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बाबा महाकाल के भक्तों के लिए खुशखबरी, अब रोजाना 11 से 4 गर्भगृह से होंगे दर्शन

उज्जैन 20 जून 2019 । भूतभावन बाबा महाकाल के भक्तों के लिए खुशखबरी है। जी हां भगवान महाकाल के भक्त अब रविवार को छोड़कर हर रोज सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक गर्भगृह से अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। यानी भक्त इस दौरान न केवल बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग पर जल चढ़ाकर अभिषेक कर सकेंगे बल्कि दिव्य ज्योतिर्लिंग का स्पर्श कर सकेंगे। हालांकि ये बात अलग है कि ये व्यवस्था अभी प्रायोगिक तौर पर लागू की गई है। बाद में इसका अध्ययन कर इसे स्थाई तौर पर लागू किया जा सकेगा। बुधवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में ये महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में श्रद्धालुओं के लिये 5 ग्राम का भगवान महाकालेश्वर के मन्दिर की छाप वाला चांदी का सिक्का भी उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया। श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति ने उक्त आशय का निर्णय लेते हुए निर्देश दिये हैं कि आगामी एक सप्ताह में 5 ग्राम के सिक्के दानराशि निर्धारित कर प्रसाद काउंटर से उपलब्ध करवाये जायें। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर शशांक मिश्र ने की। बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर, नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल, प्रशासक अवधेश शर्मा, समिति सदस्य आशीष पुजारी, विजयशंकर पुजारी एवं दीपक मित्तल, महंत रामेश्वरदास मौजूद थे।

कर्मचारियों का वेतन मूल्य सूचकांक से जोड़कर तय होगा
बैठक में श्री महाकालेश्वर मन्दिर में कार्यरत कर्मचारियों की वेतन वृद्धि को लेकर चर्चा की गई और निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों का वेतन मूल्य सूचकांक से जोड़कर दिया जाये। इस सम्बन्ध में सहायक कोषालय अधिकारी एवं सदस्यों की टीम बैठकर निर्णय करेगी। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि सभी कर्मचारियों का एक ड्रेसकोड होना चाहिये। ड्रेसकोड तय करने के लिये समिति के सदस्य एवं सहायक प्रशासनिक अधिकारी मिलकर यह तय करेंगे कि किस रंग की ड्रेस होगी और कितने मूल्य का कपड़ा इस ड्रेस पर व्यय किया जाना है। कर्मचारियों को उक्त ड्रेस बनाने के लिये सिलाई सहित पैसा उनके खाते में जमा कराया जाएगा।
लड्डू प्रसाद पर निर्णय हेतु उप समिति गठित
बैठक में लड्डू प्रसाद निर्माण पर निविदा के सम्बन्ध में चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने इसमें राय व्यक्त की कि जो व्यक्ति (कारीगर) इस समय लड्डू प्रसाद का निर्माण कर रहा है, वह काफी समय से लड्डू निर्माण में संलग्न है और उसके द्वारा निर्मित किये गये लड्डू प्रसाद का एक विशिष्ट स्वाद सम्पूर्ण देश में पहचान बना चुका है। अब यदि किसी अन्य व्यक्ति से लड्डू सामग्री तैयार करवाई जाती है तो इसके स्वाद में अंतर आयेगा। लड्डू निर्माण की विधि एवं तकनीक सम्बन्धित कारीगर की शैली पर निर्भर करती है, इसलिये लड्डू प्रसाद के स्वाद को बनाये रखने के लिये निविदा की जाना चाहिये या नहीं, यह निर्णय लेने के लिये उप समिति गठित करते हुए कलेक्टर ने आगामी सात दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालु यदि उज्जैन में एक या दो दिन रूकते हैं तो इससे शहर के पर्यटन एवं आर्थिक विकास में वृद्धि होगी। इस हेतु श्रद्धालुओं को महाकालेश्वर मन्दिर की ओर से क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं, इस पर निर्णय करने के लिये भी कलेक्टर ने एक समिति ‍को सुझाव देने के लिये कहा है।
महाकाल की भेंट सामग्री की होगी बिक्री

भगवान महाकालेश्वर को भेंट होने वाली पगड़ी, सोले, घंटियां एवं अन्य सामग्री का डिस्प्ले करके इस सामग्री की दान राशि तय कर बिक्री के लिये रखे जाने का निर्णय भी लिया गया।
52.84 करोड़ का बजट पेेेश
बैठक में श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति की ओर से आय-व्यय पत्रक को मंजूरी दी गई। वर्ष 2018-19 में 4594 लाख रुपये की आय हुई तथा व्यय 3970.30 लाख रुपये का हुआ। वहीं वर्ष 2019-20 में 5 हजार 284 लाख रुपये की आय जबकि 4 हजार 638 लाख रुपये व्यय का बजट प्रस्तावित किया गया है।

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