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किसी खाताधारक का पैसा नहीं डूबने देंगे -वित्त मंत्री

नई दिल्ली 7 मार्च 2020 । आरबीआई ने निजी क्षेत्र की कंपनी यस बैंक पर जैसे ही 50 हजार की निकासी की लिमिट लगाई, उसके ग्राहकों में हड़कंप मच गया. देश के तमाम शहरों में एटीएम के बाहर पैसे निकालने वालों की कतार लग गई. कई शहरों में अफरातफरी का माहौल भी देखने को मिला. शुक्रवार को मुंबई और अहमदाबाद में यस बैंक के ग्राहक काफी परेशान दिखे. वो सुबह-सुबह एटीएम पहुंचे लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी. इस दौरान पैसे निकालने की हड़बड़ी में कई जगहों पर हालात बेकाबू दिखे, जिसके बाद एटीएम के बाहर पुलिस तैनात की गई.   इस बीच, यस बैंक संकट पर केंद्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खाताधारकों को भरोसा दिया है कि उनका पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा.बैंक के खाताधारकों का पैसा सुरक्षित है. खाताधारकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है. वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक के अधिकारी समस्या का समाधान निकालने में जुटे हुए हैं.पिछले कुछ महीनों से हम सभी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. RBI ने कई कदम उठाए हैं, हालांकि अब तक उन पर कोई कदम नहीं उठाए गए थे. लेकिन अब उन उपायों पर कदम उठाए जा रहे हैं. एटीएम से कैश निकालने की लिमिट तय किए जाने पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि स्वास्थ्य, विवाह और अन्य आपातकालीन मुद्दों के लिए अतिरिक्त राशि की आवश्यकता को पूरा करने के लिए कदम उठाए गए हैं.

राणा कपूर के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी

येस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ है. वहीं तलाशी के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम भी मुंबई में उनके घर पहुंची. इस दौरान उनके बयान भी दर्ज किए गए.

ईडी की टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) के तहत राणा कपूर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इसके बाद ईडी ने राणा कपूर के घर की तलाशी ली. डीएचएफएल के घोटाले को लेकर राणा कपूर के घर ईडी की छापेमारी की गई. वहीं राणा कपूर के बयान भी दर्ज किए गए.

दरअसल, डीएचएफएल पर 79 फर्जी कंपनियों और एक लाख फर्जी ग्राहकों की मदद से लगभग 13,000 करोड़ रुपये का घपला करने का आरोप है. उसी मामले में राणा कपूर के घर तलाशी ली गई. वहीं राणा कपूर के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है ताकि वो देश छोड़कर विदेश न भाग जाए. ईडी की टीम ने राणा कपूर के घर ऐसे वक्त में तलाशी ली है जब येस बैंक संकट के दौर से गुजर रहा है.

संकट में येस बैंक

येस बैंक को साल 2004 में राणा कपूर और अशोक कपूर के जरिए शुरू किया गया था, जिन्हें उस दौर में दिग्गज प्रोफेशनल माना जाता था. राणा कपूर ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पढ़ने के बाद न्यूजर्सी के रटगर्स यूनिवर्स‍िटी से एमबीए किया था. उन्होंने 16 साल तक बैंक ऑफ अमेरिका में नौकरी की थी.

दरअसल, देश के कई दिग्गज प्रोफेशनल के जरिए शुरू किया गया निजी क्षेत्र का येस बैंक संकट में फंस गया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इसके बोर्ड का संचालन अपने हाथों में लेते हुए इससे महीने में 50 हजार रुपये तक की ही निकासी होने की सीमा तय कर दी है. सरकार ने इसे संकट से दूर करने के लिए कवायद भी शुरू कर दी है.

बता दें कि येस बैंक के लिए आरबीआई ने री-स्‍ट्रक्‍चरिंग प्‍लान का ऐलान किया है. ये प्‍लान एक महीने के भीतर ही लाया जाएगा. सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक एसबीआई ने येस बैंक में हिस्‍सेदारी खरीदने में दिलचस्‍पी दिखाई है. निवेशक बैंक अगले तीन साल के लिए 49 फीसदी हिस्‍सेदारी ले सकता है. वहीं अपनी हिस्‍सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं कर सकता है.

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