मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> एजेंडा आजतक 2019 में गृहमंत्री अमित शाह ने कहीं ये 21 बड़ी बातें

एजेंडा आजतक 2019 में गृहमंत्री अमित शाह ने कहीं ये 21 बड़ी बातें

नई दिल्ली 18 दिसंबर 2019 । देश के गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून, NRC, जामिया समेत देश भर में हो रहे विरोध, अयोध्या, देश की अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों पर अपनी बातें रखीं. गृहमंत्री अमित शाह एजेंडा आजतक 2019 के ‘शाह है तो संभव है’ सेशन में बोल रहे थे. उन्होंने इस समय देश में उठ रहे विभिन्न सवालों के करीब डेढ़ घंटे तक जवाब दिए. आइए जानते हैं कि उनके इस सेशन की 21 प्रमुख बातें क्या थीं.

1. देश के 4 यूनिवर्सिटी में छात्रों ने किए विरोध प्रदर्शन

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जामिया समेत केवल चार विश्वविद्यालयों में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए. उन्होंने छात्रों से नागरिकता संशोधन एक्ट को पूरा पढ़ने की अपील की और कहा कि यदि कुछ आपको लगे तो आप सरकार के साथ चर्चा करें.

2. CAA सिटीजनशिप देने का कानून है, छीनने का नहीं

अमित शाह ने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर अफवाहें फैला रहा है. सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट से किसी को भी रत्ती भर नुकसान नहीं होगा. ये तो सिटीजनशिप देने का कानून है. छीनने का नहीं.

3. देश का विभाजन धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए था

अमित शाह ने कहा कि देश का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ. ये नहीं होना चाहिए था. कांग्रेस ने धर्म के आधार पर यह सब किया. यह एक बेहद कड़वा सच है.

4. नेहरू-लियाकत ने जो 1950 में तय किया, वो 70 साल तक नहीं हुआ

अमित शाह ने कहा कि 1950 में नेहरू और लियाकत अली खान में समझौता हुआ कि दोनों देश अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करेंगे. जब नेहरू-लियाकत समझौते पर अमल नहीं हुआ. तब ये करने की जरूरत पड़ी. कांग्रेस ने 70 साल तक अल्पसंख्यकों पर ध्यान नहीं दिया.

5. पांच साल में 600 मुसलमानों को नागरिकता दी

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार ने पांच साल में 600 प्रताड़ित मुसलमानों को नागरिकता दी. दुनिया के किसी भी देश में हिंदू निकाला जाएगा तो कहां जाएगा, यहीं आएगा. 1971 में इंदिरा गांधी ने सामूहिक नागरिकता दी थी.

6. गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय अलग हैं लेकिन सब काम कर रहे हैं

क्या सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता अर्थव्यवस्था को संभालना नहीं होना चाहिए. इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय अलग काम करता है और वित्त मंत्रालय भी. लेकिन सब मिलकर एकसाथ काम कर रहे हैं.

7. 370 पर नेहरू जी ने कहा था यह घिसते-घिसते घिस जाएगा

भारत की संविधान पीठ में ज्यादातर लोग कांग्रेसी थे. 370 हटाने का रास्ता कांग्रेस ने ही दिया था. नेहरूजी ने तभी संसद में कहा था कि यह घिसते-घिसते घिस जाएगा. हमने घिस दिया.

8. तीन तलाक सुप्रीम कोर्ट का फैसला था, हमने लागू कर दिया

अमित शाह ने कहा कि तीन तलाक सुप्रीम कोर्ट का फैसला था. हमने तो सिर्फ लागू किया. लेकिन आरोप लगता है कि इसे हम जबरदस्ती लेकर आए.

9. भारत सभी धर्मों का देश है, घुसपैठिए दीमक होते हैं

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत सभी धर्मों का देश है. लेकिन जब कोई बाहर से आता है तो वह हिंदू-मुसलमान सबके लिए खतरा बनता है. ये घुसपैठिए दीमक होते हैं. हमें कभी भी नागरिकता को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

10. नए NRC से किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नए NRC में देश के एक भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा. लेकिन एक भी घुसपैठिया बच नहीं पाएगा.

11. 70 साल का इंतजार किया है, 6 महीने जल्दी कैसे हो गए?

6 महीने में आप तेजी से फैसले ले रहे हैं क्या आप जल्दी में हैं? इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि देश ने 70 साल तक इंतजार किया है. 6 महीने जल्दी कैसे हो गए. अभी कोई चुनाव नहीं है. हम चुनाव के लिए तो कर नहीं रहे हैं.

