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विदेशी मीडिया में आ रही ये खबर अगर सच हुई तो मोदी सरकार के लिए होगी मुश्किल

नई दिल्ली 29 सितम्बर 2018 । फ्रांसीसी मीडिया के हवाले से एक खबर आ रही है जो मोदी सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है ,दरअसल फ्रांसीसी मीडिया में कथित तौर पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का एक बयान कोट किया जा रहा है जिसमें फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद को यह कहते हुए बताया जा रहा है कि भारत के साथ जो 36 राफेल विमानों का सौदा हुआ था उसमें ऑफसेट निर्माण का काम भारत की कंपनी रिलायंस डिफेंस को इसलिए दिया गया क्योंकि उनके पास इस कंपनी के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था ,साथ ही फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति को यह कहते हुए भी बताया जा रहा है कि यह नाम भारत की ओर से ही सुझाया गया था। अब इस खबर के बाद भारत में राजनीतिक गर्मी बढ़ना तय है दरअसल विपक्ष खासकर कांग्रेस पिछले कुछ दिनों से लगातार मोदी सरकार पर राजनीतिक हमले कर रहा है, विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार ने 36 राफेल विमानों के ऑफसेट निर्माण का काम भारत की सरकारी कंपनी एचएएल के बदले अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस को दिलवाया ,विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि रिलायंस डिफेंस को इस क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं है और यह कंपनी कुछ दिनों पहले बनी थी वहीं दूसरी ओर सरकार ने बार-बार यह कहा है कि रिलायंस डिफेंस को 36 राफेल विमानों के ऑफसेट निर्माण का काम देना भारत सरकार का फैसला नहीं है यह फ्रांस की सरकार का फैसला है।

ऐसे में जो खबरें फ्रांसीसी मीडिया में आ रही हैंं अगर यह सच है तो यह जाहिर सी बात मोदी सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैंं। हालांकि भारत में कुछ अखबारों में यह खबर आ रही है कि भारतीय रक्षा मंत्रालय की ओर से यह कहा गया है कि वह अभी इस खबर की सत्यता की जांच कर रहे हैं और एक बार फिर रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि रिलायंस डिफेंस को ऑफसेट निर्माण का काम देने में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है यह रिलायंस डिफेंस और फ्रांस की सरकार के बीच का मामला है।

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