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चीनी मोबाइल कंपनियों की वजह से भारत की चार कंपनियां बंद होने की कगार पर

नई दिल्ली 10 जुलाई 2019 । चीन की मोबाइल कंपनियों ने भारतीय कंपनियों को तबाह कर दिया है माइक्रोमैक्स इंटेक्स लावा और कार्बन कंपनियों का बिजनेस महज तीन फीसदी पर सिमट गया है इन चार कंपनियों में से दो ने लावा और इंटेक्स मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस से अपने हाथ खींच लिए हैं इंटेक्स ने अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर ताला लगा दिया है जिसके जल्द बंद होने की बात सामने आ रही है।

इंटेक्स बेच रही है ग्रेटर नोएडा का प्लांट

सूत्र बताते हैं कि देसी मोबाइल कंपनी इंटेक्स कासना (ग्रेटर नोएडा) प्लांट को भी बेच रही है, ताज्जुब की बात तो ये है कि 20 एकड़ के इस प्लांट को बनाने के लिए 500 करोड़ रुपए कुछ महीने पहले ही खर्च किए थे इस प्लांट में मोबाइल फोन होम अप्लायंसेज और कस्टमर ड्यूरेबल्स बनाए जाने थे जिसके लिए 1500 करोड़ रुपए का निवेश किया जाना था इंटेक्स के डायरेक्टर केशव बंसल ने प्लांट बेचने की तो पुष्टि कर दी पर बिजनेस बंद करने की बात से इनकार कर दिया उनका कहना है कि इंटेक्स अभी भी हैंडसेट निर्माण करने के बिजनेस में मौजूद है यह बात सही है कि पहले जितना काम हो रहा था उतना अब नहीं हो रहा है।

लावा और माइक्रोमैक्स का फोकस कहीं दूसरी ओर

वहीं दूसरी ओर लावा और माइक्रोमैक्स की बात करें तो उन्होंने भी फोन के अलावा दूसरे क्षेत्रों की ओर फोकस करना शुरू कर दिया है लावा अब फीचर फोन के निर्माण के साथ डिस्ट्रीब्यूशन पर भी ध्यान दे रही है जिसके लिए कंपनी ने चीन की मोबाइल कंपनी ऑनर से बात की है वहीं दूसरी ओर माइक्रोमैक्स कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के क्षेत्र की ओर फोकस कर रहा है कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर अपना ध्यान दे रही है।

इस वजह से बने ऐसे हालात

चीनी मोबाइल कंपनियों के मार्केट बढ़ने से इन चारों देसी कंपनियों को काफी बड़ा झटका लगा है आंकड़ों पर बात करें तो इन चारों का भारत में मार्केट मार्च के अंत में 3 फीसदी रह गया जबकि चीनी कंपनियों का मार्केट शेयर 65 फीसदी तक पहुंच गया।

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