मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> आज से भूल जाइए इन 6 बैंकों का नाम

आज से भूल जाइए इन 6 बैंकों का नाम

नई दिल्ली 1 अप्रैल 2020 । 1 अप्रैल यानी आज से नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो चुकी है. इस नए वित्त वर्ष में बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो बदल रही हैं. नए वित्त वर्ष में सबसे बड़ा बदलाव बैंकिंग सेक्टर में हो रहा है. दरअसल, आज से 10 बैंकों का विलय प्रभावी हो रहा है. इस विलय के तहत देश के 6 सरकारी बैंकों का नाम और पहचान खत्म हो जाएगी.

ये 6 बैंक— ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, आंध्र बैंक, कार्पोरेशन बैंक, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक हैं. अब ऐसे में सवाल है कि इन बैंकों का क्या होगा और इन बैंकों के ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा. आइए विस्तार से जानते हैं.

दरअसल, ये 6 बैंक देश के अन्य 4 बैंक में विलय करेंगे.ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में विलय किया जा रहा है. वहीं, सिंडीकेट बैंक का केनरा बैंक में, आंध्र बैंक और कार्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय हो रहा है. इसी तरह, इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय किया किया जा रहा है.
ग्राहकों पर क्या होगा असर

विलय के बाद आपको एक नया खाता नंबर और कस्टमर आईडी मिल सकती है. नए चेकबुक समेत अन्य चीजें जारी हो सकती हैं. हालांकि, ये सब आज ही से लागू नहीं होगा. इसे बैंकों की ओर से धीरे—धीरे लागू किया जाएगा. ऐसे में जरूरी है कि आपके ईमेल पता/ और मोबाइल नंबर का बैंक के शाखा के साथ अपडेट हों. ताकि आपको बैंक की ओर से बदलाव की सूचना मिल सके.

वहीं लोन,एसआईपी, शेयर और ईएमआई पहले की तरह ही चलते रहेंगे. विलय के तहत ये सब लीडर बैंक की निगरानी में होगा. इसके अलावा एटीएम मशीन, ब्रांचेज भी लीडर बैंक के होंगे.

इस विलय के पूरा होने के बाद सरकारी क्षेत्र में 7 बड़े और पांच छोटे बैंक रह जाएंगे. साल 2017 तक देश में सार्वजनिक क्षेत्र के 27 बैंक थे.

लेकिन अब इस नए वित्त वर्ष में देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 18 से घटकर 12 रह गए हैं.

यहां बता दें कि पिछले वित्त वर्ष में देना बैंक और विजय बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय किया गया . इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक में उसके सभी सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय किया गया.

स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद का देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक में विलय एक अप्रैल 2017 से प्रभाव में आ चुका है.

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

मोदी सरकार के आर्थिक सुधार कार्यक्रमों के सुखद परिणाम अब नजर आने लगे हैं

नई दिल्ली 20 सितम्बर 2021 । वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के स्थापित …