मुख्य पृष्ठ >> NTT के फर्जी डिग्रीधारियों पर शिकंजा कसेगी सरकार

NTT के फर्जी डिग्रीधारियों पर शिकंजा कसेगी सरकार

जयपुर 8 सितम्बर 2019 । राजस्थान में एनटीटी (नर्सरी टीचर ट्रेनिंग) भर्ती के परिणाम आने के बाद अब फर्जी डिग्रीधारियों को सरकार शिकंजे में कसने जा रही है. शिक्षा के दलालों के जरिए हजारों अभ्यर्थियों ने एनटीटी की फर्जी डिग्री हासिल कर परीक्षा दी थी. एनटीटी डिग्रीधारी अभ्यर्थियों के लिए 1310 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा हुई थी, जिसमें प्रदेश में कुल 2754 अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त पात्र कॉलेजों से एनटीटी की डिग्री ले रखी थी. जबकि इनमें से करीब 1300 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनकी नौकरी लग चुकी है. यानि अब प्रदेश में केवल 1400 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके पास एनटीटी की डिग्री है. इसके बाद एनटीटी की आखिरी भर्ती में केवल 1400 अभ्यर्थी ही परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते थे लेकिन इसमें से 22,868 अभ्यर्थी फर्जी डिग्री लेकर परीक्षा में बैठे. अब सरकार दस्तावेज सत्यापन के बाद फर्जी डिग्रीधारियों पर शिकंजा कसेगी.

इस पूरे मामले पर महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश का कहना है कि दस्तावेज सत्यापन की कार्रवाई 18 सितंबर तक चलेगी. सत्यापन में यदि कोई फर्जी डिग्रीधारी पाया गया तो उनके खिलाफ विभाग कानूनी कार्रवाई के लिए लीगल एडवाइजर से पूछेगा और उसके बाद फर्जी डिग्रीधारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा. मुकदमा दर्ज होने से फर्जी डिग्रीधारियों के साथ साथ शिक्षा के सौदागरों पर तो लगाम लगेगी ही, इसके साथ साथ पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सकेगी. उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार पूरी निष्पक्षता के साथ सरकार चला रही है और इस भर्ती में भी पूरी तरह निष्पक्षता बरतते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
हालांकि, सबसे बड़े सवाल ये उठते हैं कि आरपीएससी और महिला बाल विकास विभाग ने पहले ही फर्जी डिग्रीधारियों पर रोक क्यों नहीं लगाई. क्यों फर्जी डिग्रीधारियों को परीक्षा में बैठने का मौका दिया. ये ऐसे सवाल हैं जो एनटीटी परीक्षा परिणाम के बाद मि लकर सामने आ रहे हैं.

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

जमीन विवाद में नया खुलासा, ट्रस्ट ने उसी दिन 8 करोड़ में की थी एक और डील

नई दिल्ली 17 जून 2021 । अयोध्या में श्री राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा खरीदी …