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ऊर्जा मंत्री ने किया गोविंदपुरा विद्युत स्टेशन का निरीक्षण

भोपाल 8 जनवरी 2019 । ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भोपाल में 220 के.वी. विद्युत सब-स्टेशन गोविंदपुरा, कॉल सेंटर और स्काडा का निरीक्षण किया। सिंह ने कहा कि शहरों के साथ ही गाँवों में भी ट्रिपिंग नहीं होना चाहिए। सिंह ने स्काडा से विद्युत आपूर्ति की मानिटरिंग की प्रणाली के बारे में जानकारी ली। इसके माध्यम से कब-कहाँ बिजली बन्द हुई, की जानकारी रिकॉर्ड की जाती है।

एप से मिलेगी उपभोक्ताओं को जानकारी

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ऐसा एप बनायें कि सभी अधिकारियों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी आपूर्ति और बिजली बंद होने की जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि कॉल सेंटर में मात्र 9 हजार काल रिसीव हुए हैं, यह बहुत कम है। उपभोक्ताओं तक कॉल सेंटर नम्बर 1912 को पहुँचाया जाये। सिंह ने ए.टी.पी. मशीन भी देखी। उन्होंने कहा कि स्वेप मशीन युक्त ए.टी.पी. मशीन लगायी जायें। पहले चरण में जिला स्तर पर लगाया जाय।

विधि-विधायी कार्य मंत्री पी.सी शर्मा बोले जल्द लाया जाएगा एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट

कल एडवोकेट एसोसिएशन फॉर जूनियर नव वर्ष मिलन समारोह के दौरान सभा को सम्बोधित करते हुए जनसम्पर्क मंत्री, विधि-विधायी और विज्ञान एवं प्राद्यौगिकी मंत्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार 55 लाख किसानों का कर्ज माफ कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना में अब 51 हजार रुपये दिये जायेंगे। शर्मा ने कहा कि भोपाल से वायु सेवाएँ बढ़ायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार नये कोर्ट खोले जायेंगे।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी इस मौके पर कहा कि अधिवक्ता समाज में अच्छा वातावरण बनाने और गरीबों को न्याय दिलवाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता संकट मोचक होते हैं। पटेल ने कहा कि आपके मार्गदर्शन का हमेशा स्वागत रहेगा।

जनजातीय कार्य एवं जनजातीय कल्याण मंत्री ओंकार सिंह मरकाम ने कहा कि अधिवक्ताओं के सुझावों को हमेशा प्राथमिकता दी जायेगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने भी संबोधित किया।

शिवराज जी ,13 साल में तीन बार भी वन्देमातरम नहीं गाया- अभय दुबे
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष अभय दुबे ने जारी अपने एक बयान में कहा है कि जिन्होंने मध्यप्रदेश की वंदना करने की अपेक्षा उसे वेदना दी हो,जिन्होंने राष्ट्रगीत पर भी सिर्फ़ राजनैतिक रोटियाँ सेंकी हो, उनसे अपेक्षा भी क्या की जा सकती है? दुबे ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 13 साल में 3 बार भी महीने की पहली तारीख़ को वल्लभ भवन जाकर वन्देमातरम नहीं गाया। लगता है उन्हें राष्ट्रगीत पर भी ओछी राजनीति का रंग ही रास आया। आज भी भाजपा को वन्देमातरम का भावार्थ समझ नहीं आया।
उन्‍होंने कहा कि 3 दिनों से बीजेपी के सारे विधायक मीडिया के डर के मारे वन्देमातरम का अर्थ जाने बगैर तोता रटन्त की तरह वंदे मातरम रट रहे हैं। नकारात्मक भूमिका से भाजपा के अंक जनता की नज़रों में लगातार घट रहे हैं। आइए,जानते हैं 13 साल में आख़िर शिवराज ने कैसा वन्देमातरम गाया, मध्यप्रदेश की वंदना का कितना फ़र्ज निभाया, मध्यप्रदेश को 1 लाख़ 87 हज़ार करोड़ के कर्ज में डुबाया, आर्थिक बदलाही के दौर में पहुँचाया, बेटियों से बलात्कार में लगातार 13 वर्ष मध्यप्रदेश नबर एक आया, 48 लाख़ बच्चों को 13 साल कुपोषण का दर्द पहुँचाया, 13 साल तक स्कूली शिक्षा में मध्यप्रदेश पूरे देश मे आखिरी नंबर पर आया, शिवराज जी, फ़सलों के दाम माँगने पर किसानों को आपने मौत के घाट उतरवाया, 13 सालों तक1 करोड़ युवाओं का भविष्य व्यापम में लुटवाया , क्या आपको कभी वंदे मातरम का भावार्थ समझ नहीं आया ?
दुबे ने कहा कि कमलनाथ जी सुशासन के लिए दिन रात मध्यप्रदेश की वंदना किए जा रहे हैं और आप हैं कि हार की हताशा में मध्यप्रदेश की तरक्की में बाधा पहुँचा रहे हैं। शिवराज जी, संकीर्ण मानसिकता से बाज आइए, अपनी कुंठाओं से बाहर आइए, हार को पचाइये, वन्देमातरम के सच्चे अर्थ को समझ जाइए, और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाइए।

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