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प्रवासी मजदूरों के लिए मानी जा रही गेम चेंजर स्कीम

नईदिल्ली 29 अप्रैल 2020 । वैसे तो केंद्र सरकार ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना पर तेजी से काम कर रही है. 1 जून से पूरे देश में इस योजना को लागू करने का प्लान है. फिलहाल देश के 12 राज्यों में इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2020 से ही हो गई है.
दरअसल कोरोना संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना पर तुरंत अमल करने पर विचार करने को कहा है. कोर्ट का कहना है कि इस योजना से गरीब और अप्रवासी मजदूरों को तत्काल मदद मिल पाएगी. एक तरह से कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना (ONORC) को तत्काल प्रभाव से लागू करने की कितनी संभावना है?
क्या है वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना
‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना है, जिसके तहत पूरे देश में पीडीएस के लाभार्थियों को कहीं भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चलने वाली राशन की दुकानों से राशन मिलेगा. यानी किसी भी राज्य का राशन कार्ड धारक दूसरे किसी भी राज्य में भी कार्ड दिखाकर राशन ले सकेगा. उदाहरण के तौर पर किसी का बिहार में राशन कार्ड बना हुआ है और वो दिल्ली में काम करता है तो वो बिहार के राशन कार्ड से दिल्ली में राशन ले सकेगा.
वन नेशन, वन राशन कार्ड के फायदे
इस योजना के लागू हो जाने के बाद पूरे देश में एक ही तरह का राशन कार्ड होगा. लाभार्थी देश में कहीं भी ई-पीओएस उपकरण पर बॉयोमेट्रिक प्रमाणन करने के बाद अपने मौजूदा राशन कार्ड से राशन ले सकते हैं. लाभार्थियों को अंगूठा लगाना अनिवार्य होगा, यही प्रमाण होगा. बॉयोमेट्रिक इस्तेमाल में आधार का इस्तेमाल होगा यानी आधार से लाभार्थियों की पहचान होगी.
राशन कार्ड 10 नंबर का होगा
केंद्र सरकार राज्यों को 10 अंकों का राशन कार्ड नंबर जारी करेगी. इस नंबर में पहले दो अंक राज्य कोड होंगे और अगले दो अंक राशन कार्ड नंबर होंगे. इसके अतिरिक्त राशन कार्ड नंबर के साथ एक और दो अंकों के सेट को जोड़ा जाएगा. इसे देश भर में लागू करने के लिए राशन कार्डों की पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू होगी.
यह योजना 1 जनवरी 2020 से देश भर के 12 राज्यों में चालू है. ये राज्य आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड और त्रिपुरा हैं.
पुराने राशन कार्ड का क्या होगा?
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘वन नेशन, वन राशन’ कार्ड योजना लागू होने के बाद भी पुराना राशन कार्ड चलता रहेगा. उसी को केवल नये नियम के आधार पर अपडेट कर दिया जाएगा, जिससे वो पूरे देश में मान्य हो जाएगा.
केंद्र सरकार का कहना है कि इस योजना का फायदा देश के करोड़ों लोगों को मिलेगा. खासतौर पर आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को इससे बहुत फायदा होगा. इस योजना के बाद एक बार राशन कार्ड बनवाने के बाद देश के किसी भी हिस्से में उस कार्ड की मदद से अनाज लिया जा सकेगा.

फर्जी राशन कार्ड पर लगेगी लगाम
इस योजना से सरकार को उम्मीद है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और फर्जी राशन कार्ड नहीं बन पाएगा. गौरतलब है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देश में करीब 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को सस्ते दाम पर खाद्यान्न मुहैया करवाती है.

