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कांग्रेस सत्ता में आई तो 10 दिन में किसान के कर्जे माफ

नई दिल्ली 7 जून 2018 । म.प्र.में कांग्रेस सत्ता मेंआएगी तो 10 दिनों में किसानों के कर्जे माफ हो जाएंगे। यू पी ए की सरकार ने 70 हजार करोड़ रु के किसानों के कर्जे माफ किये थे
उक्त बात कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी ने कही । वे कांग्रेस की किसान समृद्ध संकल्प यात्रा की पिपलियामंडी के पास ग्राम खोखरा में आयोजित एक बड़ी सभा को सम्बोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि 15 वर्षो में किसानों के अपमान हुआ है।हम चाहते है किसान को आदर मिले ,इज्जत मिले । किसान के बच्चे को रोजगार और शिक्षा मिले । हम सरकार में आये तो प्रदेश का नक्षा व जिंदगी बदलना चाहते है। हम सरकार में आये तो प्रदेश के हर जिले में फ़ूडप्रोसेसिंग यूनिट लगाएगे ताकि किसान सीधा अपना माल फेक्टरी जाकर बेचे।
– राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सबसे बड़ा धोका युवाओं से किया है। झूठ बोला है।यह भी कहा था कि 15 लाख रु बैंक खाते में आ जाएंगे। उन्होंने किसानों सर कहा था कि उनकी उपज का सही दाम दिलवाएंगे।
राहुल गांधी कांग्रेस की किसान समृद्ध संकल्प यात्रा के तहत पिपलियामंडी के पास खोखरा गांव में आयोजित सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये या इनकी बीजेपी की कोई भी सरकार हो उन सरकारों के दिल मे किसानों के प्रति दिल मे जगह नही है। जब किसान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से हमारे कर्जे माफ हो कि मांग करता है तो वे कहते है हमारे पास समय नही है।
राहुल ने कहा कि म.प्र.में 1200 किसानों ने आत्म हत्या की लेकिन मोदी ने जिन्हें करोड़ो रु का कर्ज दिलवाया उनके परिवारों ने क्या आत्म हत्या की ।देश के अमीर लोगो का कर्ज लाखो करोड़ो रु का होता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी पर यह भी तंज कसते हुए कहा कि लाखों करोड़ों रु का कर्ज लेकर भागने वाले नीरव और मेहुल को मोदी नीरव भाई और मेसुल भाई कहते है।इनको दिया 30 हजार करोड़ रु के कर्ज से प्रदेश के किसानों का दो बार कर्ज माफ किया जा सकता है।
राहुलजी ने कहा कि देश के हजारों किसानों की बात लेकर प्रधानमंत्री ऑफिस एक ही बार गया हूं। किसानों की आवाज कह रही है कि इनका भी कर्ज माफ करो लेकिन देश के किसानों की आवाज पर उन्होंने 5 शब्द भी नही कहे। मेने उन्हें कहा कि 10 दिन में जवाब दे देना। हम आपके मन की बात सुनते ही ,मन की बात नही कहते ।
उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिये कहा कि जो सरकार बनेगी उसमे कार्यकर्ताओं की भागीदारी पहले होगी। सरकार बनाने के लिये उन्होंने नेताओ को नसीहत देते हुए कहा कि जो जनता से जुड़ेगा,गांवो में जाएगा,जनता के पास जाएगा और म.प्र.की मिट्टी पर चलेगा उसी के लिये म.प्र.की सरकार में जगह होगी।उन्होंने उसी समय सिंधिया का नाम लेते हुए कहा कि ये युवा है रास्ता लम्बा है। अपनी शक्ति को पहचाने । म.प्र.को बदलना है।

सिफारिश नहीं मेरिट पर मिलेगा टिकट : ज्योतिरादित्य
नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मेरिट के आधार पर प्रत्याशी तय करेगी। कांग्रेस सांसद और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस चुनाव में टिकट नेताओं की सिफारिश पर नहीं, बल्कि दावेदारों की जीतने की योग्यता, कांग्रेस के आंतरिक सर्वे और सभी बड़े नेताओं के आपसी सामंजस्य के साथ तय किए जाएंगे। जीतने की योग्यता के आधार पर ही टिकट दिया जाएगा। हम इसके लिए एक आंतरिक सर्वे भी करा रहे हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवों को संभागों की जिम्मेदारी दी गई है। 1 महीने संभागों में रहेंगे और टिकट के दावेदारों की हकीकत समझेंगे। इंटरनल सर्वे के नंबर, संगठन की तहकीकात और बड़े नेताओं के आपसी समन्वय के साथ टिकट तय किए जाएंगे।सिंधिया ने कहा कि हमारी कोशिश है कि इस बार प्रत्याशियों की घोषणा जल्दी कर दें। यह तय है कि इस चुनाव में टिकट नवंबर से पहले दिए जाएंगे।टिकट चेक करने का कोई एक सिस्टम नहीं होगा। कई लेवल पर प्रत्याशियों की दावेदारी परखी जाएगी, इसलिए जवाबदेही तो सबकी होगी।

