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TV देखने वाली महिलाओं की संख्या में किस तरह हुआ इजाफा

नई दिल्ली 08 अक्टूबर 2019 । देश भर में कितने लोग टीवी देख रहे हैं और उस पर क्या कंटेंट देखा जा रहा है, इस बारे में दैनिक भास्कर ने एक रिपोर्ट तैयार की है। वरिष्ठ पत्रकार मनीषा भल्ला की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 79 फीसदी स्मार्टफोन यूजर्स (टेकएआरसी की रिपोर्ट) मोबाइल फोन पर नेटफ्लिक्स और अमेजॉन प्राइम जैसे ‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) प्लेटफॉर्म देखते हैं। इसके बावजूद पिछले चार सालों में रोजाना टीवी देखने के औसत समय में करीब 16 मिनट की बढ़ोतरी हुई है। देश में 61 करोड़ से ज्यादा लोग रोजाना टीवी देख रहे हैं। खास बात यह है कि टीवी दर्शकों में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब टीवी दर्शकों में महिलाओं और पुरुषों की हिस्सेदारी बराबर हो गई है।

इस रिपोर्ट में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) इंडिया के सीओओ रोमिल के हवाले से बताया गया है कि नोटबंदी यानी नवंबर 2016 के बाद महिलाओं ने टीवी ज्यादा देखना शुरू किया है। उनकी टीवी देखने की संख्या 44 फीसदी तक बढ़ी है। उसकी एक बड़ी वजह उन्होंने बताई है कि महिलाओं ने हिंदी न्यूज बुलेटिन देखना शुरू किया है। न्यूज देखने वाली महिलाओं की तादाद 33 फीसदी बढ़ी है। न्यूज के अलावा टीवी पर आने वाले धार्मिक और क्राइम शो ने टीवी पर महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाया है। उनका कहना है कि ‘सावधान इंडिया’ और ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे शो की व्युअरशिप केवल महिलाओं पर चल रही है। रोमिल का कहना है कि ओटीटी तो बढ़ेगा ही, लेकिन इसका टीवी से कोई लेना-देना नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, परवरिश, जस्सी जैसी कोई नहीं जैसे सीरियल्स के लेखक सत्यम त्रिपाठी का कहना है कि टीवी अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। त्रिपाठी का कहना है कि धार्मिक सीरियल में महिलाएं खासी रुचि लेती हैं। राधा कृष्ण, मेरे साईं और शनि जैसे सीरियल महिलाएं श्रद्धा से देखती हैं।

भारत में टीवी देखने का प्रतिव्यक्ति औसत समय इस रिपोर्ट में 3 घंटा 40 मिनट बताया गया है जबकि अमेरिका में यह 4 घंटा 30 मिनट है। यानी अमेरिका के मुकाबले भारत में यह समय 50 मिनट कम है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि भारत में अभी 10 करोड़ घरों में टीवी नहीं है। अगर अमेरिका में ओटीटी प्लेटफॉर्म के बावजूद टीवी खत्म नहीं हुआ तो भारत में भी नहीं होगा। डिजिटलाइजेशन के बाद टीवी भी तरक्की के नए आयाम छुएगा।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देश में 2005 में करीब 130 टीवी चैनल थे। यह आंकड़ा काफी तेजी से बढ़ा और 2010 में चैनलों की संख्या 265 से होती हुई 2013 तक 550 को पार कर गई। वर्ष 2018 में देश में 800 से ज्यादा टीवी चैनल चल रहे थे। टीवी देखने में पूरे देश में सबसे आगे आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के लोग हैं। यहां रोजाना औसतन 4 घंटे 12 मिनट और 56 सेकंड टीवी देखा जाता है।

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