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हैंडपंप और ट्यूबवेल खोदते-खोदते बन गया अरबपति

जबलपुर 29 जून 2019 । EOW का रेड जबलपुर के एक सेवानिवृत्त लोक यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारी के यहां पड़ी, वह 400 करोड़ की संपत्ति का मालिक था। ईओडब्ल्यू की छापेमारी में पीएचई के सेवानिवृत्त एसडीओ सुरेश उपाध्याय ने 400 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का पता चला है। 70 लोगों की EOW टीम ने मंगलवार को जबलपुर में उपाध्याय के चार ठिकानों पर छापा मारा। इसमें 200 एकड़ जमीन, 150 प्लॉट, दो किलो सोना, पांच किलो चांदी, ढाई लाख रुपये और कई कंपनियों में निवेश शामिल है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, छापे के दौरान आय से अधिक संपत्ति के खुलासे के बाद, जो दस्तावेज जब्त किए गए हैं और बैंक खातों की जानकारी एकत्र की जा रही है। जांच टीम संभवत: बैंक खातों को भी खंगाल रही है। सुरेश उपाध्याय पहले सब इंजीनियर सिर असिस्टेंट इंजीनियर और बढ़ते बढ़ते एसडीओ से रिटायर हुए। पीएचई के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में पूरी नौकरीनिकल गई। जबलपुर जिले में ही पोस्टिंग रही। एक स्व.पूर्व विधायक के बहुत करीबी होने का लाभ उठाया।

शुरुआत में, ड्रिलिंग मशीन चलाई और ट्यूबवेल की खुदाई की। 1990 के बाद, PHE में ड्रिलिंग मशीनें आईं और इसके बाद इसने कमाई का रास्ता खोल दिया। यह सिलसिला 2005 तक जारी रहा और तब तक हर जिले में 2000 ट्यूबवेल और हैंडपंप खोदे गए।

100 से 200 फीट तक की खुदाई में 300 से 400 फीट का भुगतान उठाया गया था। यह एक काफी कमीशन वाला खेल था। कई बार बिना खुदाई के बिल बनाकर करोड़ों की कमाई की। पीएचई विभाग में सुरेश उपाध्याय की सेवा अवधि के दौरान वेतन से आय 53 लाख 26 हजार 438 रुपये हो गई, जिसमें अप्रत्याशित व्यय 33 प्रतिशत है यानी कुल राशि 17 लाख 57 हजार 724 रुपये है। उपाध्याय की पत्नी अनुराधा उपाध्याय की चेक अवधि के दौरान, आयकर रिटर्न में कुल आय लगभग एक करोड़ 1करोड़ 14 लाख 30 हजार 793 रुपए पाई गई। उपाध्याय, पत्नी अनुराधा और बेटे सचिन के नाम पर, कई लक्जरी वाहन, जबलपुर में शानदार घर, फार्महाउस, कृषि भूमि, बैंक खाता, बीमा पॉलिसी, एफडी, शेयर और बहुत सारे लक्जरी सामान मिला।

उनके बेटे सचिन बिल्डर हैं। बताते हैं कि पिता के संबंधों और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल रियल स्टेट में हुआ। कई बड़े लोगों का निवेश भी बताया जा रहा है। एसपी ईओडब्ल्यू का कहना है कि संपत्ति के कागजात मिले हैं, 50 करोड़ की संपत्ति का पता चला है। उपाध्याय की पत्नी अनुराधा 10 साल पहले भाजपा से पार्षद चुनी गई थीं। फिलहाल उनके पास कोई पद नहीं है। कार्रवाई के दौरान, भारी मात्रा में संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही संपत्ति का आकलन किया जाएगा?

उपाध्याय के घर से संपत्ति से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसमें कई कंपनियों में निवेश का पता चला है। शुरुआती जांच में चार कंपनियों वीनस इंडिया, डॉल्फिन इंडिया, आदित्य इंफ्रा और गंगा फूड्स में भारी मात्रा में निवेश के दस्तावेज जब्त किए गए। जांच टीम द्वारा इन दस्तावेजों को मान्य करके सत्यापन टीम का मूल्यांकन किया जाएगा। उपाध्याय के खिलाफ रिटायर होने से पहले 2010 और 2014 में दो बार और सेवानिवृत्ति के बाद, 2015 में शिकायतें की गईं। इन शिकायतों के आधार पर, ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को सुबह से ही छापेमारी की। ईओडब्ल्यू डीएसपी के अनुसार, उपाध्याय द्वारा आपराधिक साजिश की जांच करने के बाद, उनकी पत्नी, पूर्व पार्षद भाजपा नेता अनुराधा उपाध्याय, पुत्र सचिन उपाध्याय, के खिलाफ 120 बी, 13-1, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है

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