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CWC की बैठक में राहुल गांधी ने दे डाली BJP और RSS से सीखने की नसीहत!

नई दिल्ली 23 जुलाई 2018 । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बीजेपी और आरएसएस से सीखने की नसीहत दी है. राहुल गांधी का यह बयान रविवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक के दौरान सामने आया है. इस बीच राहुल गांधी ने आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए रणनीति बनाने पर भी जोर दिया.

उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल मिलकर लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराएंगे, लेकिन इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में बीजेपी और आरएसएस की कार्यप्रणाली की बात कर पार्टी के नेताओं को इनसे सीखने की नसीहत भी दे डाली.

दिलचस्प बात यह है कि CWC की बैठक में दिए गए राहुल के करीब 17 मिनट के भाषण को पार्टी की तरफ से यूट्यूब पर अपलोड किया गया, लेकिन कुछ मिनटों में ही हटा लिया गया. इसके बाद से सवाल उठ रहे हैं कि पार्टी ने राहुल का भाषण यूट्यूब से क्यों हटा लिया? आखिर राहुल गांधी ने अपने भाषण में क्या कह दिया, जो वीडियो को यूट्यूब से हटाना पड़ा? बहरहाल, हम आपको बताते हैं कि राहुल ने CWC की बैठक में बीजेपी-आरएसएस को लेकर क्या कहा?

सूत्रों के मुताबिक राहुल ने CWC की बैठक में आए 200 से ज्यादा पार्टी नेताओं से कहा कि हम कठिन मोर्चे पर काम करने से कतराते हैं. राहुल ने आदिवासी समुदाय का उदाहरण देते हुए कहा कि दशक भर पहले तक यह समुदाय कांग्रेस का वोटर था, लेकिन बीजेपी और आरएसएस के लोग आदिवासियों के बीच गए, उनके साथ काम किया, उन्हें समझाया और आज वो बीजेपी को वोट देते हैं.

दरअसल, इस उदाहरण के जरिए राहुल का उद्देश्य बीजेपी व आरएसएस द्वारा किए जाने वाले परिश्रम को उजागर करना था और कांग्रेस नेताओं को बताना था कि वो भी इसी तरह कठिन परिश्रम करने से न हिचकिचाएं. राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस के लोग महज आदिवासियों के बीच चले भर जाएं, तो दुबारा से ये समुदाय कांग्रेस की तरफ लौट सकता है.

एक अन्य पार्टी सूत्र ने बताया कि समापन भाषण में राहुल गांधी ने कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की जब सरकार बनती है, तो वो अपने कार्यकर्ताओं को ‘इनसेंटिव’ देती है, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता की अपनी सरकार में कोई पूछ नहीं होती. लिहाजा वो (राहुल गांधी) जहां भी जाते हैं, कांग्रेस कार्यकर्ता उनसे उपेक्षा की शिकायत करते हैं. CWC की बैठक में यह दूसरा बिंदु था, जब राहुल ने बीजेपी और संघ का उदाहरण देकर कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी.

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर वो आरएसएस से जुड़ी संस्थाओं जैसे – सरस्वती शिशु मंदिर आदि की मदद करती है. उन्होंने कहा कि चुनौती सिर्फ सरकार बदलने भर की नहीं है, बल्कि बीजेपी सरकार में जिस तरह संस्थाओं को नुकसान पहुंचाया गया है, उसे भी दुरुस्त करने की है. राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी हजारों साल पहले के इतिहास की बात करती है, जबकि कांग्रेस भविष्य की बात करती है.

राहुल गांधी ने राफेल विमान का मुद्दा उठाकर एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुई बहस का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे आंख नहीं मिला पाए. इसके अलावा राहुल गांधी ने गठबंधन पर विस्तार से बात की और कहा कि बिहार, यूपी, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में ठीक से गठबंधन हो जाए, तो बीजेपी को आराम से रोका जा सकता है.

उन्होंने नेताओं को बयानों में सावधानी बरतने की भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में बोलने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन पार्टी फिलहाल एक कठिन लड़ाई लड़ रही है. उनकी लड़ाई को अगर कोई कमजोर करेगा, तो वो उसे नहीं बख्शेंगे. माना जा रहा है कि उनका इशारा शशि थरूर की तरफ था.

