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गज लक्ष्मी मंदिर में सवा पांच क्विंटल फूलों से होली खेली..

उज्जैन  16 मार्च 2019 । बाबा महांकाल की नगरी उज्जैनी में एक मंदिर ऐसा भी हे जो दो हजार वर्ष पुराना हे और यहाँ मंदिर में विराजित मूर्ति विश्व की एक मात्र मूर्ति हे जिसमें सफ़ेद हाथी पर लक्ष्मी जी बैठी है । उज्जैन के नई पेठ में स्थित लक्ष्मी माता का यह मंदिर गज लक्ष्मी माता मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हे इस मंदिर में भक्तो का ताँता लगा ही रहता हे।

उज्जैन का माता लक्ष्मी का यह मंदिर हजारो वर्ष पुराना हे इसकी पुष्टि प्रसिद्ध इतिहासकार और पुरातत्व विद्वान श्री धर विष्णु वाकणकर ने अपने शोध में की हे। स्कन्द पुराण में इस मंदिर का वर्णन आता हे। बताय जाता हे की माता गजलक्ष्मी को राजा विक्रमादित्य की राजलक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता था और विक्रमादित्य इन्हें अपनी राजलक्ष्मी मानकर पूजन किया करते थे।

मंदिर में भगवान विष्णु की भी दुर्लब प्रतिमा विराजमान हे जो की अति प्राचीन हे। इस प्रतिमा में भगवान विष्णु के छोटे छोटे रूप में 24 अवतारों का वर्णन हे।

नईपेठ स्थित प्राचीन श्री गज लक्ष्मी मंदिर में सवा पांच क्विंटल फूलों से होली खेली। फाग गीतों पर महिलाएं जमकर नाची। मंदिर में शुक्रवार शाम को फागुन के गीतों के साथ फूलों से होली खेली गई। सवा पांच क्विंटल फूल एवं एक क्विंटल गुलाल मंदिर में उड़ाई गई। होली उत्सव में गजलक्ष्मी के विशेष शृंगार दर्शन हुए। फाग उत्सव में झूमने वालों को 101 किलो ठंडाई का प्रसाद वितरित किया गया। फाग उत्सव के बाद रात में महाआरती हुई जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।

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