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40 दिन से बंद पड़े ग्रेसिम उद्योग को पुनः प्रारंभ करने की अनुमति मिली

नागदा  5 मई 2020 । कोरोना प्रकोप के कारण लगभग 40 दिन से ग्रेसिम उद्योग द्वारा शासन के निर्देशानुसार अपनी उत्पादन प्रक्रिया पर विराम लगा दिया था, जिसे पुनः प्रारंभ करने की अनुमति मिल गई है। रविवार रात 12 बजे नागदा एसडीएम आरपी वर्मा ने कुछ शर्तो के आधार पर इंड्स्ट्रीज को शुरू करने की अनुमति जारी कर दी है।

एसडीएम वर्मा ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाईन के अनुसार ग्रेसिम को चालू करने की अनुमति दी है। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत कर्मचारियों को उद्योग में बुलाने की मुख्य शर्त है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जो भी आदेश एवं नियम है, उनका पालन उद्योग प्रबंधक को अनिवार्य करना होगा।

कोरोना के चलते ग्रसिम उद्योग में 26 मार्च से उत्पादन कम कर दिया गया था। उसके बाद धीरे-धीरे अगले दिनों में एक के बाद एक मशीनों को बंद कर दिया। उद्योग में प्रतिदिन 11 मशीनों से स्टेपल फाइबर का निर्माण होता है। प्रबंधन सूत्रों के मुताबिक बंद अवधि में लगभग 16 हजार टन फाइबर उत्पादन की क्षति उद्योग को हुई है।

उद्योग को वर्तमान में एक लाख 44 हजार 175 टन प्रतिवर्ष स्टेपल फाइबर उत्पादन का लायसेंस मिला हुआ है। इस आधार औसतन प्रतिदिन तकरीबन 400 टन उत्पादन मशीनें उगलती है। कुल 40 दिनों तक मशीनों के पहिए थमे रहने से हजारों टन माल उत्पादन की क्षति आंकी जा रही है। इसी प्रकार से उद्योग को सल्फयुरिक एसिड 147,825 टन प्रतिवर्ष उत्पादन की अनुमति है।

उल्लघंन पर दंडात्मक कार्यवाही

एसडीएम वर्मा के मुताबिक महामारी के इस दौर में भारत सरकार की जो गाइड लाईन बनी है, उसका पालन उल्लघंन करने पर तो दंडात्मक कार्यवाही प्रबंधक पर होगी। कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की अवेहलना पर भी दंड का प्रावधान है।

इधर, अखिल भारतीय असंगठित मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक अभिषेक चैरसिया ने बताया कि उद्योग शुरू करने की अनुमति की शर्तो का प्रकाशन विधिवत प्रशासन को करना चाहिए।

उद्योग गेट पर शर्तों को चस्पा किया जाना अनिवार्य है। साथ ही प्रेस को भी प्रति जारी किया आवश्यक है, लेकिन अनुमति मिलने के 14 घंटे बाद तक अनुमति शर्तों की प्रति सार्वजनिक नहीं की गई।

प्रबंधक की भी जिम्मेदारी है कि ट्रेड यूनियनों के माध्यम से निर्धारित शर्तों को चस्पा किया जाए। इस प्रकार की कार्यवाही नहीं करने से मजदूरों को किस प्रकार से पता चल पाएगा कि किन शर्तों का उल्लघंन प्रबंधन कर रहा है।

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