12. हम राजनीति नहीं करना चाहते, देश को अच्छा बनाना चाहते हैं

गृहमंत्री ने कहा कि हम राजनीति नहीं करना चाहते. हम देश को अच्छा बनाना चाहते हैं. न वोट बैंक की राजनीति करते हैं, न ही करने देंगे. इसलिए कड़े फैसले लिए जा रहे हैं. लोगों को इन फैसलों को बारीकी से समझना होगा.

13. POK भारत का है, भारत में ही सम्मिलित होना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ये मानती है कि पाक अधिकृत कश्मीर (POK) भारत का है, भारत में सम्मिलित होना चाहिए. ये मंच नहीं है कि एडवांस में इसकी घोषणा करें.

14. दिल्ली-बंगाल-झारखंड में आएगी भाजपा की सरकारः शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली और पश्चिम बंगाल में चुनाव होने वाले हैं. झारखंड में चुनाव हो रहे हैं. मैं एकबात स्पष्ट कर दूं कि झारखंड में भाजपा दोबारा सरकार बनाएगी. दिल्ली और पश्चिम बंगाल में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी.

15. नेहरू ने कही थी धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की बात

अमित शाह ने कहा कि नेहरू ने 1950 में ही धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की बात कही थी. महात्मा गांधी, सरदार पटेल, मनमोहन सिंह, राजीव गांधी, चिदंबरम, अशोक गहलोत इन सभी ने इस बात का समर्थन किया था.

16. अयोध्या एक्ट कांग्रेस लेकर आई, अब फैसले पर ऐतराज क्यों?

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 1994 में कांग्रेस अयोध्या एक्ट लेकर आई. उसमें पार्टी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट फैसला हिंदू के पक्ष में करेगी तो जमीन हिंदुओं को दी जाएगी. मुसलमानों के पक्ष में फैसला आएगा तो मुसलमानों को जमीन दे दी जाएगी. अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया हिंदुओं के पक्ष में तो कांग्रेस उसपर आवाज उठा रही है.

17. राजीव लाए तब NRC सेक्युलर था, अब सोनिया कर रहीं विरोध

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 1985 में तो राजीव गांधी ही NRC लेकर आए थे. तब वो सेक्युलर था, लेकिन अब सोनिया गांधी और कांग्रेस उसी का विरोध कर रही हैं.

18. कैंपस में पथराव नहीं होना चाहिए था, पुलिस ने अपना फर्ज निभाया

जामिया में जो हिंसा हुई उस पर अमित शाह ने कहा कि कैंपस के अंदर पथराव नहीं होना चाहिए था. लेकिन स्टूडेंट बाहरी तत्वों के साथ मिलकर गाड़ी जलाते हैं तो पुलिस ने अपना फर्ज निभाया. अगर नहीं करती तो मेरे हिसाब से अपना काम ठीक ने नहीं करती.

19. PAK-बांग्लादेश के अल्पसंख्यक कहां गए?

अमित शाह ने कहा कि विभाजन के बाद बहुत से मुसलमान यहां रह गए. तब पाकिस्तान में 23% हिंदू थे, अब महज 3% रह गए. जबकि बांग्लादेश में 30% हिंदू थे, जिसमें से महज 7% रह गए. ये सारे अल्पसंख्यक कहां गए. इनका धर्म परिवर्तन करा दिया गया.

20. अगर कल फ्रांस सारे हिंदुओं को निकाल दे तो वो कहां जाएंगे

अमित शाह ने कहा कि देश के अल्पसंख्यक वर्ग को डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह एक्ट नागरिकता लेने नहीं, देने के लिए लाया गया है. शाह ने कांग्रेस से पूछा कि अगर कल को सत्ता परिवर्तन के बाद फ्रांस सारे हिंदुओं को निकाल दे तो वो कहां जाएंगे.

21. हमारे साइंटिस्ट को ले रहे हो तो अनपढ़ों को भी ले लो

अमित शाह ने कहा कि नागरिकता को लेकर यूरोप के कई देशों ने नियम बनाए हैं. इतना एजुकेशन होगा तो ही हम आपको नागरिकता देंगे, तो अनपढ़ के साथ भेदभाव नहीं है. अगर आप भारत के लिट्रेट साइंटिस्ट को ले रहे हो भारत के गरीब को भी ले जाओ.

