मुख्य पृष्ठ >> वरिष्ठ पत्रकार के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण उच्च न्यायालय ने किया खारिज

वरिष्ठ पत्रकार के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण उच्च न्यायालय ने किया खारिज

इंदौर  6 मई 2019 ।  वर्ष 2016 में रतलाम के वरिष्ठ पत्रकार रमेश मिश्रा के खिलाफ दायर धोखाधड़ी का प्रकरण को माननीय उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ द्वारा दर्ज प्राथमिकी एवं उसके तारतम्य में प्रचलित आपराधिक कार्यवाही सहित ख़ारिज कर दिया है। उल्लेखनीय है की वर्ष 2016 में समाचार पत्र की प्रसार संख्या बढ़ा चढ़ा कर बताने एवं शासन को गुमराह कर विज्ञापन लेने सम्बन्धी एक कथित शिकायत पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक रतलाम अविनाश शर्मा ने तत्कालीन कलेक्टर रतलाम चंद्रशेखर बोरकर को पत्र लिखा, जिसपर कलेक्टर द्वारा म. प्र.शासन की विज्ञापन नीति की आड़ में चार सदस्यीय समिति का गठन जाँच के आदेश जारी कर दिए थे. समिति द्वारा कथित रिपोर्ट कलेक्टर को पेश की गई, उक्त कथित रिपोर्ट पर एक अन्य व्यक्ति द्वारा देर दीपावली की रात 12:40 बजे थाना स्टेशन रोड पर प्राथमिकी दर्ज करवा दी, जिसके तारतम्य में अल सुबह पत्रकार मिश्रा को उनके निवास से गिरफ्तार कर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा पत्रकार मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. उल्लेखनीय है की पत्रकार मिश्रा की जमानत भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदान की गई थी.

पत्रकार मिश्रा द्वारा उक्त कार्यवाही को द्वेषता पूर्वक एवं विधि विरूद्ध बताते हुए माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली गई , एवं धारा 482 द.प्र.सं. के तहत प्राथमिकी एवं आपराधिक प्रकरण निरस्ती हेतु मांग की गई, जिसपर माननीय न्यायमूर्ति सुश्री वंदना कसरेकर द्वारा उक्त समिति के गठन में अनिमितता व प्रेस एवं पुस्तक अधिनियम 1867 के नियमो को ध्यान में रखते हुए उक्त कार्यवाही को विधि विरूद्ध मानते हुए प्राथमिकी दिनांक 29.10.2016 एवं उसके तारतम्य में कृत सभी कार्यवाही को ख़ारिज करार दिया. वरिष्ठ पत्रकार रमेश मिश्रा की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार सेठी द्वारा की गई।

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