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ऑटो ड्राइवर को इंडिया घूमने आई ‘गोरी मेम’ ने गिफ्ट किया 1.6 करोड़ का विला

नई दिल्ली 14 मई 2019 । कर्नाटक का एक ऑटो ड्राइवर 1.6 करोड़ रुपये का 15 कमरों वाला विला खरीदकर अचानक से चर्चा में आ गया. इतना महंगा विला खरीदने के चलते उसे संदिग्‍ध समझा जाने लगा था क्योंकि यह खरीदारी उसने लोकसभा चुनावों के मध्य की थी. दरअसल ऑटो ड्राइवर का स्‍थानीय विधायक‌ के साथ कुछ तस्वीरें सोशल मी‌डिया में आने के बाद उसपर संदेह और बढ़ृ गया था. लेकिन बुधवार को आयकर विभाग ने ऑटो ड्राइवर को क्लीन चिट देते हुए उसकी कहानी पर पूरा भरोसा कर लिया.

यह तय हो गया है कि इस 1.6 करोड़ के विला का कोई संबंध किसी बेनामी संपत्ति से नहीं जुड़ा है. आईटी विभाग के अनुसार किसी भी राजनेता का इस विला को खरीदने में खर्च किए गए पैसे से कोई संबंध नहीं है. ना ही किसी राजनेता ने अपने काले पैसे को सफेद करने के लिए इस ऑटो ड्राइवर का इस्तेमाल किया है. फिर असल कहानी क्या है? आईटी विभाग ने इस बारे में ऑटो ड्राइवर की ओर से बताई गई कहानी का खुलासा किया है.

यह कहानी कर्नाटक के 37 वर्षीय ऑटो ड्राइवर नल्लूरल्ली सुब्रामणि की है. वह कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु में ऑटो चलाकर अपने परिवार का पेट पालता था. उसके परिवार में उसकी बूढ़ी मां, पत्नी बड़ी बेटी और उससे छोटा एक बेटा है. वह किसी तरह सवारियों से मिलने वाले पैसे अपना घर चला रहा था. लेकिन वह हमेशा से अपने बेटे और बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाने की चाह रखता था.

तभी ऑटो चलाने के दौर में ही साल 2006 में उसकी ऑटो में एक अमेरिकी महिला बैठीं. आम दिनों की तरह नल्लूरल्ली उन्हें छोड़ने लेकर गया. आमतौर ऑटो ड्राइवर्स गोरी मेम देखकर ज्यादा पैसे ऐंठने के चक्कर में रहते हैं. लेकिन नल्लूरल्ली ने ऐसा बिल्कुल नहीं किया. उसने अमेरिकी महिला से उतने ही पैसे मांगे जितने उसके बनते थे.

लेकिन ताज्जुब की बात तब हुई जब महिला एक दिन फिर से नल्लूरल्ली से टकरा गईं और उसके ऑटो की सवारी कीं. तब महिला की उम्र करीब 59 साल थी. उनका नाम लारा इविसन था. नल्लूरल्ली ने दूसरी मुलाकात में इतनी ही बात कर पाया. लेकिन नल्लूरल्ली ने दूसरी मुलाकात में एक खास काम किया. उसने गोरी मेम से कहा कि अगर वो दिनभर की सवारी करना चाहें तो नल्लूरल्ली दूसरी सवारियों को नहीं बिठाएगा बस उनके लिए ही ऑटो चलाएगा.

2006 से 2010 के बीच अमेरिकी महिला के लिए चलाई ऑटो

नल्लूरल्ली बताते हैं कि उन्होंने साल 2006 से 2010 के बीच लगातार लारा इविसन को अपने ऑटो से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया करते थे. कई बार ऐसा भी हुआ जब लारा को ऑटो के बजाए कैब को अहमियत दी. लारा के इस कदम से नल्लूरल्ली बिल्कुल भी खफा नहीं हुए. उन्होंने अपनी सेवाएं जारी रखीं.