हालांकि वीडियो को हटाए जाने को लेकर कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि आंतरिक बैठकों खासतौर पर CWC की बैठक के भाषणों को सर्वजनिक नहीं किया जाता. इसलिए गलती से अपलोड होने के तत्काल बाद इसे हटा दिया गया. एक उच्च सूत्र ने यह भी कहा कि कुछ तकनीकी कारणों से वीडियो ऑफलाइन हो गया है. सोमवार सुबह दोबारा शेयर कर दिया जाएगा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नसीहत का पालन करेंगे?

लड़ रहा हूं बड़ी लड़ाई, गलत बयानबाजी बर्दाश्त नहींः राहुल गांधी

लोकसभा चुनाव में एनडीए को शिकस्त देने के लिए कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ राज्यवार गठबंधन करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में रविवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी)की बैठक ने 2019 के चुनाव में गठबंधन पर मुहर लगा दी।

सीडब्ल्यूसी ने चुनाव पूर्व और चुनाव बाद गठबंधन के लिए राहुल को अधिकृत किया है। वह इसके लिए जल्द समिति का गठन करेंगे।

कार्यसमिति की बैठक में विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व का मुद्दा भी उठा। कई क्षेत्रीय पार्टियां 2019 में गठबंधन के नेतृत्व का दावा कर रही हैं। ऐसे में बैठक में सचिन पायलट व शक्ति सिंह गोहिल सहित कई नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन का चेहरा कांग्रेस से होना चाहिए।

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। जब हम सबसे बड़ी पार्टी होंगे, तो गठबंधन का चेहरा भी कांग्रेस से होगा। राहुल गांधी गठबंधन का नेतृत्व करेंगे।

गैर जरूरी बयान से बचने की सलाह

सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी ने गैरजरूरी बयानबाजी करने वाले नेताओं को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में नहीं हिचकिचाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं।

हर किसी को पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने का हक है। पर कोई गलत बयानबाजी कर हमारी लड़ाई को कमजोर करता है, वह उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हाल ही में पार्टी नेता शशि थरूर के कई बयानों से पार्टी को काफी फजीहत झेलनी पड़ी है।

कार्यसमिति में तीन दर्जन लोगों ने रखी बात

नवगठित सीडब्ल्यूसी की पहली बैठक में करीब तीन दर्जन लोगों ने अपनी बात रखी। पर बैठक का एजेंडा पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने तय कर दिया था। चिदंबरम ने प्रस्तुतीकरण देते हुए कहा कि मौजूदा सियासी हालात में कांग्रेस अपने दम पर सीट तीन गुणा बढ़ा सकती हैं।

12 राज्यों में 150 सीट जीतने का लक्ष्य

चिदंबरम ने कहा कि 12 राज्यों में पार्टी संगठन मजबूत है और वह 150 सीट तक जीत सकती है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि चिदंबरम ने करीब 300 सीट पर कांग्रेस के अकेले लड़ने और बाकी सीटों पर सहयोगी दलों के साथ गठबंधन की वकालत की।

बैठक में कई मुद्दों पर मंथन

सीडब्ल्यूसी की विस्तारित बैठक में ईवीएम, पीट-पीटकर हत्या, कृषि, रोजगार, विदेश नीति, दलितों पर अत्याचार और अर्थव्यवस्था के मुद्दे भी उठे। पर अधिक जोर गठबंधन पर रहा। बैठक में अपनी बात रखने वाले लगभग सभी नेताओं ने 2019 के चुनाव के लिए गठबंधन की पुरजोर वकालत की। इसलिए, सीडब्ल्यूसी ने प्रस्ताव पारित कर लोकसभा चुनाव में गठबंधन करने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप दिया।

कांग्रेस गठबंधन के लिए तैयार, राहुल गांधी होंगे चेहरा, जल्द बनेगी समिति

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में तय हुआ कि 2019 लोकसभा चुनाव में गठबंधन किया जाएगा। सीडब्ल्यूसी ने चुनाव पूर्व और चुनाव बाद गठबंधन के लिए राहुल को अधिकृत किया है। वह इसके लिए जल्द समिति का गठन करेंगे।

