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इमरान की लहर में कई दिग्गज ढेर, शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो हारे

नई दिल्ली 27 जुलाई 2018 । पाकिस्तान में हुए आम चुनावों में शुरुआती चरण में क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की लहर में कई दिग्गज धाराशायी हो गए हैं. पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की ओर से प्रधानमंत्री पद का ख्वाब देखने वाले शहबाज शरीफ चुनाव हार गए हैं. वहीं, तीसरी इस चुनाव में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरे पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष बिलावल भुट्टो भी चुनाव हार चुके हैं.

खैबर पख्तूनवा प्रांत से हारने के बाद शहबाज ने पाकिस्तान आम चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है और कहा कि मतगणना में गड़बड़ी की हुई है. शहबाज ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और हमारे पोलिंग एजेंट को बाहर निकाला गया.

पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके शहबाज ने दावा किया था कि वह पाकिस्तान को मलेशिया और तुर्की के बराबर ले आएंगे. उन्होंने कहा कि वह मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद तथा तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तायिप एर्दोआन से मिल कर ‘उनसे सीखेंगे और पाकिस्तान को फिर से एक महान देश बनायेंगे.’ लेकिन इस हार के बाद उनकी सारी उम्मीदें धरे के धरे रह गए.

शरीफ जून 2013 से जून 2018 तक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे. उन्हें मार्च में पीएमएल-एन का अध्यक्ष चुना गया था. इससे पहले पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनके बड़े भाई नवाज शरीफ पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य करार दिये गए थे. इसके बाद शहबाज को पार्टी ने पीएम उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट किया था. उल्लेखनीय है कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम को भ्रष्टाचार के मामले में एक अदालत ने क्रमश: 10 और 7 साल की सजा सुनाई है.

पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे और जुल्फिकार अली भुट्टो के पोते बिलावल भुट्टो भी चुनाव हार गए हैं. हालांकि, उनकी पार्टी पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) चुनावी समर में तीसरी सबसे बड़े पार्टी के रूप में उभर कर आई है.

इस बीच पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने भी मतों की गणना की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के एजेंटों को कई निवार्चन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों से बाहर किया गया. पीपीपी के मौला बक्स चंदियों ने भी दावा किया है कि उनकी पार्टी के एजेंटों को बादिन में मतदान केंद्रों के अंदर नहीं जाने दिया गया. हालांकि, आरोपों पर जबाव देते हुए पंजाब के प्रांतीय चुनाव आयुक्त ने कहा कि नेताओं को ऐसे निराधार आरोप लगाने से बचना चाहिए.

इंडिया को भला-बुरा कहने वाले इमरान खान कभी भारत में बेचते थे साबुन

इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए- इंसाफ पाकिस्तान में बहुमत की ओर है. उनके पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने के आसार हैं. लेकिन एक जमाना ऐसा भी था जब वो भारत में एक फेमस साबुन ब्रांड के कैंपेन का हिस्सा थे. वो तब भारत के शीर्ष उद्योग समूह गोदरेज के साबुन ‘सिंथॉल’ के लिए एड करते थे. बरसों बरस उन्होंने इस साबुन के साथ खुद को इंडोर्स किया.

इमरान भारत में एक साफ्ट ड्रिंक कंपनी का भी एड किया था. जिसे पीकर वो लोगों से कहते थे, “यही है रिफ्रेश होने की सबसे दमदार चीज.” अपने देश पाकिस्तान में उन्होंने क्रिकेटर रहने के दौरान चाय ब्रांड और पेप्सी के साथ एंडोर्स किया. लेकिन उनका सबसे चर्चित एड गोदरेज ग्रुप के सिंथॉल साबुन का ही था.

ये इमरान का पहला एड इंडोर्समेंट था
इमरान का ये पहला एड इंडोर्समेंट था. ऑफर उन्हें तब मिला था, जब 80 के दशक में उनकी कप्तानी में पाकिस्तानी टीम भारत दौरे पर आई थी.

सिंथॉल साबुन के एड में वो बॉलिंग के लिए रनअप में दौड़ते नजर आते हैं. जिन गेंदबाजों का रनअप बेहद खूबसूरत था, उसमें इमरान भी एक रहे हैं. बॉलिंग के बाद वो चेहरे को सिंथॉल से धोते हुए दीखते हैं. बताते हैं उस जमाने में इस एड के लिए इमरान को मोटा पैसा मिला था.

