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मध्यप्रदेश में कोविड-19 से निपटने के लिए सरकार ने गठित की 13 सदस्यीय सलाहकार समिति

भोपाल 19 अप्रैल 2020 । मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने 13 सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया है। इस समिति में नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और 12 अन्य लोग शामिल हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

मंत्रिपरिषद का गठन नहीं होने के कारण मध्यप्रदेश में फिलहाल कोई स्वास्थ्य मंत्री नहीं है। कोरोना वायरस के प्रकोप और उसके बाद लागू देशव्यापी बंद के कारण प्रदेश में भाजपा सरकार की मंत्रिपरिषद का गठन नहीं हो पाया है और 23 मार्च से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बिना मंत्रिपरिषद के सरकार चला रहे हैं। प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि कोविड-19 के मामलों की वृद्धि को देखते हुए सरकार ने इस महामारी से निपटने के लिए एक सलाहकार समिति का गठन किया है।

इसमें कैलाश सत्यार्थी के अलावा आठ डॉक्टर, एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी शामिल किए गये हैं। उन्होंने बताया कि इस समिति में प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी सरबजीत सिंह, मध्यप्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ जितेन्द्र जामदार और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मुकुल तिवारी सदस्य बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि समिति कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए सरकार को सुझाव देगी। इसके साथ ही समिति लोगों के कल्याण और नीति निर्धारण के लिए भी समय-समय पर अपने सुझाव सरकार को दे सकेगी।

प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव इस समिति के संयोजक बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार शनिवार तक प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1,360 पर पहुंच गयी है। इनमें से 69 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। प्रदेश में कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित इन्दौर में 892 और भोपाल में 197 मरीज पाए गए हैं। यह घातक संक्रमण मध्यप्रदेश के 25 जिलों में फैल चुका है। प्रदेश में कुल 52 जिले हैं।

किसानों को वर्ष 20-21 में भी मिलेगा शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋणवर्ष 2018-19 के फसल ऋण भुगतान की तारीख हुई 31 मई मुख्यमंत्री चौहान ने बैठक में लिए महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान हमारी प्राथमिकता हैं। मध्यप्रदेश सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिए कार्य करती रही है। कोरोना संकट की इस घड़ी में हम किसानों को अतिरिक्त सुविधाएं देंगे। प्रदेश में कृषि गतिविधियों को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि किसानों को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से कृषि वर्ष 2018-19 में जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर जो फसल ऋण दिया गया था, उसके भुगतान की तारीख पूर्व में 28 मार्च थी, जिसे अब किसानों की सुविधा के लिए बढ़ाकर 31 मई 2020 किया गया है।

बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव वित्त अनुराग जैन, प्रमुख सचिव सहकारिता उमाकांत उमराव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

एक दर्जन से ज्यादा को मंत्री नही बनाएंगे शिवराज

शिवराज सरकार का मन्त्रिमण्डल कभी भी आकार ले सकता है आज देर रात या कल सुबह मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है लेकिन कांग्रेस सरकार गिराने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया की गृहमंत्री अमित शाह से हुई वे अपने सभी मन्त्रियो को एक साथ शपथ दिलाना चाहते थे लेकिन भाजपा और शिवराज दोनों कोरोना संकट के दौरान में जम्बो मन्त्रिमण्डल बनाने को राजी नही है एक दर्जन से ज्यादा मंत्री नही बनाये जाएंगे
सूत्रों की माने शिवराज तब भी 10 मंत्रियों के साथ शपथ लेने चाहते थे जिसमें तीन सिंधिया समर्थक और साथ भाजपा के हो सकते थे लेकिन सिंधिया अपने सभी समर्थक मंत्रियों को एक साथ शपथ दिलाने की जिद पकड़े थे लिहाजा मामला अटक गया और शिवराज ने अकेले शपथ ले ली
कल सिंधिया ने गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह से भेंट की माना जा रहा है कि इसका मकसद प्रदेश सरकार का गठन ही था सूत्रों की माने तो अमित शाह से सिंधिया ने उनके समर्थक मंत्रियों को एक साथ शपथ दिलाने का आग्रह दिया ताकि उप चुनाव में उनके लिए महौल बन सके श्री शाह ने उनकी बात सुनी और संगठन में चर्चा करने को कहा
लेकिन भोपाल में मन्त्रिमण्डल गठन की तैयारियां शुरू हो गई है लेकिन बमुश्किल दस या बारह मंत्री बनाने पर चर्चा हो रही है सरकार ने एस्टेट गेरेज को 12 गाड़ियां तैयार रखने को कहा है इससे साफ है कि इससे ज्यादा मंत्री नहीं बनेगे
लेकिन सूत्रों का मानना है कि केवल दस मंत्री ही शपथ लेंगे इनकी सूची दिल्ली भेज दी है शिवराज सिंह और संगठन दोनों की राय है लॉक डाउन के बीच जनता परेशान है ऐसे में जम्बो मन्त्रिमण्डल बनाने का असर खराब पड़ेगा जिसका असर उप चुनावो पर पड़ सकता है अभी सिर्फ स्वास्थ्य,कृषि,खाद्य,गृह,राजस्व, सामान्य प्रशासन जैसे विभाग को ही मंत्री दिए जाएं
भाजपा सूत्रों के अनुसार भाजपा इसमे फिफ्टी फिफ्टी का फार्मूला अपनाना चाहती है । इसके अनुसार पांच मंत्री भाजपा के बने इनमे नरोत्तम मिश्रा ,गोपाल भार्गव,भूपेंद्र सिंह,राजेन्द्र शुक्ल और विश्वास सारंग का नाम है । प्रतीक्षा सूची में अरविंद भदौरिया कभी नाम है ।
इसके अलावा कांग्रेस सरकार गिराने वाले सिंधिया समर्थकों में से अभी तीन को मंत्री बनाने की बात हो रही है नाम वे रहेंगे जिन्हें सिंधिया तय करेंगे अभी सिंधिया के सात समर्थक केबिनेट मंत्री थे जिनमें तुलसी सिलावट प्रद्युम्न तोमर,इमरती देवी ,महेंद्र सिसोदिया,गोविंद राजपूत और प्रभु राम चौधरी शामिल थे इनमे सिलावट का नाम पक्का है बाकी दो नाम तय होना है भाजपा सूत्रों के अनुसार उनके चार मंत्री भी बनाये सकते है और यशोधरा राजे को लेकर असमंजस है
सूत्र बताते है कि दो और दलबदलुओं को मंत्री बनाना पड़ेगा इनमे मुरैना के ऐदल सिंह कंसाना और आदिवासी अंचल के बिसाहू लाल सिंह शामिल है ये कमलनाथ द्वारा मंत्री बनाने से ही नाराज़ थे उन्हें इसी का आश्वासन भी दिया है
बहरहाल शपथ की तैयारी है कभी भी शार्ट नोटिस पर शपथ हो सकती है संभावित लोग भोपाल की तरफ कूच कर गए है।

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