क्या दुनिया के किसी भी हिस्से से मुसलमान आएं तो हम उसे नागरिक बना लें: शाह

कांग्रेस पार्टी नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही है. वहीं गृह मंत्री अमित शाह इसे वोट बैंक की राजनीति बता रहे हैं. देश के नंबर वन न्यूज चैनल आजतक के ‘एजेंडा आजतक’ के आठवें संस्करण के दूसरे दिन अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए लोगों को शरण देने की जरूरत है, क्योंकि वो प्रताड़ित हैं और पिछले 70 सालों से नरक का जीवन जी रहे हैं. जहां तक एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) की बात है इसकी शुरुआत कांग्रेस ने की.

गृह मंत्री शाह ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष और गुलाम नबी आजाद, आप दोनों एक संयुक्त बयान जारी कर दीजिए कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में जितने भी मुसलमान हैं सब यहां आ जाएं हम उसे नागरिकता दे देंगे. जो वो कह रहे हैं कि घुसपैठियों को भी नागरिकता दो’

गृह मंत्री के इस आरोप पर इंडिया टुडे/आजतक के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल ने उन्हें टोकते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा. राहुल कंवल ने समझाते हुए कहा कि मान लीजिए कोई परिवार नौकरी की तलाश में बांग्लादेश से भारत आया.इसपर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वो रोजगार की तलाश में नहीं आए हैं.

राहुल कंवल ने गृह मंत्री से कहा कि ऐसा आप मान रहे हैं. कुछ का हो रहा होगा, ढेर सारे लोगों का हो रहा होगा लेकिन सबका नहीं.

इस पर अमित शाह ने कहा, ‘उन देशों में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या कम हुई लेकिन भारत में मुसलमानों की आबादी बढ़ी. वहां प्रताड़ना हो रही है इसलिए वहां के अल्पसंख्यकों की आबादी 30 से सात प्रतिशत पर आ गई और पाकिस्तान में 23 से तीन प्रतिशत पर. वास्तविकता यह है कि वहां पर प्रताड़ना हो रही है.’

राहुल कंवल ने आगे सवाल किया कि पहले जो हिंदू परिवार यहां रह रहे थे उनका कहना था कि वो यहां पर ऐसे ही आ गए लेकिन अब वो ऐसा नहीं बोलेंगे…या तो वो तब झूठ बोल रहे थे या अब बोलेंगे. अब वो कहेंगे कि उनके साथ धार्मिक प्रताड़ना हुई, इसलिए वो यहां आ गए.

इसके जवाब में गृह मंत्री ने कहा, ‘तब पाकिस्तान ने दलितों को भारत नहीं आने दिया. उनका कहना था कि वो वापस चले जाएंगे तो यहां साफ-सफाई कौन करेगा? उस वक्त कांग्रेस के प्रधानमंत्री चुप रहे थे. उसी दिन सबको लाने की जरूरत थी. इनके भरोसे छोड़ने की जरूरत नहीं थी.’

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में कोई ऐसा देश है, जहां पर नागरिक रजिस्टर नहीं है? जो भी जाए वहां नागरिक बन सकता है? क्या यहां का नागरिक वहां की नागरिकता ले सकता है? तो क्या कांग्रेस पार्टी ये कहना चाहती है कि दुनिया भर से कोई मुसलमान आए, क्योंकि हिंदू को ले रहे हो तो आप उसको भी स्वीकार कर लो. ऐसे देश चलता है क्या?’

गृह मंत्री ने आगे कहा, ‘जहां तक भेदभाव का सवाल है यूरोप के कई देशों ने नागरिकता के लिए नियम बनाए हैं कि इतना इंवेस्टमेंट करोगे तभी हमारे देश की नागरिकता मिलेगी. क्या ये गरीबों के साथ भेदभाव नहीं है? इतने पढ़े लिखे होंगे तभी हम आपको नागरिकता देंगे, क्या ये अनपढ़ के साथ भेदभाव नहीं है. भारत के पढ़े-लिखे वैज्ञानिकों को ले रहे हो तो भारत के गरीब को भी ले जाओ. जो हमें पूछ रहे हैं कि भेदभाव क्यों कर रहे हैं? तो आपने भी अलग तरीके से भेदभाव किया है. लेकिन हमने कोई भेदभाव नहीं किया है.’