‘द सोप ऑफ द खान’
दरअसल गोदरेज कंपनी सिंथॉल साबुन को यूथफुलनेस और फ्रेसनेस से जोड़ना चाहती थीं. जिससे इस साबुन की अलग तरीके से ब्रांडिंग की जा सके. ये युवाओं के बीच खासा पापुलर हो सके. एड कैंपेन की कमान गोदरेज ग्रुप के प्रमुख एदी गोदरेज की पत्नी परमेश्वर के हाथों में थी. ये 1987 की बात है. सिंथॉल के इस एड कैंपेन का पहला चेहरा इमरान बने. सिंथॉल साबुन के विज्ञापनों में पंच लाइन होती थी, “द सोप ऑफ द खान”. इसी एड में वो कहते थे,” आई यूज सिंथॉल, डू यू” (मैं सिंथॉल इस्तेमाल करता हूं, क्या आप भी करते हैं).

सार्वजनिक तौर पर सिंथॉल की टी-शर्ट पहनी थी
इस एड से जुड़ने के बाद इमरान खान ने जब कई बार सार्वजनिक तौर पर अलग अलग कलर्स सिंथॉल लिखी हुई टी-शर्ट पहनी, तो उनसे सवाल भी हुए. तब उन्होंने कहा था, ” क्या मैं अपने दोस्तों के लिए सिंथॉल शर्ट नहीं पहन सकता. आखिर मैं परमेश्वर को लंबे समय से जानता हूं.”

इमरान के साथ कैसे हुआ दोबारा शूट
जब पहली बार इमरान के साथ एड शूट किया गया तो परमेश्वर गोदरेज को पसंद नहीं आया. उन दिनों एड फिल्में शूट करने वाले फिल्म डायरेक्टर सीवी श्रीधर को इसे दोबारा शूट करने का जिम्मा सौंपा गया. सीवी श्रीधर ने अपनी किताब “30सेकेंड थ्रिलर” में लिखा, “परमेश्वर ने मुझे बुलाया. सिंथॉल एड को फिर से शूट करने को कहा. समस्या थी कि इमरान कैसे दोबारा उपलब्ध होंगे. तब परमेश्वर ने बताया कि इमरान इन दिनों उदयपुर में हैं. उनसे शूटिंग का समय ले लिया गया है.”

103 डिग्री बुखार में भी इमरान ने की शूटिंग
श्रीधर तुरंत यूनिट के साथ मुंबई से फ्लाइट पकड़कर उदयपुर पहुंचे. इमरान 103 डिग्री बुखार में तप रहे थे लेकिन तब भी उन्होंने शूटिंग की. शूटिंग में इमरान मैदान पर कई और शाट लिये गए. उन्हें रनअप में दिखाया. फिर क्लोज शाट में चेहरे को धोते हुए. फिर इसके बाद टॉवेल के साथ सिंथॉल साबुन को गिरते हुए.
श्रीधर लिखते हैं, “उदयपुर में इसे शूट करके मैं तुरंत मुंबई की शेट्टी की लैब में प्रोसेसिंग के लिए गया. काम पूरा करके अगले दिन दिल्ली जाकर गोदरेज दंपति को दिखाया. 48 घंटे में एड फिल्म बनकर तैयार थी.” ये एड काफी लोकप्रिय भी हुआ.

गावस्कर के साथ थम्सअप का भी एड किया
इमरान ने भारत में सिंथॉल साबुन बेचने के साथ साफ्टड्रिंक थम्सअप का भी एड किया. ये एड उन्होंने 80 के दशक में भारतीय क्रिकेटर दोस्त सुनील गावस्कर के साथ मिलकर किया. उसमें वो और गावस्कर थम्सअप पीते हुए नजर आते हैं. इस एड की टैग लाइन थी- “द अनबीटेन पार्टनरशिप”. एक जमाने में जब इमरान क्रिकेट खेलते थे, तब गावस्कर उनके अच्छे दोस्त हुआ करते थे.

कई और एड भी किए
पाकिस्तान में भी इमरान खान ने कुछ विज्ञापुनों में काम किया. इसी में एक चाय का एड था. जिसमें वो कहते थे, “सोणे देश दे वास्ते सोणी चाय” (सुंदर चाय, एक सुंदर देश के लिए). इसके अलावा इमरान ने पेप्सी एड के साथ भी लंबे समय तक इंडोर्स किया.

