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फोर्ब्स इंडिया की सूची में “घड़ी साबुन वाले” मुरली बाबू 17 सीढ़ी नीचे खिसके

नई दिल्ली 7 अक्टूबर 2018 । कानपुर के जाने माने उद्योगपति व घड़ी समूह के मालिक मुरलीधर ज्ञानचंदानी और उनके छोटे भाई बिमल ज्ञानचंदानी ने अमेरिका की चर्चित आर्थिक मैगजीन फोर्ब्स के भारतीय संस्करण में पांचवीं बार जगह बनाई है। फोर्ब्स इंडिया ने वर्ष 2018 के अंक में इन उद्योगपति बंधुओं को देश के 100 सबसे अमीर उद्योगपतियों में 92वां स्थान दिया है। हालांकि पिछले वर्ष इस सूची में मुरली बाबू 75 वें स्थान पर थे। सूची में नंबर वन मुकेश अंबानी हैं।
वर्तमान में करीब 11840 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक उद्योगपति बंधुओं को फोर्ब्स ने पहली बार वर्ष 2013 में स्थान दिया था। मुरली बाबू और बिमल ज्ञानचंदानी उत्तर प्रदेश के एकलौते उद्योगपति बंधु हैं। घड़ी डिटरजेंट और साबुन के कुटीर उद्योग से शुरुआत करने वाले मुरली बाबू आज दो दर्जन से अधिक उत्पादों और एक दर्जन चर्चित ब्रांड के मालिक हैं। वर्ष 2017 में इनके पास करीब 12802 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति थी।
इस साल 1000 करोड़ घटे
मुरली बाबू की वर्ष 2015 में कुल 8035 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। वर्ष 2016 में नोटबंदी के समय देश भर के उद्योगों के सामने पूंजी और उत्पादन का संकट मंडरा रहा था तब कानपुर की दिग्गज कंपनी आरएसपीएल (रोहित सरफेक्टेंट प्राइवेट लिमिटेड) ने तरक्की की नई इबारत गढ़ी। वर्ष 2017 में कुल संपत्ति में 4800 की बढ़ोतरी करते हुए 12802 करोड़ रुपये तक पहुंचाई। लेकिन इस बढ़ोतरी में इस साल 1000 करोड़ की गिरावट हुई है।

मुरलीधर ज्ञानचंदानी
2013 से बढ़ता गया तरक्की का ग्राफ
फोर्ब्स इंडिया के मुताबिक मुरली बाबू की कंपनी ने बीते चार सालों में दोगुनी तरक्की की। वर्ष 2013 में इनके पास कुल 5226 करोड़ की संपत्ति थी। महज चार साल में ही कंपनी ने करीब 7500 हजार करोड़ रुपये की और संपत्ति जुटाई। हालांकि वर्ष 2013 के मुकाबले जितनी संपत्ति बढ़ी रैंकिंग में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ। चार साल में ये सिर्फ एक सीढ़ी ऊपर चढ़े। वर्ष 2013 में फोर्ब्स की सूची में 76वें स्थान पर थे। इसमें खास बात ये है कि इसके बाद लगातार ग्राफ गिरा लेकिन 2017 में सभी को मात देकर चौंकाने वाली स्थिति तक पहुंचे थे।
नंदन नीलकेणि आगे निकले
वर्ष 2017 में मुरली बाबू ने संपत्ति के मामले में इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति और नंदन नीलकेणि को भी पीछे छोड़ दिया था। 2015 में जब मुरली बाबू 92वें स्थान पर थे तब नंदन नीलकेणि 69वें और नारायण मूर्ति 53वें स्थान पर थे। 2017 में इन्हें पछाड़ते हुए मुरली बाबू ने 75वें स्थान पर जगह बनाई। अमीरों की सूची में इमामी समूह के अग्रवाल बंधु, यस बैंक के राना कपूर और मैनकाइंड फार्मा के रमेश जुनेजा सहित तमाम बड़े नाम अमीरों की सूची में नीचे खिसक गए थे। लेकिन इस बार ये सभी मुरली बाबू से आगे हैं। नंदन नीलकेणि 80वें और नारायण मूर्ति 73वें स्थान पर हैं। रमेश जुनेजा 53वें स्थान पर हैं।
फोर्ब्स की सूची में मुरली बाबू की जगह
वर्ष संपत्ति देश में स्थान
2018 11840 करोड़ 92
2017 12802 करोड़ 75
2015 8035 करोड़ 92
2014 7969 करोड़ 78
2013 5226 करोड़ 76

परिवार को जानें
मुरली बाबू के दो बेटे हैं मनोज ज्ञानचंदानी और राहुल ज्ञानचंदानी। भाई बिमल बाबू के सिर्फ एक बेटा है रोहित। मनोज रेड चीफ के साथ कंपनी के प्रोडक्ट की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि राहुल और रोहित ऑपरेशंस और मार्केटिंग की। मुरली बाबू और ज्ञानचंदानी रोजाना कंपनी की हर स्थिति की रिपोर्ट लेते हैं। नियमित ऑफिस आते हैं। कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति को अलग-अलग जिम्मेदारी और जवाबदेही सौंपी गई है।
आरएसपीएल में बनते हैं ये उत्पाद
घड़ी, (डिटरजेंट, साबुन, हैंडवॉश, रूम फ्रेशनर, टॉयलेट क्लीनर), एक्सपर्ट (बर्तन धुलने वाला साबुन, हैंडवॉश), वीनस (नहाने वाला साबुन), नमस्ते इंडिया (दूध, घी, दही, मक्खन, पनीर), प्रो-ईज केयर (सेनेटरी नैपकिन), रेड चीफ (चमड़े के जूते, सैंडिल, चप्पल, स्पोर्ट्स शूज), निम्मी बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड (रीयल इस्टेट), नोएडा में सॉफ्टवेयर पार्क, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश में सोलर पावर व विंड पावर प्लांट स्थापित किया है। इसमें विंड एनर्जी से 100 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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