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ताजा सर्वे में बीजेपी को लगा झटका, मध्यप्रदेश में कांग्रेस को मिल रही है इतनी सीटें

नई दिल्ली 8 अगस्त 2018 । मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव बहुत ही जल्द होने वाले हैं और इसलिए बीजेपी ने अभी से प्रचार शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की जान आशीर्वाद यात्रा में जनता की बेरुखी देखकर ऐसा लग रहा है की 15 साल बाद उनकी सत्ता जाने वाली है।

हाल ही में गैर सरकारी संस्था द्वारा कराये गए सर्वे में हैरान करने वाले आँखड़े सामने आ रहे हैं। यह सर्वे मध्यप्रदेश के सभी जिलों में किया गया और इसमें करीब 15000 लोगों की राय ली गयी। मध्यप्रदेश में कांग्रेस बीजेपी पर बढ़त बनती हुई नजर आ रही है हालाँकि इस सर्वे कुछ ही दिन पहले नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रैली वहां हुई थी।

इस सर्वे के आंकड़ों के अनुसार बीजेपी को 90 से 95 तथा कांग्रेस को 115 सीटें मिल सकती है। इस सर्वे के कुछ दिन बाद ही मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देने की भी घोषणा की थी जिससे कांग्रेस को और फायदा मिल सकता है। सर्वे के दौरान किसानों की गोली मार कर हत्या कर देने का मामला चर्चा का विषय बना रहा और बीजेपी सरकार के जनता से किये वायदों का मामला काफी देखा गया।

प्रदेश में कांग्रेस को मिलेगा नवजोतसिंह सिद्धू का सहारा

इंदौर। अपनी शायरी और बोलने की शैली के लिए मशहूर तथा क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोतसिंह सिद्धू दिसंबर से पहले मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहेंगे। प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए वे स्टार प्रचारक के रूप में सभाओं को संबोधित करने के साथ साथ रोड शो भी करेंगे। उन्होंने अपनी पार्टी के प्रचार के लिए स्वीकृति दे दी है। अक्टूबर से उनका प्रदेश में आने-जाने का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि सिद्धू के आने से पार्टी को काफी फायदा होगा। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी इसी साल तीन प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारक की सूची तैयार कर रही है।

मप्र विधानसभा चुनाव के सिलसिले में ताजा जानकारी सामने आई है कि टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर सिद्धू ने अपनी पार्टी के प्रचार के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है। पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश में प्रचार के लिए सिद्धू से चर्चा की थी।

जहां पर कांग्रेस कमजोर, वहां जाएंगे सिद्धू

प्रारंभिक तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक सिद्धू अक्टूबर माह में प्रदेश में दस्तक देंगे। इसके बाद वे प्रदेश के विभिन्न शहरों में सभाएं लेंगे और रोड शो करेंगे। पंजाब में कांग्रेस सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धू का पूरा शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। वे किन-किन शहरों में सभाएं और रोड शो करेंगे, इसकी पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस ने सिद्धू को लेकर जो प्लान तैयार किया है, उसके मुताबिक सिद्धू को प्रदेश के उन शहरों में प्रचार के लिए पहुंचाया जाएगा, जहां पर कांग्रेस बहुत ही कमजोर है।

कांग्रेस को मिलेगा फायदा

सूत्रों का कहना है कि सिद्धू के आने से पार्टी को काफी फायदा होगा। उनकी सभा और रोड शो से लोग काफी प्रभावित होंगे। वे अपनी सभाओं के दौरान अपने ही अंदाज में, जिसके लिए उनकी पहचान बनी है, भाषण के दौरान शायरी कर लोगों को आकर्षित करेंगे। बताया गया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस माह के अंत तक सिद्धू का प्रदेश दौरा कार्यक्रम जारी कर सकता है।

इस तस्वीर पर सीएम शिवराज सिंह ने दी सफाई

यदि आप सीएम शिवराज सिंह को जानते हैं तो इस तस्वीर से रुबरू तो जरूर हुए होंगे। पिछले 2 साल से यह फोटो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही है। इस तस्वीर के कारण शिवराज सिंह जितने ट्रोल हुए, शायद व्यापमं घोटाले में भी नहीं हुए होंगे। अब जबकि चुनाव निकट आ गए हैं तो शिवराज सिंह ने इस तस्वीर पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि वो सड़क नहीं थी, नदी में बाढ़ थी। एक गांव दूसरी तरफ़ था, सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने मुझे उठाकर दूसरी तरफ़ कर दिया था। उन्हें डर था कि नदी में मेरे पैर फिसल ना जाएं।

