मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> दिन में एग्जाम, शाम तक B. Com की मार्कशीट!:छात्रा का ग्रेजुएशन पूरा कराने को यूनिवर्सिटी ने 1 दिन में 9 पेपर कराए, पास भी किया

दिन में एग्जाम, शाम तक B. Com की मार्कशीट!:छात्रा का ग्रेजुएशन पूरा कराने को यूनिवर्सिटी ने 1 दिन में 9 पेपर कराए, पास भी किया

नई दिल्ली 30 अक्टूबर 2021 । विक्रम यूनिवर्सिटी का एक अजीब कारनामा सामने आया है। यूनिवर्सिटी ने एक छात्रा से एक ही दिन में 9 विषयों की परीक्षा ली। उसे पास भी कर दिया और मार्कशीट भी दे दी। दरअसल, यूनिवर्सिटी ने अपनी 10 साल पुरानी गलती को छिपाने के लिए यह सब किया। लड़की को नौकरी के लिए डिग्री की जरूरत थी और यूनिवर्सिटी अपने कारनामे को छुपाने की। लिहाजा दोनों ने कानून को ताक पर रखकर यह काम कर दिया।

बड़नगर की छात्रा दीपिका सिंह पवार 2011 में प्राइवेट बीकॉम फाइनल ईयर की परीक्षा में बैठी थी। दो महीने बाद आए रिजल्ट में उसे दो विषयों में पूरक (सप्लीमेंट्री) आ गई, लिहाजा उसने दोनों विषयों में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। एक में पास हो गई और दूसरे में तीन नंबर कम थे। तब उसे परीक्षा विभाग ने पासिंग सर्टिफिकेट दे दिया, जिससे नियमानुसार M.Com में प्रोविजनल एडमिशन मिल गया।

बस यहीं से यूनिवर्सिटी की लापरवाही शुरू हुई। वह दो साल तक M.Com करती रही और डिग्री भी ले ली, लेकिन B.Com लास्ट ईयर में फेल थी। इस बीच उसका M.Com भी कंप्लीट हो गया।

10 साल बाद आया पेंच
छात्रा दीपिका सिंह पवार ने 10 साल बाद यानी 2021 में नौकरी के लिए आवेदन दिया। उसमें छात्रा से M.Com के साथ B.Com फाइनल ईयर की डिग्री मांगी गई। छात्रा ने नियमानुसार फीस जमा करके B.Com की डिग्री के लिए आवेदन दिया। इस आवेदन के आधार पर जब यूनिवर्सिटी ने छात्रा का रिकॉर्ड देखा तो उसमें पता चला कि छात्रा ने B.Com तो पूरी तरह से पास ही नहीं किया। अब यहीं से यूनिवर्सिटी ने अपनी लापरवाही छिपाने के तरीके ढूंढ़ने शुरू किए।

एक ही दिन में परीक्षा ली
इस मामले में अफसरों के बीच ताबड़तोड़ चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। तय किया गया कि नोटशीट चलाकर छात्रा को पूर्व से वंचित छात्र के रूप में B.Com तृतीय वर्ष के लिए ऑनलाइन आवेदन करवाया जाए और एक ही दिन में सभी परीक्षाएं ली जाएं। इसी आधार पर विक्रम यूनिवर्सिटी ने बीते हफ्ते एक ही दिन में 9 विषय की परीक्षा ले ली। सभी उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर लीं, एक ही दिन में जांच भी कर दी और शाम तक परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिया। इतना ही नहीं मार्कशीट भी दे दी।

आगे क्या
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा को M.Com की मार्कशीट और उपाधि लौटाने के लिए कहा है।

ये सवाल उठे
2011 में जो छात्रा फेल थी उसे पासिंग सर्टिफिकेट किस आधार पर परीक्षा विभाग ने जारी किया?
पासिंग सर्टिफिकेट के आधार पर M.Com में प्रवेश लेने के बाद संबंधित कॉलेज ने B.Com फाइनल की मार्कशीट क्यों नहीं मांगी।
इन सबके बाद भी जब छात्रा ने पहली बार M.Com के लिए परीक्षा आवेदन पत्र जमा किया तब भी उससे B.Com की मार्कशीट नहीं मांगी गई।

कुलपति बोले- पूरे मामले की जांच कराएंगे
2011 का एक मामला आया है। छात्रा आई थी, यहीं से उसे पासिंग सर्टिफिकेट दिया गया था, जिसके आधार पर उसने आगे की कक्षा की परीक्षाएं उत्तीर्ण कर ली हैं। इस मामले में परीक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। छात्रा की B.Com की परीक्षा कराकर अंकसूची दी है। छात्रा को M.Com की मार्कशीट और डिग्री दोनों वापस यूनिवर्सिटी में जमा कराने के लिए कहा है। इस मामले में आगे जांच भी हम कराएंगे।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

नरेश पटेल की एंट्री के कयास ने लिखी हार्दिक पटेल के एग्जिट की पटकथा

नयी दिल्ली 18 मई 2022 । कांग्रेस से लंबे समय से नाराज चल रहे गुजरात …