शाह ने आगे कहा, ‘बंटवारे के वक्त भारत का वचन था कि जो हिंदू और सिख भाई वहां रह गए हैं, जो उस देश में अल्पसंख्यक हैं, अगर वो उस देश में रहना नहीं चाहते तो भारत देश उन्हें स्वीकार करेगा. यह हमारे देश के सदन का वचन है, देश के गवर्नर जनरल का वचन है, इस देश के प्रधानमंत्री का वचन है और सबसे ऊपर महात्मा गांधी का वचन है. जिसको पूरा देश मानता है. फिर इनकी एंट्री पर क्यों सवाल उठाया जा रहा

अगर कल सत्ता परिवर्तन के बाद फ्रांस सारे हिंदुओं को निकाल दे तो वो कहां जाएंगे: शाह

एजेंडा आजतक 2019 के दूसरे दिन के अंतिम सत्र ‘शाह है तो संभव है’ में देश के केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरकत की. गृह मंत्री ने इस सत्र में नागरिकता कानून के मसले पर खुलकर बोले और देश के अल्पसंख्यक वर्ग को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह एक्ट नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकता देने के लिए लाया गया है.

इस चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला और सवाल उठाया कि अगर कल को सत्ता परिवर्तन के बाद फ्रांस अपने यहां से सारे हिंदुओं को निकाल दे तो वो कहां जाएंगे?

भेदभाव के सवाल पर शाह ने दिया कई देशों का उदाहरण

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि क्या कांग्रेस पार्टी यह कहना चाहती है कि पूरी दुनिया में किसी भी देश का कोई भी मुसलमान आए, तो उसको स्वीकार कर लिया जाए, क्योंकि हिंदुओं को शरण दी जा रही है. इस प्रकार से देश चलता है क्या, कभी नहीं चल सकता. जहां तक भेदभाव का सवाल है, यूरोप के कई देशों ने नियम बनाए हैं ग्रीन कार्ड और नागरिकता के लिए कि इतना निवेश करोगे तभी नागरिकता मिलेगी, तो क्या यह गरीब के लिए भेदभाव नहीं है. इतना एजुकेशन होगा तो ही हम आपको नागरिकता देंगे, तो अनपढ़ के साथ भेदभाव नहीं है.

शाह ने आगे कहा कि अगर आप भारत के लिट्रेट साइंटिस्ट को ले रहे हो, तो भारत के गरीब को भी ले जाओ भैया. जो हमें पूछ रहे हैं कि ये भेदभाव कर रहे हैं, तो आप भी तो भेदभाव कर रहे हैं अलग तरीके से. हालांकि यहां हमने कोई भेदभाव नहीं किया.

‘उनको नागरिकता देना भारत सरकार का कमिटमेंट था’

गृह मंत्री ने कहा कि यह भारत सरकार का कमिटमेंट था. वहां जो सिख भाई रह गए, सारे वहां के अल्पसंख्यक रह गए. अगर वो उस देश में रहना नहीं चाहते हैं, तो उनको यह देश स्वीकार करेगा. यह इस देश की पार्लियामेंट का कमिटमेंट है. इस देश के प्रधानमंत्री का कमिटमेंट है और सबसे ऊपर महात्मा गांधी का कमिटमेंट है, जिसको देश में सबने माना है.

600 मुस्लिमों को प्रताड़ना के आधार पर नागरिकता दी

प्रताड़ना पर मुस्लिमों को नागरिकता के प्रावधान से जुड़े सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि एक्ट में इसका प्रावधान है. मोदी सरकार में ही करीब 600 मुस्लिमों को उसी के आधार पर नागरिकता दी गई है, जो उत्पीड़न का शिकार होने के बाद यहां आए थे. हमारे देश की संसद, उस वक्त के प्रधानमंत्री, उस वक्त के राष्ट्रपति और महात्मा गांधी का कमिटमेंट है कि इन तीन देशों के अल्पसंख्यक जब वहां नहीं रहना चाहते हैं, तो वो जब भी यहां आएंगे, तो उनको शरण दी जाएगी और नागरिकता दी जाएगी.

‘फ्रांस सारे हिंदुओं को निकाल दे तो वो कहां जाएंगे’

शाह ने आगे कहा कि आज मैं पूछना चाहूंगा कांग्रेस के नेताओं से कि युगांडा से सारे हिंदू आए तो उनको नागरिकता क्यों दी? कल मानो भगवान न करे जैसा युगांडा में हुआ वैसा फ्रांस करे. फ्रांस में कोई ऐसा शासक आकर कहे कि हिंदुओं को निकाल देंगे, तो हिंदू कहां जाएगा? दुनिया में जाएगा कहां वो, यहीं आएगा और कहीं नहीं जा सकता, यहीं आएगा. सिख कहां जाएगा, यहीं आएगा. अगर अफ्रीका ने सबको निकाल दिया तो यहीं आएगा और हमें स्वीकारना चाहिए.