बता दें कि यह अगस्त 2016 की तस्वीर है। जो पन्‍ना जिले के अमनगंज तहसील क्षेत्र में ली गई थी। इस तस्वीर को सीएम शिवराज सिंह के प्रचार विभाग ने ही जारी किया था। उनकी योजना थी कि इस तस्वीर के माध्यम से वो यह बताएं कि मुख्यमंत्री कितने दुर्गम मार्ग को पार करते हुए बाढ़ पीढ़ितों से मिलने जा रहे हैं परंतु इसका उल्टा हो गया। यह फोटो सोशल मीडिया पर आते ही ट्रोल हो गया। 1 घंटे के भीतर तो यह फोटो देश भर की मीडिया का प्रमुख फोटो बन चुका था।

सीएम शिवराज सिंह ने सफाई तो पेश कर दी है परंतु इससे उनकी बिगड़ी हुई छवि की मरम्मत नहीं होती। सीएम शिवराज सिंह खुद को नर्मदा पुत्र भी कहते थे। उनका गांव नर्मदा नदी के किनारे हैं। लोग मैदान में खेलकर बड़े होते हैं, शिवराज सिंह नर्मदा नदी में तैराकी करके बड़े हुए हैं। इस तस्वीर में पानी घुटनों तक भी नहीं है। तस्वीर वाले दिन शिवराज सिंह की उम्र भी 57 साल थी। फिर ऐसा क्या डर था जो शिवराज सिंह सिपाहियों की गोद में जा बैठे। हो सकता है कि उन्होंने आग्रह किया हो, परंतु क्या शिवराज सिंह इतने मासूम हैं कि वो कोई भी आग्रह मान लेते हैं।

तस्वीर चीख चीख कर बयां कर रही है कि नदी में बाढ़ नहीं थी। बस इतना सा पानी था कि आपके जूते पानी में डूब जाएं। सीएम शिवराज सिंह को कोई खतरा नहीं था। जो मुख्यमंत्री सिंहस्थ में बरसते पानी में खंभे पर चढ़कर पाइप जोड़ दे, उसे जूतों जितने पानी से डर कैसा। कहीं यह ब्रांडिंग की प्लानिंग तो नहीं थी। यह जताने के लिए कि शिवराज सिंह जनता के लिए जान भी जोखिम में डाल रहे हैं लेकिन फोटो के लिए स्थल का चयन गलत हो गया और दांव उल्टा पड़ गया। दरअसल, यह फोटो नदी में बाढ़ गुजर जाने के बाद का है।

