इंडियन एपिलेप्सी एसोसिएशन के कार्यकारी सदस्य डॉ नरेश पुरोहित ने त्रिवेंद्रम स्थित श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्‌यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नॉलॉजी मे “मिर्गी कोई असाध्य रोग नही” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी शोध सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए किया I
डॉ नरेश पुरोहित ने पिछले 5 सालो में यूनीसेफ के तहत् अलीराजपूर जिले के कुल 25 गांवो मे किए गए मिर्गी रोग सर्वेक्षण मे 620 रोगियों में इस रोग को पाया जिनमें से 39.9 प्रतिशत रोगी ऐसे थे जो दस साल के होने से पूर्व, 31.3 प्रतिशत रोगी बीस साल, 15.2 प्रतिशत रोगी तीस साल , 9. 13 प्रतिशत रोगी चालीस साल और 7.49 प्रतिशत रोगी पचास साल की उम्र तक इस रोग का शिकार हुए । इसके पश्चात की उम्र में रोग के होने के मामले न के बराबर थे। इसके अलावा महिला रोगियों से ज्यादा पुरुषो मे यह रोग ज्यादा पाया गया।
उन्होने रिपोर्ट में बताया कि मिर्गी रोग का मुख्य कारण आनुवंशिक जीन नही है । केवल 4. 2 रोगियों मे इस रोग का स्थानान्तरण पीढी दर पीढ़ी होता है ।शेष अन्य कारणो से प्रभावित होते है।
सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार मिर्गी रोग को भूतन प्रेत का प्रकोप मानने के भ्रम में रोगी को समय पर उपचार नही मिल पाता है एवं बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है। उपचार सें पूर्व करीब 27 प्रतिशत रोगियों को अंधविश्वास के चंगुल में फंसकर उनके परिजन काले जादू से इलाज कराने को ले जाते है। इससे रोगी का इलाज तो सही नही हो पाता किंतु रोग और बढ़ जाती है।
मुख्य कारण: प्रसव के समय शिशु को ठीक तरीके से आक्सीजन नही मिलना ।
– तेज बुखार होना ।
– बचपन में सिर मे किसी दुर्घटना मे चोट लगना।
– मस्तिष्क ट्यूमर
– संक्रमित बीमारियां जैसे क्षय रोग, मैनिजाइटिस होने से |

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