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शुरू होगी मीटर रीडिंग, फिर आएगा मई का बिजली बिल

 भोपाल 25 मई 2020 । मई माह में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को असल बिल जारी किया जाए, इसके लिए मई माह से सभी विद्युत उपभोक्ताओं के यहां मीटर रीडिंग की जाएगी। इसी रीडिंग के आधार पर बिल जारी किया जाएगा। अप्रेल माह में लॉक डाउन के चलते रीडिंग नहीं हो पाई थी, जिस कारण उपभोक्ताओ को औसत बिल जारी किए गए। जिसने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी थी।
पिछले वर्ष के आधार पर जारी किया गया था बिल
अप्रेल में जो बिजली कंपनी ने जारी किया था, वह वर्ष 2019 के अप्रेल माह के बिल के अनुरूप था। यही कारण था कि उपभोक्ताओं को कंपनी ने अधिक बिज जारी कर दिया। जानकारी के अनुसार कंपनी के पास हजारों शिकायतें बिल में सुधार की पहुंची हैं, जिन पर अब तक काम पूरा नहीं किया जा सका। लॉकडाउन के नियमों में आई शिथिलता के चलते मई 2020 में मीटर रीडिंग का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत के आधार पर बिजली बिल जारी किए जा सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं की पिछले दो माहों में रीडिंग नहीं हो पाई थी, उनकी कुल खपत में से मार्च एवं अप्रेल माह में जारी की गई औसत खपत को घटाकर शेष खपत का बिजली बिल मई 2020 हेतु जारी किया जाएगा ।
योजना का मिलेगा लाभ
अप्रैल की औसत बिलिंग भले ही अप्रेल 2019 को आधार मानकर की गई थी, लेकिन उपभोक्ताओं की इंदिरा गृृह ज्योति योजना का लाभ दिया जाएगा।उपभोक्ता कंपनी की वेबसाइट के अलावा स्मार्ट बिजली मोबाइल एप, एम.पी.आंन लाइन कियोस्क, पेटीएम, अमेजांन, गूगलपे, एअरटेल बैंक, यूपीआई, फोन पे से भी बिलों का भुगतान कर सकते हैं।

जून माह से चेक के माध्यम से नहीं लिया जाएगा बिजली बिल

मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में अब बिजली उपभोक्ताओं से चेक के माध्यम से बिजली बिल का भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उपभोक्ता हित को देखते हुए कंपनी ने यह निर्णय लिया है ।

गौरतलब है कि मैदानी अधिकारियों द्वारा अस्वीकृत (Dishonour) चेक की डिमांड विद्युत देयक में नहीं की जाती है। अस्वीकृत चेक की राशि उपभोक्ताओं से प्राप्त होने के बाद सीसीएनबी/ आरएमएस के माध्यम से समायोजन किया जाता है। अस्वीकृत चेक बैंक से प्राप्त होने के बाद उनकी वसूली होने तक जहाँ कंपनी को राजस्व हानि होती है, वहीं उपभोक्ता को कानूनी मामले में फंसने की सम्भावना रहती है।

कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने इस संबंध में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभी तक प्राप्त सभी चेक बैंक में जमा कर बिल की राशि कंपनी के खाते में तत्काल जमा कराएं। उन्होंने यह भी कहा है कि अस्वीकृत चेक की राशि संबंधित उपभोक्ता के बिजली बिल में जोड़कर वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

प्रबंध संचालक ने कहा कि वितरण केंद्र/ ज़ोन कार्यालय में यदि कोई व्यक्ति चेक के माध्यम से बिजली बिल भुगतान के लिए आता है तो संबंधित वितरण केंद्र/ज़ोन प्रभारी उसे ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रोत्साहित करें । ऑनलाइन भुगतान के संबंध में UPAY App, फ़ोन पे, अमेज़ॉन पे, कॉमन सर्विस सेंटर, कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in और अन्य ऑनलाइन भुगतान के विकल्पों की जानकारी भी दें।

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