कोरोना संकट की वजह से पहले शेयर बाजार से निवेशकों को तगड़ा झटका लगा और अब म्यूचुअल फंड हाउस फ्रैंकलिन टेंपलटन इंडिया ने 6 डेट फंड स्कीम बंद कर निवेशकों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है. निवेशकों को म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लिक्विडिटी की समस्या का डर सता रहा है. हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरबीआई ने म्यूचुअल फंड के लिए 50000 करोड़ रुपये की विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की है.
दरअसल, आज से कुछ महीने पहले तक निवेशकों के लिए पैसे बनाने का सबसे बेहतर विकल्प शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड ही था, आगे भी रहेगा. लेकिन फिलहाल शेयर बाजार की जो स्थिति है, उससे खासकर छोटे निवेशक घबराए हुए हैं. कोरोना की वजह से शेयर बाजार करीब 30 फीसदी तक टूट चुका है. जब शेयर बाजार गिरता है तो फिर म्यूचुअल फंड पर भी इसका असर पड़ना लाजिमी है.
हालांकि लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को नहीं घबराना चाहिए. जैसे ही देश कोरोना संकट से बाहर निकलेगा, शेयर बाजार सरपट दौड़ लगाएगा. लेकिन ये कब होगा किसी को पता नहीं है. ऐसे में कहां निवेश किया जाए, जहां पैसा सुरक्षित रहे और रिटर्न अच्छा मिले. ये सबसे बड़ा सवाल है? आइए जानते हैं कहां फिलहाल निवेश के लिए विकल्प हैं?
सोने में निवेश: कोरोना वायरस के कहर से अर्थव्यवस्था को उबरने में लंबा वक्त लग सकता है. वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में कोरोना वायरस का गहरा असर पड़ने वाला है. ऐसे में सोना निवेशकों की पहली पसंद बन जाता है. हमेशा से जब भी आर्थिक मंदी की आहट होती है तो सोने में निवेश बेहतर विकल्प साबित होता है, इसलिए सोने में निवेश कर सकते हैं.
शेयर बाजार-म्यूचुअल फंड से हैं निराश? बेहतर रिटर्न के लिए ये विकल्प
दरअसल पिछले एक साल में सोने ने 25 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. फिलहाल सोना 10 ग्राम 46 रुपये तक पहुंच गया है. जानकार बता रहे हैं कि अगर इसी तरह का माहौल रहा तो सोना जल्द ही 50 हजार रुपये के भाव को पार कर जाएगा. इसलिए फिलहाल सोने में निवेश कर सकते हैं. हालांकि फिजिकिली गोल्ड में निवेश से बचें.
सरकारी योजनाओं में निवेश: पीपीएफ समेत कई सरकारी निवेश के विकल्प भी आपके सामने हैं, जिसमें आपका निवेश बिल्कुल सुरक्षित रहेगा और रिटर्न भी बैंक डिपॉजिट के मुकाबले ज्यादा मिलेगा. इसके अलावा पोस्ट ऑफिस में आप हर महीने निवेश कर सकते हैं, बैंक के मुकाबले पोस्ट ऑफिस में डिपॉजिट पर बेहतर रिटर्न मिलता है.
वहीं अगर आपके घर में 10 साल से कम उम्र की लड़की है तो फिर उसके नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते हैं. मोदी सरकार इस योजना पर बेहतर रिटर्न दे रही है. अगर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं तो बैंक में डिपॉजिट हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है. जिसमें रिटर्न पहले से पता होता है.
प्रॉपर्टी में निवेश: फिलहाल प्रॉपर्टी का भाव बहुत गिरा हुआ है. जिसमें निवेश एक विकल्प हो सकता है. उम्मीद की जा रही है कि कोरोना संकट के बाद प्रॉपर्टी में रौनक लौट सकती है. क्योंकि सरकार का फोकस इस साल रियल एस्टेट सेक्टर पर हो सकता है. पिछले करीब 4 सालों से प्रॉपर्टी की कीमत में उछाल देखने को नहीं मिली है. इसलिए यह साल प्रॉपर्टी निवेशकों के लिए अहम रहने वाला है.

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