तस्वीर नल्लूरल्ली के फेसबुक से

लेकिन बाद के दिनों में कई बार ऐसा हुआ जब लारा ने काफी परेशान होने के बाद नल्लूरल्ली को ऑटो लेकर आने को कहा. नल्लूरल्ली बताता है कि चार या पांच मुलाकातों के बाद मैंने अपना फोन नंबर उन्हें दे दिया था और कहा था कि जब कभी वह बुलाएंगी नल्लूरल्ली अपनी ऑटो लेकर आ जाएंगे.

इसी तरह चार सालों के बीच बारिश, कड़ी धूप और तेज आंधी जैसे कई मौसम में बिना शर्त लारा इरिसन के लिए सेवाएं दीं. इससे खुश होकर उन्होंने मेरे बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठा लिया. क्योंकि, मैंने उनसे अपने बच्चों की पढ़ाई का जिक्र किया था. इसके बाद वह एक दिन यूं ही मेरे परिवार से मिलने चली आईं. इसके बाद हममें सद्भाव बढ़ गया. -नल्लूरल्ली सुब्रमणि, बंगलुरु ऑटो ड्राइवर

चार सालों तक सेवा का मिला ऑटो ड्राइवर को फल

नल्‍लूरल्ली को बिल्कुल भी इसका अंदाजा नहीं था कि उस गोरी मेम का चार सालों तक सेवा करना उन्हें इतना बड़ा इनाम दिला जाएगा. 2010 के बाद की कहानी ये है कि जब कभी भी लारा इंडिया आईं उन्होंने किसी होटल में रुकने के बजाए ऑटो ड्राइवर के कम सुविधाओं वाले घर में रहना वाजिब समझा. इसी बीच उन्होंने महसूस किया कि नल्लूरल्ली के पास एक बेहतर घर होना चाहिए.

खुद ऑटो में बैठकर विला पसंद करने गई थीं लारा

जानकारी के अनुसार जेटी द्वाराकामयी कम्युनिटी में नल्लूरल्ली द्वारा खरीदे गए विला को लारा ने खुद पसंद किया था. साल 2013 में यह विला उन्होंने पसंद किया था. तब वह खुद ही नल्लूरल्ली के साथ ऑटो में बैठकर इसे पसंद करने गई थीं. लेकिन तब किसी कारणवश बात नहीं बन पाई थी.

दो साल पहले बंद किया था ऑटो चलाना

लारा के संपर्क में आने के बाद भी नल्लूरल्ली सालों ऑटो चलाता रहा. लेकिन बाद में स्थिति सुधरने के बाद उसने करीब दो साल पहले ऑटो चलाना बंद कर दिया था. इन दिनों वह राजनीतिक तौर सक्रिय हो गया था. बीते कुछ समय से वह कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देने लगा था. इसलिए विला खरीदने के बाद उसके ऊपर उंगलियां उठीं.

दरअसल, विला लेने के बाद नल्लूरल्ली लग्जरी लाइफ जीने लगा है. उसकी बेटी और बेटे दोनों ही वाइटफील्ड के इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई करने लगे हैं. यही नहीं पड़ोसियों का ये भी कहना है कि नल्लूरल्ली इन दिनों लगातार पार्टी का आयोजन कर रहा है. इनमें कई स्‍थानीय नेता भी आने जाने लगे हैं. लेकिन वह इन दिनों कहीं भी काम करने नहीं जा रहा है.

लारा ने खुद किया आईटी डिपार्टमेंट से संपर्क

जब नल्लूरल्ली को आयकर विभाग में चपेट में आने खबर लारा तक पहुंची तो उन्होंने खुद आईटी विभाग से बात की. उन्होंने मामले में अपनी पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिकी चैरिटी नियमों को ध्यान में रखकर पूरे दस्तावेजीकरण के बाद इस विला को खरीदने के लिए नल्लूरल्ली को पैसे दिए थे. इसके बाद आयकर विभाग ने सभी कागजात की जांच-परख की इसके बाद नल्लूरल्ली को क्लीन चिट दे दी. जानकारी के अनुसार नल्लूरल्ली ने ये पैसे 10-10 लाख रुपये के 16 चेक जारी किए थे. इस पैसे में कोई घालमेल नहीं है.

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