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आईएएस एसोसिएशन की अध्यक्ष गौरी सिंह लूप लाइन भेजी गईं

भोपाल 2 दिसंबर 2019 । मध्यप्रदेश में त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया जारी करने से पहले मुख्यमंत्री और मंत्री को विश्वास में न लेना विभाग की अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह को भारी पड़ गया। सरकार ने न केवल 29 नवंबर को जारी गौरी सिंह के आदेश को उन्हीं के हस्ताक्षर से रद्द कराया है बल्कि गौरी सिंह के जगह अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव को वर्तमान दायित्व के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अपर मुख्य सचिव एवं प्रदेश का विकास आयुक्त बनाया है। खबर है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपी आईएएस विवेक अग्रवाल की हिमायत करना भी गौरी सिंह को भारी पड़ गया है।

मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन की अध्यक्ष गौरी सिंह को आज राज्य सरकार ने विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विभाग जैसे महत्वपूर्ण पद से हटाकर प्रशासनिक अकादमी भेज दिया है। जबकि लंबे समय से लूप लाइन में रहे अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव को वर्तमान दायित्व के साथ-साथ विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भी सौंपा गया है। गौरी सिंह पर मंत्री और मुख्यमंत्री की उपेक्षा के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आरोपी आईएएस विवेक अग्रवाल की हिमायत करने के आरोप हैं। उन्होंने 29 नवंबर को मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को बगैर बताए पंचायत आरक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी किए थे, जिसे मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद तत्काल रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा पिछले महीने 17 अक्टूबर को जब पूरी सरकार इंदौर में मैग्नीफिशेंट इंदौर के आयोजन में लगी थी, ठीक उसी समय गौरी सिंह ने एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्रदेश विवादास्पद आईएएस विवेक अग्रवाल की हिमायत की थी। राज्य सरकार के निर्देश पर विवेक अग्रवाल के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने भोपाल स्मार्ट सिटी घोटाले की जांच शुरू की थी। इसकी खबर छपने पर गौरी सिंह ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि किसी आईएएस अधिकारी पर दोष सिद्ध होने से पहले मीडिया ट्राईल नहीं होना चाहिए। गौरी सिंह ने अपना यह पत्र मुख्य सचिव को भेजने से पहले ही मीडिया में वायरल करा दिया। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव इस बात से बेहद खफा थे। दोनों का यह मानना था कि ऐसे समय में जबकि मैग्नीफिशेंट मप्र आयोजन में दुनियाभर के उद्योगपति इंदौर आ रहे हैं गौरी सिंह ने यह पत्र लिखकर और मीडिया में देकर प्रदेश की छवि प्रभावित की है। तभी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि गौरी सिंह पर गाज गिरेगी।

महत्वपूर्ण भूमिका में मनोज श्रीवास्तव
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नजदीकी बताकर उन्हें लंबे समय से लूप लाइन रखा गया था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने निवास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से सलाह मशवरा किया था। प्रदेश कांग्रेस के एक पूर्व अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया था कि मनोज श्रीवास्तव की क्षमताओं का उपयोग किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस के यह पूर्व अध्यक्ष लगभग दो घंटे मनोज श्रीवास्तव के घर चर्चा करके भी आए। इसके बाद ही तय हो गया था कि जल्द ही मनोज श्रीवास्तव कमलनाथ सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका में आएंगे।

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