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चिट फंड कंपनी की आड़ में 23 करोड़ की धोखाधड़ी करने वालों को EOW ने किया गिरफ्तार, कोर्ट ने रिमांड पर भेजा

उज्जैन 19 अप्रैल 2019 । चिट फंड कंपनी खोलकर लोगों को लाखों करोड़ों की चपत लगाने वाले एक चिट फंड कंपनी के दो संचालकों को ईओडब्ल्यू की टीम ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार को दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड ली गई।

एसपी ईओडब्ल्यू राजेश रघुवंशी के मुताबिक आरोपियों ने ग्लोरिया प्रोपर्टीज लिमिटेड के नाम से एक कंपनी गठित की थी। कंपनी के गठन के समय इसके संचालकों ने प्रोपर्टी में पैसा लगाकर मकान और प्लॉट खरीदकर बेचने के नाम पर हवाला दिया था लेकिन कंपनी के गठन बाद इसके संचालकों ने उज्जैन,देवास,धार,भीलवाड़ा, बड़ौदा, चिकली, बड़नगर, इंगोरिया आदि जगहों पर कंपनी के कार्यालय खोले और लोगों से 5 साल में रुपये दोगुने करने के नाम पर पैसा निवेश करना शुरू किया और इस तरह सैकड़ों लोगों से करीब 23 करोड़ की राशि निवेश करा ली। लेकिन जब निवेश करने वालों ने अपनी राशि मांग तो संचालक आनाकानी करने लगे।इस पर निवेशकों ने ईओडब्ल्यू को शिकायत की जिस पर ग्लोरिया प्रॉपर्टीज के निवेशकों धर्मेंद्र धनगया धार,नेपाल सिंह निवासी कुलावदा बड़नगर, महेश शर्मा निवासी खरेट सहित अन्य संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। जिस पर दो आरोपियों को महेश शर्मा और नेपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया जहाँ से दोनों को दो दिन की 20 अप्रैल तक रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने में सब इंस्पेक्टर पीके व्यास, अनिल शुक्ला, एएसआई अशोक राव,प्रधान आरक्षक कैलाश बर्वे, आरक्षक मोहन पाल, फिरोज खान,भरत मंडलोई, गौरव जोशी आदि की सराहनीय भूमिका रही।

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