60% का मानना है- मुख्यमंत्री तो ज्योतिरादित्य ही बनना चाहिए

विंध्य – 31
चित्रकूट, रैगांव, सतना, नागौद, मैहर, अमरपाटन, रामपुरबघेलान, सिरमौर, सेमरिया, त्योंथर, मउगंज, देवतालाब, मनगवां, रीवा, गुढ़, चुरहट, सीधी, सिंहावल, चितरंगी, सिंगरौली, देवसर, धौहनी, ब्यौहारी, जयसिंहनगर, जैतपुर, कोतमा, अनूपपुर, पुष्पराजगढ़, बांधवगढ़, मानपुर, बड़वारा।
मालवा-निमाड़-65
आष्टा,आगर, शाजापुर, शुजालपुर, कालापीपल, सोनकच्छ, देवास, हाटपिपल्या, नागदा-खाचरौद, महिदपुर, तराना, घटिया, उज्जैन नार्थ, उज्जैन साउथ, बड़नगर, आलोट, जावरा, मंदसौर, मल्हारगढ़, सुवासरा, गरोठ, मनासा, नीमच, जावद, अलीराजपुर, जोबट, झाबुआ, थांदला, पेटलावद, रतलाम ग्रामीण, रतलाम सिटी, सैलाना, सरदारपुर, गंधवानी, कुक्षी, मनावर, धरमपुरी, धार, बदनावर, डॉ. अंबेडकर नगर, देपालपुर, इंदौर-1, इंदौर-2, इंदौर-3, इंदौर-4, इंदौर-5, राऊ, सांवेर, महेश्वर, कसरावद, खरगोन, भगवानपुरा, सेंधवा, राजपुर, पानसेमल, बड़वानी, बागली, मंधाता, खंडवा, पंधाना, नेपानगर, बुरहानपुर, भीकनगांव, बड़वाहा, हरसूद।
बुंदेलखंड-32
बीना, खुरई, सुरखी, नरयावली, सागर, सिरोंज, शमशाबाद, टीकमगढ़, जतारा, पृथ्वीपुर, निवारी, खरगापुर, महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर, देवरी, रेहली, बंडा, मलहरा, पथरिया, चंदला, राजनगर, पवई, गुन्नौर, पन्ना, विजयराघवगढ़, मुड़वारा, बहोरीबंद, दमोह, जबेरा, हटा, कुरवाई।
ग्वालियर-चंबल-32
श्योपुर, विजयपुर, संबलगढ़, जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह, अटेर, भिंड, लहार, मेहगांव, गोहद, सेवढ़ा, भांडेर, दतिया, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर, ग्वालियर ईस्ट, ग्वालियर साउथ, भितरवार, डबरा, करेरा, पोहरी, शिवपुरी, पिछोर, कोलारस, बमोरी, गुना, अशोकनगर, चंदेरी, मुंगावली।
मध्यभारत-39
तेंदूखेड़ा, गाडरवारा, सिवनीमालवा, होशंगाबाद, सोहागपुर, पिपरिया, उदयपुरा, भोजपुर, सांची, सिलवानी, विदिशा, बासौदा, बुदनी, इच्छावर, खातेगांव, बैरसिया, भोपाल उत्तर, नरेला, भोपाल साउथ, भोपाल मध्य, गोविंदपुरा, हुजूर, सीहोर, चाचौड़ा, राघौगढ़, नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर, सारंगपुर, सुसनेर, मुलताई, आमला, बैतूल, घोड़ाडोंगरी, भैंसदेही, टिमरनी, हरदा, नरसिंहपुर।
महाकौशल-31
पाटन, बरगी, जबलपुर ईस्ट, जबलपुर नार्थ, जबलपुर कैंट, जबलपुर वेस्ट, पनागर, सिहोरा, शाहपुर, डिंडोरी, बिछिया, निवास, मंडला, केवलारी, लखनादौन, गोटेगांव, बैहर, लांजी, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी, बरघाट, सिवनी, जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, चौरई, सौंसर, छिंदवाड़ा, परासिया, पांढुर्ना।
सीएम पद के लिए सिंधिया पहली पसंद, कमलनाथ से भी पीछे दिग्विजय
8) भाजपा हो या कांग्रेस, चुनाव की बड़ी रणनीति क्या हो सकती है?
जाति नहीं, युवा देखकर टिकट दंे दोनों पार्टियां
64 %
लोगों ने कहा- युवा चेहरों को ज्यादा टिकट मिलने चाहिए।
21% लोग चाहते हैं- जाति आधार पर टिकट।
महिलाएं : 67% ने कहा कि पार्टियां युवाओं को मौका देंगी। 72 % गृहिणियां भी मानती हैं कि पार्टियां युवाओं को ही मौका देंगी। केवल 18 % महिलाएं ही मानती हैं कि महिलाओं को टिकट देने की रणनीति अपनाएंगी पार्टियां।
8 % लोग बोले- महिलाओं को ज्यादा टिकट।
7 % लोग बोले- मंदिर धर्मस्थलों की राजनीति।
9) मध्यप्रदेश में लोग किस चेहरे को देखकर वोट देंगे?
लोकप्रियता में शिवराज-सिंधिया से आगे मोदी
32 %