राहुल चेहरा होंगे: बैठक में विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व का मुद्दा भी उठा। कई क्षेत्रीय पार्टियां 2019 में गठबंधन के नेतृत्व का दावा कर रही हैं। ऐसे में सचिन पायलट और शक्ति सिंह गोहिल समेत कई नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन का चेहरा कांग्रेस से होना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। जब हम सबसे बड़ी पार्टी होंगे, तो गठबंधन का चेहरा भी कांग्रेस से होगा। राहुल गांधी गठबंधन का नेतृत्व करेंगे।

बयानबाजों को नसीहत: राहुल गांधी ने गैरजरूरी बयानबाजी करने वाले नेताओं को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में नहीं हिचकिचाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। हर किसी को पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने का हक है। पर कोई गलत बयानबाजी कर हमारी लड़ाई को कमजोर करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हाल ही में पार्टी नेता शशि थरूर के कई बयानों से पार्टी को काफी फजीहत झेलनी पड़ी है।

300 सीटों पर अकेले लड़ने का सुझाव
चिदंबरम ने सुझाव दिया कि 12 राज्यों में पार्टी का संगठन मजबूत है और वह 150 सीट तक जीत सकती है। उन्होंने करीब 300 सीट पर कांग्रेस के अकेले लड़ने और बाकी सीटों पर सहयोगी दलों के साथ गठबंधन की वकालत की।

ईवीएम हिंसा और रोजगार पर चर्चा
सीडब्ल्यूसी बैठक में ईवीएम, पीट-पीटकर हत्या, कृषि, विदेश नीति, रोजगार, दलितों पर अत्याचार और अर्थव्यवस्था के मुद्दे उठे। पर अधिक जोर गठबंधन पर रहा। लगभग सभी नेताओं ने 2019 के चुनाव के लिए गठबंधन की पुरजोर वकालत की।

बड़बोले नेताओं को राहुल गांधी की चेतावनी- गलत बयानबाजी की तो लूंगा कड़ा एक्शन

राहुल गांधी के अध्यक्षता में आज पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की पहली बैठक हुई। इस दौरान वह पूरे फॉर्म में नजर आए। उन्होंने बड़बोले नेताओं को सख्त लहजे में चेतावनी दी। राहुल ने कहा कि अगर मेरी पार्टी का कोई नेता गलत बयानबाजी करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई करने से नहीं करूंगा संकोच
बैठक में राहुल ने कहा कि हम एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। पार्टी फोरम में सभी को अपनी बात रखने का हक है, लेकिन यदि पार्टी नेता कोई गलत बयानबाजी करते हैं और हमारी इस लड़ाई को कमजोर करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में मैं कोई संकोच नहीं करूंगा। हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष थरूर के हिंदू तालिबान और हिंदू पाकिस्तान वाले बयान से नाराज है।

शशि थरूर ने दिया था विवादित बयान
बता दें कि केरल से सांसद शशि थरूर हाल ही में हिंदू पाकिस्तान और हिंदू तालिबान वाले बयान लेकर को विवादों में आ गए थे। पहले उन्होंने मोदी सरकार के 2019 में जीतने पर भारत के हिंदू पाकिस्तान बनने की बात कही फिर इसके बाद बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि मोदी सरकार हिंदुत्व का तालिबानीकरण करना चाहती है। भाजपा ने इस बयान को लेकर थरूर, कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला था।पार्टी ने इसके लिए माफी मांगने की मांग की थी।

वहीं राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि सीडब्ल्यूसी में युवाओं और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। सीडब्ल्यूसी गठन का मकसद पार्टी में समावेशी विचारधारा को शामिल करके पार्टी को गतिशील बनाना है। उन्होंने कहा कि पार्टी को मतदाता स्तर पर पहुंचाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। हमें उन लोगों की पहचान करनी है जो हमें वोट नहीं देते हैं। हमें इस तरह की रणनीति तैयार करनी है जिससे हम हर मतदाता तक पहुंच कर उनका विश्वास हासिल कर सकें।

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