NRC में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होगा, जो नागरिक नहीं होगा, निकाला जाएगा: अमित शाह

एजेंडा आजतक के मंच से देश के गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता कानून लागू होने के बाद इस पर विस्तार से सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने इसका विरोध करने वाले लोगों को एक-एक कर हर पहलू का जवाब देते हुए कहा कि नागरिकता कानून और एनआरसी लाने की बात तो पूर्व की कांग्रेस सरकार करती आई है लेकिन जब आज मोदी सरकार इसे लागू कर रही है तो वही लोग विरोध कर रहे हैं.

CAA से नहीं जाएगी किसी की नागरिकता

नागरिकता कानून को एनआरसी से जोड़कर देखने और फिर इसके नतीजे के बारे में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एनआरसी में धर्म के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं होगी और जो कोई भी एनआरसी के तहत इस देश का नागरिक नहीं पाया जाएगा, सबको निकालकर देश से बाहर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सिर्फ मुस्लिमों के लिए एनआरसी नहीं है.

अपने बनाए कानून के विरोध में कांग्रेस

अमित शाह ने कहा कि एनआरसी हम लेकर नहीं आए थे, कांग्रेस अध्यक्षा और गुलाब नबी आजाद जैसे लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वह जान लें कि पहली बार 1985 में असम समझौते के दौरान पहली बार एनआरसी की बात स्वीकार की गई. इसके बाद कांग्रेस की ही सरकार में एनआरसी के लिए नागरिकता कानून में संशोधन किए गए. आज कांग्रेस अपने बनाए कानून पर ही हमसे सवाल कर रही है तो क्या यह कानून सिर्फ दिखावे के लिए बनाए थे.

देश के विश्वविद्यालयों में कानून के विरोध पर अमित शाह ने कहा कि देश की सिर्फ 22 यूनिवर्सिटी में इस कानून के खिलाफ विरोध हुए हैं जिनमें से 4 में गंभीर प्रदर्शन हुए हैं. इसकी वजह है कि बच्चों ने ठीक से कानून पढ़ा नहीं है. उन्हें पहले इस कानून को ठीक ढंग से पढ़ना चाहिए, अगर कानून किसी के खिलाफ लगता है तो सरकार के साथ चर्चा करनी चाहिए हम उनकी शंकाओं को दूर करने के लिए तैयार हैं.

गृह मंत्री ने जामिया हिंसा पर कहा कि पुलिस कभी छात्रों के पीछे नहीं पड़ती, लेकिन कैंपस के भीतर से पथराव होता है, छात्रों के साथ आगजनी करने वाले लोग होते हैं, ऐसे में अगर पुलिस कुछ नहीं करती तो माना जाता पुलिस अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं कर पा रही है. उन्होंने कहा कि विरोध जब हिंसा का रूप लेता है तो उसे रोकना पुलिस का फर्ज भी है और धर्म भी है, जो उन्होंने निभाया है. शाह ने कहा कि पुलिस को कैंपस में घुसना चाहिए या नहीं, अभी इस बारे में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा. पुलिस को मेरी ओर से दिल्ली में शांति कायम करने के निर्देश दिए गए हैं.

अमित शाह बोले- PoK देश का अभिन्न हिस्सा और उसे भारत में ही होना चाहिए

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर अमित शाह ने आगे कहा कि इतना तो तय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मानते हैं कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत का है और भारतीय सीमा में ही इसे समाहित होना चाहिए.

दूसरी ओर, नागरिकता संशोधन एक्ट पर हो रही हिंसा और प्रदर्शन पर अमित शाह ने कहा, ‘मैं लोगों से अपील करता हूं कि वो नागरिकता संशोधन एक्ट को अच्छी तरह से पढ़ें. अगर लगता है कि यह एक्ट किसी के खिलाफ हैं तो जरूर सरकार के साथ चर्चा करनी चाहिए.’

हिंदी जगत के महामंच ‘एजेंडा ‘ के दूसरे दिन मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रविशंकर प्रसाद और पीयूष गोयल, आर्मी चीफ बिपिन रावत, क्रिकेटर युवराज सिंह, हरभजन सिंह, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, एक्टर अक्षय कुमार, आयुष्मान खुराना समेत कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की.

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

4 माह में 24 हजार तालिबानी ढेर, 5 हजार आम नागरिक मरे…अफगानिस्तान में यूं जारी है खूनी जंग

नई दिल्ली 31 जुलाई 2021 । अफगानिस्तान में किस कदर बीते कुछ महीनों में खूनी …