8 % लोग चाहते हैं- कमलनाथ का चेहरा।
18-25 वर्ष : 33% ने कहा- मोदी मप्र में सबसे लोकप्रिय चेहरा 46-55 वर्ष आयु समूह वाले लोगों में 38 फीसदी मानते हैं कि मोदी अब भी प्रदेश में लोकप्रिय। सिंधिया-शिवराज को एक समान 29-29 % मत मिले।
लोगों ने कहा- नरेन्द्र मोदी के चेहरे को देखकर वोट देंगे।
29 % लोग बोले- शिवराज का चेहरा देखकर।
भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहा?
45% मानते हैं- शिवराज सिंह सरकार ठोस नतीजों वाली है
36 फीसदी लोगों ने कहा- केवल बातें बनाने वाली सरकार
6) अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री कौन होगा?
सिंधिया दौड़ में कमलनाथ-दिग्गी से काफी आगे
60%
लोगों ने कहा-
ज्योतिरादित्य सिंधिया बनेंगे मुख्यमंत्री।
युवा : 18-25 साल के युवाओं मेंे 63% सिंधिया को ही सीएम बनाए जाने के पक्ष में। 26 से 35 साल के नौजवानों में 61% यही चाहते हैं। दोनों को मिलाकर 62% युवाओं ने सिंधिया के पक्ष में राय दी।
7) भाजपा के लिए सबसे बड़ी मुश्किल क्या होगी?
बेरोजगारी के साथ किसानों का असंतोष बड़ी समस्या
32%
लोगों ने कहा- बेरोजगारी के कारण भी जीतना मुश्किल।
29% लोगाें ने कहा- किसानों का असंतोष भाजपा की बड़ी मुश्किल।
29 % लोग बोले- ज्योतिरादित्य के चेहरे को देखकर।
3% लोग बोले- राहुल गांधी का चेहरा देख।
10) सरकार के तौर पर भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहा?
बातें बनाने और काम चलाऊ कहने वाले ज्यादा
45%
लोगों ने कहा
मजबूत
इरादों, ठोस नतीजों की सरकार।
19% लोगाें का मानना है कि सिर्फ काम चलाने लायक सरकार।
किसान: 52% ने कहा कि शिवराज सरकार मजबूत इरादों, ठोस नतीजों वाली सरकार है। 37 % किसान यह मानते हैं कि शिवराज सरकार केवल बातें बनाने वाली सरकार है। 11 % कहते हैं- सिर्फ काम चलाने लायक ।
27 % लोग चाहते हैं- कमलनाथ मुख्यमंत्री बनें।
13% लोग बोले- दिग्विजय सिंह
को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए…
36 % लोग बोले- बातें बनाने वाली सरकार।
26%
लोग बोले- शिवराज सिंह की 13 साल की इनकंबेंसी ।
13% लोगाें ने कहा-
पिछले चुनाव के मुकाबले मोदी की लहर कमजोर ।
11) विपक्ष के तौर पर कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा?
शोर मचाने वाली कमजोर विपक्ष रही कांग्रेस
48 %
लोगों ने कहा- कांग्रेस कमजोर विपक्ष।
ग्रेजुएट्स: 47% मानते हैं कि कांग्रेस कमजोर विपक्ष है। अंडर ग्रेजुएट वर्ग में 41% भी यही विचार रखते हैं। 41 % अंडर ग्रेजुएट इसे शोर मचाने वाली विपक्ष मानते हैं।
महिलाएं : 57 % मानती हैं कि कांग्रेस एक कमजोर विपक्ष साबित हुई। 56-65 वर्ष के 61 % लोग भी यही मानते हैं। 65 वर्ष से ज्यादा के 72 % लोग यह मानते हैं कि कांग्रेस शोर मचाने वाली विपक्ष है।
व्यवसायी : 54% सिंधिया के पक्ष में। 37 फीसदी चाहते हैं- कमलनाथ हों सीएम। 10 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह के पक्ष में केवल 10 फीसदी।
महिलाएं : 45% ने कहा- दिग्विजय सिंह हों सीएम। केवल 31% महिलाएं ही चाहती हैं िक सिंधिया बनें मुख्यमंत्री।
युवा 18-25 वर्ष : 36% ने कहा- बेरोजगारी सबसे बड़ा माइनस पॉइंट। सभी वर्गों में 32 फीसदी ही यह मानते हैं। 29% मानते हैं- किसान असंतोष बड़ा मुद्दा।
नौकरीपेशा : 30 % ने कहा- शिवराज के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी। 14% ने माना- मोदी लहर अब कमजोर।
33% लोगाें
का कहना है-
शोर मचाने वाली।
19 % लोग बोले- जोर दिखाने वाली विपक्ष।