कश्मीर मुद्दा बातचीत की मेज पर हल हो-इमरान खान

पाकिस्तान में 272 सीटों के लिए हुए आम चुनाव की मतगणना हो रही है। अब तक के रुझानों में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार बनाने के करीब नजर आ रही है। वह 115 सीटों के साथ सबसे आगे है। वे बहुमत से 22 सीटें दूर हैं। बहुमत के लिए 137 सीटें जरूरी हैं। नवाज शरीफ के भाई शहबाज के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) 62 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) तीसरे नंबर पर है। इसके उम्मीदवार 36 सीटों पर आगे चल रहे हैं। आतंकी हाफिज सईद ने अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक (एएटी) के बैनर तले 265 उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा था, लेकिन उसे एक भी सीट पर बढ़त नहीं मिली।
वहीं, पीएम की कुर्सी के करीब पहुंचते दिख रहे इमरान खान ने आज विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी और कई मुद्दों पर अपनी रणनीति जाहिर की। इसे इमरान खान की विक्ट्री स्पीच कहा जा रहा है।
‘हिंदुस्तान की मीडिया ने बनाया विलेन’
हिंदुस्तान के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, हिंदुस्तान की मीडिया ने जिस तरह मुझे पोर्ट्रे किया जैसे मैं बॉलीवुड का विलेन हूं। मैं हिंदुस्तान में क्रिकेट की वजह से जुड़ा हुआ हूं। हमारे संबंध अच्छे हों यह भविष्य के लिए अच्छा है।
‘कश्मीर मुद्दे पर हो बातचीत’
कश्मीर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगर हमें रिश्ते सुधारने हैं तो हम व्यापार करें। दोनों मुल्कों का फायदा है। कश्मीर मुख्य मुद्दा है। कश्मीर के लोगों ने पिछले तीस सालों में जो मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। हम वार्ता की मेज पर बात करें। आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा। अगर भारत बातचीत के लिए तैयार है तो हम तैयार हैं। आप एक कदम आगे आएं तो हम दो कदम आगे आएंगे। बातचीत से हल करें।

अमेरिका ने पाकिस्तान चुनाव की निष्पक्षता पर जताया संदेह

अमेरिका ने पाकिस्तान के आम चुनाव की निष्पक्षता पर संदेह जताया है. इन चुनावों में इमरान खान की पार्टी को सेना का समर्थन मिला जबकि पीएमएल – एन और पीपीपी ने बंदिशों में अपना प्रचार किया.ट्रंप प्रशासन ने कहा कि वह पाकिस्तान में स्थिति की करीब से निगरानी कर रहा है , लेकिन चुनाव को ‘ स्वतंत्र और निष्पक्ष ’ घोषित करने से इनकार कर दिया.

विदेश विभाग ने भी इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया. पाकिस्तान में अमेरिकी मिशन ने मुख्यत: सुरक्षा कारणों से अपने चुनाव पर्यवेक्षकों को तैनात नहीं किया था. विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया , ‘हम लगातार घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं और लगातार यह कह रहे हैं कि हम पाकिस्तान में स्वतंत्र , निष्पक्ष , पारदर्शी और जवाबदेह चुनाव का समर्थन करते हैं. पूरी दुनिया में भी हम इसी का समर्थन करते हैं.’

अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक्कानी ने कहा कि चुनाव के नतीजे ‘ पहले से ही तय ’ थे. उन्होंने कहा कि पीएमएल – एन और पीपीपी ने बंदिशों में अपना अभियान चलाया , जबकि पीटीआई ने पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से प्रचार किया और सरकारी प्रतिष्ठान उसका साथ दे रहे थे.

हडसन इंस्टीट्यूट थिंक-टैंक से जुड़े हक्कानी ने कहा कि नतीजों से पाकिस्तान में कुछ बदलने की संभावना नहीं है. जब तक सेना की अगुवाई वाले प्रतिष्ठान ‘ जिहादी गतिविधियां बंद कर’ उन्हें देश के लिए गलत और आर्थिक परेशानियों का सबब नहीं मान लेते, कुछ नहीं बदलने वाला. उन्होंने कहा कि जिहादियों के मकसद के लिए इमरान खान की सहानुभूति देखते हुए इसकी संभावना नहीं है कि प्रधानमंत्री के तौर पर वह जिहादियों के खिलाफ निर्णायक रूप से कार्रवाई करेंगे , लेकिन चमत्कार की आशा की जा सकती है.

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