सिंधिया का सीएम पर करारा हमला, कहा-किसानों के कातिल हैं शिवराज, जारी रहेगी अन्नदाता के हक की लड़ाई
मध्य प्रदेश के मंदसौर में 6 जून 2017 को हुए गोलीकांड को कोई नहीं भूल पाया है। इस त्रासदी को हुए एक साल हो गया है। लेकिन, उन छह किसानों के परिवारों के जख्म आज भी हरे हैं, जो बेवजह काल का ग्रास बने थे। वह छह तो अपनी मांगों को मनवाने के लिए और अपना हक पाने के लए सड़कों पर उतरे थे लेकिन शिवराज सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते उन्हें बेमौत मरना पड़ा था। तभी से किसानों को लेकर विपक्ष शिवराज सरकार पर हमलावार हो गया है। मंदसौर गोलीकांड में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्या सिंधिया ने सीएम शिवराज पर जोरदार हमला बोला। सिंधिया ने सीएम को किसानों का हत्यारा बताया। सिंधिया ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान द्वारा कांग्रेस पर राज्य में खून खराबा फैलाने का आरोप लगाया जाता है, जबकि शिवराज सिंह चौहान के हाथ खून से रंगे हुए हैं। उनकी सरकार ने गोलियां चलाकर किसानों का खून बहाया है।
सिंधिया ने ट्विट करके कहा कि गोलीकांड की पहली बरसी है- मैं नमन करता हूँ उन निर्दोष अन्नदाता साथियों को जो इस दमनकारी सरकार की गोलियों से शहीद हुए थे। मैं और मेरी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता किसानों की लड़ाई तब तक लड़ेंगे जब तक उन्हें इंसाफ और दोषियों को सज़ा नही मिलती। यही मेरा संकल्प, मेरा प्रण है।
सिंधिया ने राहुल गांधी की मौजूदगी में कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर में किसान बंदी कर रखी है। इससे आहत यहां की जनता आगामी चुनाव में वोटबंदी कर इसका बदला लेगी। सिंधिया ने किसानों से वादा किया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सबसे पहले उन अफसरों पर मामला दर्ज होगा, जिन्होंने किसानों पर गोली चलाई थी और किसानों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने सबसे बड़ा धोखा युवाओं को दिया

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सबसे बड़ा धोका युवाओं से किया है। झूठ बोला है।यह भी कहा था कि 15 लाख रु बैंक खाते में आ जाएंगे। उन्होंने किसानों से कहा था कि उनकी उपज का सही दाम दिलवाएंगे।
राहुल गांधी कांग्रेस की किसान समृद्ध संकल्प यात्रा के तहत पिपलियामंडी के पास खोखरा गांव में आयोजित सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये या इनकी बीजेपी की कोई भी सरकार हो उन सरकारों के दिल मे किसानों के प्रति दिल मे जगह नही है। जब किसान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से हमारे कर्जे माफ हो कि मांग करता है तो वे कहते है हमारे पास समय नही है।
राहुलजी ने कहा कि म.प्र.में 1200 किसानों ने आत्म हत्या की लेकिन मोदी ने जिन्हें करोड़ो रु का कर्ज दिलवाया उनके परिवारों ने क्या आत्म हत्या की ।देश के अमीर लोगो का कर्ज लाखो करोड़ो रु का होता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी पर यह भी तंज कसते हुए कहा कि लाखों करोड़ों रु का कर्ज लेकर भागने वाले नीरव और मेहुल को मोदी नीरव भाई और मेसुल भाई कहते है।इनको दिया 30 हजार करोड़ रु के कर्ज से प्रदेश के किसानों का दो बार कर्ज माफ किया जा सकता है।
राहुलजी ने कहा कि देश के हजारों किसानों की बात लेकर प्रधानमंत्री ऑफिस एक ही बार गया हूं। किसानों की आवाज कह रही है कि इनका भी कर्ज माफ करो लेकिन देश के किसानों की आवाज पर उन्होंने 5 शब्द भी नही कहे। मेने उन्हें कहा कि 10 दिन में जवाब दे देना। हम आपके मन की बात सुनते ही ,मन की बात नही कहते ।
उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिये कहा कि जो सरकार बनेगी उसमे कार्यकर्ताओं की भागीदारी पहले होगी। सरकार बनाने के लिये उन्होंने नेताओ को नसीहत देते हुए कहा कि जो जनता से जुड़ेगा,गांवो में जाएगा,जनता के पास जाएगा और म.प्र.की मिट्टी पर चलेगा उसी के लिये म.प्र.की सरकार में जगह होगी।उन्होंने उसी समय सिंधिया का नाम लेते हुए कहा कि ये युवा है रास्ता लम्बा है। अपनी शक्ति को पहचाने । म.प्र.को बदलना है।

