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शिवराज के मानहानि मुकदमे से मैं नहीं डरता :राहुल गांधी

खरगोन 31 अक्टूबर 2018 । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वे अपने बयानों के चलते शिवराज सिंह चौहान या उनके परिवार द्वारा दाखिल किए जाने वालों मानहानि मुकदमों से नहीं डरते और वे जनहित में सच्चाई उजागर करते रहेंगे ।
लीड ; शिवराज के मानहानि मुकदमे से मैं नहीं डरता :राहुल गांधी
लीड ; शिवराज के मानहानि मुकदमे से मैं नहीं डरता :राहुल गांधी

आज अपरान्ह खरगोन के नवग्रह मेला मैदान में संकल्प रैली के तहत जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे शिवराज सिंह चौहान या उनके परिवार द्वारा दायर किए जाने वाले मानहानि मुकदमों से नहीं डरते और जनता के हित में सच्चाई बयान करते रहेंगे।

उन्होंने पनामा पेपर लीक मामले का जिक्र ना करते हुए आरोप लगाया कि यह सर्वविदित है कि शिवराज सिंह चौहान तथा उनका परिवार व्यापम घोटाले में खुले तौर पर शामिल रहा है जिसके चलते प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगारों को नौकरी से वंचित रहना पड़ा और उनका भविष्य समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि व्यापम के चलते 50 लोगों की हत्या भी हुई । उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में हर युवा जानता है कि बिना पैसे दिए उन्हें नौकरी या अच्छे कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिल सकता। राहुल गांधी ने कहा कि उनके व्यापम को लेकर कल के संबोधन से नाराज हुए शिवराज सिंह चौहान यदि और भी मानहानि का मुकदमा लगाते हैं तो और लगा दें वह इसकी चिंता नहीं पालते ।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास युवाओं को रोजगार देने तथा किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने का ‘विजन’ है जिसके मुताबिक हर जिले में किसानों के खेत के पास ‘फूड प्रोसेसिंग प्लांट’ लगाकर उन्हें आधारभूत संरचनाओं से जोड़ा जाएगा जिससे किसान अपनी उपज वहां पहुंचा कर उसका उचित मूल्य ले सकेंगे। साथ ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट में उनके बेटे बेटियों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा प्रत्येक जिले के ऊर्जा को वे दुनिया से जोड़ने का काम करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विगत 15 वर्षों में शिवराज सिंह चौहान ने या पिछले साढ़े चार वर्षों में नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के किसी शहर का नाम दुनिया से नहीं जोड़ा जबकि इंदौर और भोपाल जैसे शहरों का नाम दुनिया के नक्शे पर आ जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जमाने में विकसित दिल्ली, मुंबई ,बेंगलुरु तथा हैदराबाद को ही दुनिया जानती है।
राहुल गांधी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास कोई विजन नहीं है वह व्यापम, डंपर, ई टेंडरिंग, रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन घोटालों में फसने के बाद उनसे निकलने की ही तरकीबें ढूंढते रहते हैं ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , अरुण जेटली व शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि कर्ज माफी उनकी नीति नहीं है लेकिन कांग्रेस की सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ होगा । और यदि ऐसा नहीं हुआ तो ग्यारहवें दिन कांग्रेस का दूसरा मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा और वह अगले 10 दिनों में उनका कर्ज माफ करेगा ।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और उन्हें अपने अमीर मित्रों के काले धन को सफेद करने और उनके हितों के लिए नोट बंदी और जीएसटी लागू करने के आरोप लगाये ।