‘फर्जी मामा, फर्जी चौहान अब तो कथनी भी हो गई फर्जी’

हमारे मुख्यमंत्री अपने आप को मामा कहते फिरते हैं। वह फर्जी मामा व फर्जी चौहान है। अब तो उनकी कथनी भी फर्जी हो गई है। 14 साल में मैं और आप मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को सुन रहे हैं। उनकी केवल तीन ही बोली है। सबसे पहले मैं किसान का बेटा हूं। इस प्रदेश की महिलाएं मेरी बहन व उनके बच्चों का मामा हूं। जब मामा के राज में ही महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। बेटियों के साथ दुष्कर्म हो रहा है। मुख्यमंत्री बनने से पहले शिवराज ने नर्मदा में खड़े होकर कहा था मैं जीवन भर तक अविवाहित रहूंगा। अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में बिताऊंगा तो फिर जन आशीर्वाद यात्रा में साधना सिंह कहा से आ गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी कथनी कितनी फर्जी है।
बेड़िया में आयोजित जन जागरण यात्रा की आम सभा में नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने यह बात कही। सोमवार को बड़वाह, सनावद में कांग्रेस की जन जागरण यात्रा का रथ पहुंचा। यहां पर रोड शो के बाद यात्रा बेड़िया के लिए रवाना हो गई। जहां पर आम सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित थे। मंच से कांग्रेस जिलाध्यक्ष झूमा सोलंकी, डॉ. विजयालक्ष्मी साधौ, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव, बाला बच्चन, कुणाल चौधरी, लाली शर्मा ने भी लोगों को संबोधित कर भाजपा की योजनाओं की पोल खोली।
रावण के रथ से भी महंगा शिवराज सिंह का जन आशीर्वाद रथ -जीतू पटवारी
सनावद में रोड शो के दौरान स्वागत करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
दुष्कर्म, बेरोजगारी व किसान आत्महत्या में नंबर 1 बना प्रदेश
बड़वाह | सोमवार को मप्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नगर में जन जागरण यात्रा लेकर पहुंचे। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर ट्राफिक जाम होने के कारण यात्रा करीब दो घंटे देरी से पहुंची। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता बाइक रैली के रूप में काटकूट फाटे से जय स्तंभ चौराहे लेकर पहुंचे। जहां सचिन बिरला, निलेश रोकडिया, डोंगर खंडाला, अनिल राय सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत किया। जीतू पटवारी ने कहा दुष्कर्म, बेरोजगारी व किसान आत्महत्या में नंबर वन बना गया है हमारा प्रदेश। हमारी सरकार बनेगी तो इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बायपास का निर्माण करवाने का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने नारा दिया कि कांग्रेस लाओ हाईवे को 6 लेन बनवाओ। उन्होंने आगे कहा कुछ दिन पहले नर्मदा सेवा यात्रा लेकर शिवराज सिंह चौहान निमाड़ की धरती पर आए थे तो साढ़े छह करोड़ पौधे लगाकर विश्व रिकार्ड बनाने की बात कही जा रही है लेकिन साथियों इस बात को कांग्रेस प्रतिपक्ष नेता अजय सिंह ने विधान सभा में पूरी ताकत के साथ उठाया तो शिवराज सिंह ने यह कहने की कोशिश कि तुम जनता को भ्रमित कर रहे हो।
यात्रा का स्वागत करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
विधायक जीतू पटवारी ने कहा लाल सोना देना वाला बेड़िया विश्व में जाना जाता है। यहां पर स्व. सुभाष यादव ने अंतिम सास तक किसानों व निमाड़ का विकास करने के लिए प्रयास किया है। पिछले दिनों प्रदेश के मुखिया ने जन आशीर्वाद यात्रा निकाली। जिस रथ में मुख्यमंत्री सवार थे। वह रावण के रथ से भी सर्वसुविधायुक्त व महंगा था। ढाई करोड़ के रथ में सवार होने के बाद भी अपने आप को किसान का बेटा कहते थे। जब बेटियों के दुष्कर्म का सवाल विधानसभा में पूछा तो कहते थे कि तुम्हारे राज में नहीं होता था क्या। इस पर मैंने कहा हमारे समय में 6 व 10 की छोटी बेटियों के साथ दुष्कर्म नहीं होता था।
‘ढाई लाख के रथ से आशीर्वाद ले नहीं दे रहे मुख्यमंत्री’
कसरावद | कांग्रेस की जनजागरण यात्रा सोमवार शाम यहां पहुंची। नगर परिषद परिसर में विपक्ष के नेताओं ने भाजपा की प्रदेश सरकार की कमियां गिनाते हुए कोसा। राऊ विधायक जीतू पटवारी ने कहा जन आशीर्वाद यात्रा काे लेकर भारतीय संस्कृति में आशीर्वाद नीचे से लिया जाता है। लेकिन शिवराजसिंह ढाई लाख के रथ पर सवार होकर ऊपर से आशीर्वाद दे रहे है। अजय सिंह ने कहा भाजपा की सरकार को बनने से रोकना होगा। कांग्रेस की सरकार बनेगी तो सर्वहारा का विकास होगा।
कांग्रेस की सरकार बनते ही 10 दिन में माफ करेंगे किसानों का कर्ज-जीतू पटवारी
महेश्वर | जन जागरण यात्रा सोमवार रात 8.15 बजे जय स्तंभ चौराहा पर पहुंची। प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को विदाई का आशीर्वाद दें। कांग्रेस की सरकार बनी तो 10 दिन में किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष बाला बच्चन, पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, कसरावद विधायक सचिन यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन ठाकुर, नप अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमंत जैन, इंदौर से आए मुकेश झांझोट, मंडल अध्यक्ष वल्लभ सराफ, गिरिराज सराफ, प्रकाश यादव, संतोष चौहान, अजय खांडे, शुभम व्यास, पवन दाने सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

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