राहुल ने भाषण के दौरान 3-4 बार सिंधिया और कमलनाथ का नाम लिया लेकिन दिग्विजयसिंह का नाम एक बार भी नही लिया
अभी तक; राहुल गांधी की सभा के मंच पर राहुल गांधी के एक और सिंधिया तो दूसरी और कमलनाथ बैठे थे तो सिंधिया के पास दिग्विजयसिंह बैठे थे। राहुलजी ने भाषण के दौरान 3-4 बार सिंधिया और कमलनाथ का नाम लिया लेकिन दिग्विजयसिंह का नाम दक बार भी नही लिया जबकि इसी मंच से उन्होंने कहा था कि कांग्रेस एक होकर चुनाव लड़ेगी । इस दृश्य की वही भीड़ में खड़े राजनैतिक कार्यकर्ताओ में चर्चा सुनी गई।

सिंधिया को बीच भाषण में राहुल को उनके भाषण पर ध्यान देने के लिये आग्रह करना पड़ा
मन्दसौर जिला मुख्यालय से 18 किमी दूर पिपलियामंडी के गांव के यहां कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी की हुई सभा मे मंच पर कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बैठे थे राहुल गांधी। भाषण भी सिंधिया और कमलनाथ के बाद राहुल गांधी का ही हुआ किन्तु खास बात यह रही कि जब सिंधिया भाषण देरहे थे उस समय राहुल गांधी कमलनाथ से बातो में व्यस्त थे तो सिंधिया को बीच भाषण में राहुलजी को उनके भाषण पर ध्यान देने के लिये आग्रह करना पड़ा और ऐसा ही आग्रह स्वंय राहुलजी को भी उस समय कमलनाथ और सिंधिया से करना पड़ा जब वे ये कह रहे थे कि अब कांग्रेस एक और चुनाव लड़ेगी और कांग्रेस के नेता के लिये यह कह रहे थे कि जो नेता 1, गांवो में जाएगा, जनता से जुड़ेगा , 2,जनता के पास जाएगा , 3, और जो मध्यप्रदेश की मिट्टी पर चलेगा उसी के लिये मध्यप्रदेश की सरकार में जगह होगी।

राहुल मन्च से उतरे और पहुचे जनता के पास हाथ मिलाने

राहुल गांधी के भाषण के बाद सभा समाप्त हुई और राहुलजी मन्च से उतरे और जैसे ही जनता के पास मिलने केलिये सुरक्षा घेरे से बाहर आने लगे वैसे ही सुरक्षा जाली के उधर भाषण सुन रहे कार्यकर्ता और जनता समझ गई और भीड़ सुरक्षा जाली पर राहुल से हाथ मिलाने ऐसी उमड़ी की सुरक्षा जाली एक जगह से नीचे गिर गई और इसे कूद कर लोग सुरक्षा घेरे के अंदर पहुंच गए ।
एस पी जी कमांडो ने यह देखा और उन्होंने अपना घेरा राहुल पर बना लिया।इस बीच राहुल ने कई लोगो से हाथ मिलाया । एक बालिका को भीड़ में देखा तो उसके लिये भी कुछ देर रुक कर उससे मिले।

मंदसौर पहुंचकर बोले राहुल गांधी: अपनों को खोने का दर्द मैं जानता हूं

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंदसौर में पिछले साल पुलिस गोलीबारी में मारे गए किसानों के परिजन से मुलाकात के बाद कहा कि वह अपनों को खोने का दर्द महसूस कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना को एक साल बीत गया, लेकिन जांच आयोग की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।

मंदसौर में किसानों पर गोलीबारी की पहली बरसी पर ‘किसान समृद्धि संकल्प रैली’ को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा की ‘‘ मंदसौर गोलीकांड के एक साल बाद भी जाँच आयोग की रिपोर्ट नहीं आई है। शहीद किसानों के परिवार न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अपने परिजनों को खोने का दर्द मैं जानता हूँ। आज पीड़ित परिवारों के साथ कुछ पल बिताकर उनका दर्द बाँटने की कोशिश की।’’

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