उन्होंने कहा कि इसके चलते गरीबों किसानों छोटे व्यापारियों महिलाओं को तकलीफें हुई जबकि दूसरी ओर नरेंद्र मोदी ने साढ़े तीन लाख करोड़ अपने 15 अमीर दोस्तों को कर्ज माफी के रूप में तोहफा दिया। राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर कहा कि नीरव मोदी ललित मोदी और नरेंद्र मोदी में हर जगह मोदी है और नीरव और ललित के कारनामे चौकीदार से अलग नहीं है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने डेढ़ घंटे के भाषण में कांग्रेस के शासन काल मे काम न करते हुए सोते रहने के आरोप लागते हुए एनडीए शासन काल को ही देश के विकास का काल निरूपित किया है । उन्होंने इस पर आपत्ति लेते हुए कहा कि श्री मोदी ऐसा कह कर दरअसल कांग्रेस पर ही नहीं देश की जनता और उसकी शक्ति तथा इतिहास पर उंगली उठाते हैं ।
उन्होंने हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई और देश का विकास के लिये कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि देश के निर्माण के लिये सैनिकों ने अपनी जान की कुर्बानी भी दी है ।
हालांकि इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने लाल किले से प्रधानमंत्री की बजाय राष्ट्रपति का संबोधन बता दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हिंदू धर्म की बात करती है लेकिन उसे हिंदू धर्म के बारे में कुछ मालूम ही नहीं है । उन्होंने कहा कि दरअसल हिंदू धर्म के मायने सच्चाई है, अहंकार ,नफरत और हिंसा नहीं है । हिंदू धर्म कहता है कि सबका आदर सम्मान करो।
उन्होंने क्षेत्र के आदिवासियों को भावनात्मक रूप से स्वर्गीय इंदिरा गांधी से जोड़ने का प्रयास करते हुए कहा कि श्रीमती गांधी अंतिम व्यक्ति के बारे में सोच कर योजनाओं का निर्माण कर निर्णय लेती थी। उन्होंने कहा कि निमाड़ क्षेत्र के किसानों को यूपीए सरकार के दौरान कपास और सोयाबीन का अच्छा मूल्य मिलता था लेकिन इसके विपरीत उन्हें आज न्यूनतम समर्थन मूल्य मांगना पड़ रहा है ।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अच्छे दिन का नारा देकर चौकीदार चोर है के तथ्य पर आ गई है । उन्होंने कहा कि पहले सूट बूट की सरकार फिर सूट बूट झूठ की सरकार और उसके बाद सूट-बूट झूठ और लूट की सरकार हो गई है। उन्होंने नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर चौकीदार चोर है के नारे लगवाए ।
उन्होंने कहा कि देश में भारतीय जनता पार्टी दो हिंदुस्तान बनाने की कोशिश कर रही है एक अमीरों का और दूसरा सर्वहारा वर्ग का लेकिन ऐसा होता तो हिंदुस्तान में दो झंडे होते ।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक झंडे और एक हिंदुस्तान में विश्वास करती है जिसमे अमीर गरीब किसान दलित आदिवासी सभी को सपने देखने और पूरे करने का अधिकार होगा ।
उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारत रत्न क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की की तुलना करते हुए कहा कि जब सचिन तेंदुलकर मैदान में आते हैं तो लोगों को उनसे शतक की उम्मीद रहती थी और जबकि शिवराज सिंह चौहान भाषण देने आते हैं तो वह घोषणाओं का अंबार लगा देते हैं।
राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान बार-बार नरेंद्र मोदी पर निशाना लगाते हुए अनिल अंबानी नीरव मोदी मेहुल चौकस का नाम उनके मित्रों में लिया और कहा कि देश को नुकसान पहुंचा कर श्री मोदी ने बेईमानों का साथ दिया ।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो वह कांग्रेस पार्टी की नहीं बल्कि युवाओं किसानों कमजोर वर्ग की सरकार होगी जहां प्रत्येक व्यक्ति की उचित सुनवाई होगी । उन्होंने कहा की घोषणापत्र में इंगित हर कार्य पूर्ण किए जाएंगे।
राहुल गांधी के मंच पर आने के पूर्व कांग्रेस के विजयलक्ष्मी साधो तथा अरुण यादव गुटों में आपसी प्रतिद्वंद्विता फिर से सामने आई। कांग्रेस से टिकट पाने वाले उम्मीदवार उनके समर्थकों के साथ आये .
राहुल गांधी जब अपना संबोधन समाप्त करके मंच से नीचे उतरे और जनता का अभिवादन करीब जाकर स्वीकार कर रहे थे तभी अचानक एक व्यक्ति, जो उन्हें सूत की माला पहनाने में असफल रहा था, ने उक्त माला उनकी तरफ उछाल दी जिस से सुरक्षा मे शामिल लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि सूत की माला देखकर सभी की जान में जान आई । राहुल गांधी भी उक्त माला को उठाने के लिए झुकते नजर आए।

