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4 साल में मोदी सरकार ने प्रचार पर खर्चे 4300 करोड़

नई दिल्ली 11 सितम्बर 2019 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने विभिन्न मीडिया के जरिए केवल प्रचार और विज्ञापनों पर 4,343.26 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि खर्च की है। ये जानकारी मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सूचना के अधिकार के तहत हासिल की है। गलगली ने केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन(बीओसी) से वर्तमान सरकार के कार्यालय संभालने के वक्त से मीडिया में विज्ञापन और प्रचार पर खर्च की गई राशि के विवरण मांगे थे। किस मद में कितना पैसा: आरटीआई के मुताबिक, जून 2014 से मार्च 2015 तक सरकार ने प्रिंट प्रचार पर 424.85 करोड़ रुपये, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 448.97 करोड़ रुपये और आउटडोर प्रचार पर 79.72 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कुल मिलाकर यह राशि 953.54 करोड़ रुपये होती है। अगले वित्त वर्ष 2015-2016 में सभी मीडिया पर वास्तविक खर्च में वृद्धि हुई। इसमें प्रिंट मीडिया पर 510.69 करोड़ रुपये, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 541.99 करोड़ रुपये और आउटडोर प्रचार पर 118.43 करोड़ रुपये खर्च किए गए। कुल मिलाकर यह राशि 1,171.11 करोड़ रुपये होती है। आलोचना के बाद आई गिरावट!: 2016-17 में प्रिंट माध्यम पर खर्च में पहले वित्त वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान 463.38 करोड़ रुपये प्रिंट माध्यम से प्रचार और विज्ञापन पर खर्च हुए। जबकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर खर्च बढ़ा दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए प्रचार पर 613.78 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जबकि आउटडोर मीडिया पर 185.99 करोड़ रुपये खर्च किए गए। कुल मिलाकर इस वर्ष के दौरान विज्ञापन और प्रचार पर 1,263.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस साल का खर्च सबसे कम: अप्रैल 2017 से मार्च 2018 तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर इसके पहले के साल के दौरान किए गए खर्च की तुलना में काफी कमी देखी गई। इस साल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 475.13 करोड़ रुपये और आउटडोर प्रचार पर 147.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि अप्रैल-दिसंबर 2017 (नौ महीने की अवधि) के दौरान सरकार ने अकेले प्रिंट माध्यम पर 333.23 करोड़ रुपये खर्च किए और पिछले वित्त वर्ष (अप्रैल 2017-मार्च 2018) में कुल 955.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए। कम हुआ है प्रचार पर खर्च : गलगली ने आईएएनएस को बताया,’एक विश्लेषण में यह साबित होता है कि विपक्ष और सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना झेलने के बाद सरकार ने आखिरकार इस साल प्रचार पर खर्च में कमी की। इस साल सरकार ने 307.69 करोड़ रुपये खर्च किए।’ गलगली ने कहा कि हालांकि पिछले वित्त वर्ष का कुल खर्च वर्तमान सरकार के पहले वर्ष की तुलना में फिर भी काफी अधिक है, जब उसने सत्ता संभालने के मात्र नौ महीनों में ही 953.54 करोड़ रुपये खर्च कर डाले थे।

बीओसी के वित्तीय सलाहकार तपन सूत्रधार ने जून 2014 से अब तक हुए खर्च पर जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक, प्रचार की मद में भारी भरकम खर्च का खुलासा हुआ है। गलगली ने कहा कि सरकार की चौतरफा आलोचना के कारण 2017 में प्रचार खर्च में थोड़ी कमी आई है। 2017 में विज्ञापन और प्रचार पर करीब 308 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

प्रधानमंत्री मोदी 12 सितंबर को रांची में लॉन्च करेंगे किसान मन-धन योजना

धानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को झारखंड की राजधानी रांची में किसान मन-धन योजना की शुरुआत करेंगे. इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के पांच करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को कम से कम 3,000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन उपलब्‍ध कराई जाएगी.
केंद्र सरकार का इस योजना के पीछे मकसद वृद्ध किसानों के जीवन को सुरक्षित करना है. इस योजना के लिए अगले तीन साल में करीब 10,774 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

नई विधानसभा भवन का भी उद्घाटन

इस योजना का लाभ पाने वाले सभी छोटे और सीमांत किसान पा सकेंगे जिनकी आयु वर्तमान में 18 से 40 वर्ष के बीच है. ऐसे किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.

किसान अपना मासिक योगदान पीएम-किसान की किस्तों से या सीएससी के माध्यम से कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के छात्रों को उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की शिक्षा देने के लिए 400 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का भी उद्घाटन करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई झारखंड विधानसभा भवन का भी उद्घाटन करेंगे और रांची में नए सचिवालय भवन की आधारशिला भी रखेंगे. अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी साहेबगंज में मल्टी-मॉडल टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे.

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