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सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली 28 अक्टूबर 2018 । उच्चतम न्यायालय ने घर खरीदने वालों के धन को दूसरे मद में लगाने के मुद्दे पर आम्रपाली समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सी एफ ओ) और आंतरिक ऑडिटरों से कड़े सवाल पूछे और आदेश दिया कि कंपनी सी एम डी और इसके दो अन्य निदेशक नोएडा में एक होटल में पुलिस की निगरानी में रहेंगे।

शीर्ष अदालत ने 23 ”मुखौटा कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया जिनके बारे में समूह ने विशेष प्रयोजन वाली कंपनियां होने का दावा किया। न्यायालय ने इन कंपनियों के गठन और बैंक खातों का ब्योरा मांगा। इसने आम्रपाली समूह से कहा कि वह 2008 से कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी लैपटॉप, कंप्यूटर और हार्ड ड्राइव फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सौंप दे।

मामले की जांच के लिए इन फॉरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति न्यायालय ने की है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्र और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने सी एफ ओ चंदर वाधवा से कड़ी पूछताछ की जिसने पूर्व में फॉरेंसिक ऑडिटरों की पूछताछ के दौरान ”याददाश्त खोने का दावा किया था। इसने कंपनी के दो आंतरिक ऑडिटरों- अनिल मित्तल और रवि कपूर से भी कहा कि वे समूह से संबंधित सभी दस्तावेज सौंप दें। न्यायालय ने उन्हें चेतावनी दी कि आदेश का पालन न करने पर उन्हें जेल जाना होगा। अदालत ने समूह के खाते रखने वाले बैंकों को निर्देश दिया कि 2008-18 की अवधि के दौरान के कंपनी के सभी ब्योरे तीन दिन के भीतर फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सौंप दिए जाएं।

इसने पुलिस को निर्देश दिया कि वह आम्रपाली के आंतरिक ऑडिटरों से समूह से जुड़े सभी दस्तावेज तीन दिन के भीतर जब्त कर फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सौंपे। शुरू में, फॉरेंसिक ऑडिटर पवन कुमार अग्रवाल ने अदालत को बताया कि उन्होंने पाया है कि घर खरीदने वालों से एकत्र धन समूह की कुछ कंपनियों ने दूसरे मद में लगा दिया और इस काम के लिए कुछ मुखौटा कंपनियां बनाई गईं।

चार्टर्ड अकाउंटेंट का शीर्ष संगठन आईसीएआई ने आम्रपाली समूह के ऑडिटरों को नोटिस जारी किया है। भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) ने विभिन्न खबरों और न्यायालय के विभिन्न अंतरिम आदेशों के आधार पर शुक्रवार को कहा कि उसने 2008 से 2015 के दौरान और इसके बाद की अवधि के लिए आम्रपाली के ऑडिटरों को स्वत: संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। संगठन ने एक बयान में कहा, आईसीएआई मामले की गहन जांच करेगा और ऑडिटरों द्वारा किए गए गलत कार्यों की तेजी से जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि आम्रपाली समूह की कंपनियों ने घर खरीदारों का पैसा अन्य कंपनियों को हेराफेरी कर बड़ी धोखाधड़ी की है। इसके पीछे के बड़े गिरोह का खुलासा होना चाहिए। स्वतंत्र ऑडिटरों ने न्यायालय को बताया था कि आम्रपाली के ऑडिटरों ने अपना कार्य करने में अनियमितता बरती है।

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