एम. पी. बी जे पी को झटका, विधायक, पूर्व विधायक सहित 3 नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा

मध्‍यप्रदेश में कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी का दौरा प्रदेश बीजेपी को बड़ा झटका दे गया। इंदौर दौरे पर आए राहुल गांधी के समक्ष बीजेपी के तेंदूखेड़ा के विधायक संजय शर्मा, मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाने वाले किरार समाज के नेता गुलाब सिंह किरार एवं अनुसूचित जाति वर्ग के नेता पूर्व विधायक कमलापत आर्य ने कांग्रेस की सदस्‍यता ली।  गौरतलब है कि किरार पर व्‍यापम मामले के छिंटे लगे है। वहीं संजय शर्मा पर रेत के अवैध उत्‍खनन का आरोप है।

चार दिग्गज सांसदों के नाक की लड़ाई बना विधानसभा चुनाव, दांव पर है सियासी साख

मध्य प्रदेश में चुनाव विधानसभा का है लेकिन ग्वालियर में ये चुनाव चार दिग्गज सांसदों के नाक की लड़ाई बन गया है. इस चुनाव में दांव पर इन सांसदों की सियासी साख है. सियासत के वो चार चेहरे जिनके लिए इस बार ग्वालियर का विधानसभा चुनाव बेहद खास हो गया है उनमें एक तरफ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर हैं तो दूसरी ओर राजघराने के ज्योतिरादित्य सिंधिया. चुनावी मैदान में अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा के साथ राज्यसभा सांसद प्रभात झा भी अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के मूड में हैं.

इसी वजह से इन चारों की सियासी लड़ाई का अखाड़ा ग्वालियर बन गया है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने चुनौती ग्वालियर की सभी 6 सीटों पर कांग्रेस की विजय पताका लहराकर अपने लिए सीएम पद की दावेदारी मजबूत करने की है. वहीं दूसरी तरफ नरेंद्र सिंह तोमर पर हर हाल में बीजेपी को जिताने का दबाव है क्योंकि वो ग्वालियर से सांसद हैं.

ग्वालियर में पेंच इसलिए भी फंस गया है क्योंकि मुरैना से बीजेपी सांसद अनूप मिश्रा संसद छोड़ विधानसभा लौटना चाहते हैं. मिश्रा कई सीट से दावेदारी भी ठोंक रहे हैं. उधर बिहार में जन्में और ग्वालियर से शिक्षा-दीक्षा हासिल करने वाले प्रभात झा अपने बेटे तुषमुल झा का ग्वालियर की किसी सीट से विजय तिलक करना चाहते हैं जिससे मामला और पेंचीदा हो चला है.ग्वालियर में जिसका सिक्का चलेगा उसका सियासी भविष्य उतना ही मजबूत होगा. लेकिन इन सब के बीच आखिरी फैसला जनता की अदालत को सुनाना है. ग्वालियर में चारों हाई प्रोफाइल सांसदों के बीच दिलचस्प राजनैतिक युद्ध देखने को मिलेगा और चुनावी नतीजे ही अब ये तय करेंगे कि ग्वालियर से किस सांसद की आखिरकार जीत होती है.

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