मुख्य पृष्ठ >> पाश्चात्य नव् वर्ष ज्योतिष के आईने में ? आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा “वैदिक”

पाश्चात्य नव् वर्ष ज्योतिष के आईने में ? आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा “वैदिक”

नई दिल्ली 2 जनवरी 2020 । यही कारण है की हमारे देश में राजा महाराजाओ की सबसे पहली पसंद होती थी ज्योतिषाचार्यों से चर्चा । प्रत्येक वर्ष राजा अपने भविष्य के लिए वर्ष कुंडली और राष्ट्र के भविष्य पर विचार किया करते थे । भारत वर्ष में प्रत्येक वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर राष्ट्र के भविष्य पर विचार किया जाता है , उसी दिन वर्ष का राजा तथा मंत्रिमंडल के भी पद का वितरण किया जाता था । दिन बदलते गए अब लोग चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की बजाय पाश्चात्य नववर्ष को आनंद, और उत्साह पूर्वक मनाने लगे । उसी के साथ ही पूरे वर्ष की सुख समृद्धि की कामना भी करने लगे । वैसे तो प्रत्येक वर्ष पाश्चात्य नववर्ष की शुरुआत कन्या लग्न में ही होती है आइये देखे कैसा होगा नववर्ष 2020 भारत और भारत के प्रमुख व्यक्तियो के लिहाज से  पाश्चात्य नववर्ष प्रवेश कन्या लग्न , मेष नवांश, शतभिषा नक्षत्र और कुम्भ राशि के चन्द्रमा में हो रहा है – भारतीय ज्योतिष के संहिताग्रंथो में राष्ट्र के बारे में विचार करने का कहा है । कन्या लग्न का स्वामी बुध धनु राशि में स्थित है, वही चतुर्थ भाव का स्वामी ब्रहस्पति (गुरु), स्वयं अपनी राशि धनु में स्थित है, गुरु यहाँ पंचमहापुरुष का राजयोग भी निर्मित कर रहा है । इस वर्ष बोद्धिक लोगो का वर्चस्व बढेगा देखा जाए तो कला, और साहित्य के नाम रहेगा वर्ष 2020।
चतुर्थ भाव जनता तथा जनता के सुख का होता है । इस वर्ष बड़ी ही विचित्र स्थिति पाश्चात्य वर्ष प्रवेश कुंडली में बन रही है ,चतुर्थ भाव में पंचगृही युति बन रही है । बुध, गुरु, केतु शनि, और सूर्य यह पांच ग्रह चतुर्थ भाव में धनु राशि में स्थित है । चतुर्थ भाव में पंचगृही युति , तथा लग्नेश और चतुर्थेश का अस्त होना , जनता के कष्टों की और इशारा कर रहा है । वैश्विक आर्थिक स्थिति में अचानक गिरावट देखने को भी मिल सकती है । सूर्य केतु, किसी बड़े प्राक्रतिक आपदा की और भी इशारा कर रहे है ।
भारत की चर्चा करे तो स्वतंत्र भारत का वृषभ लग्न है , मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल, वर्तमान में भारत में अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता साथ ही नागरिकता कानून को लेकर अंतरकलह की स्थिति मंडरा रही है । वर्तमान में भारत को चन्द्रमा की दशा चल रही है, कर्क राशि का चंद्रमा भारत की कुंडली में तृतीय स्थान में स्थित है । सितम्बर २०१५ से चन्द्रमा की दशा आरम्भ हुई थी। अगस्त २०१९ से चन्द्रमा में शनि की अन्तर्दशा प्रारम्भ हुई । शनि नवंम तथा दशम भाव का स्वामी होकर चन्द्र, बुध , शुक्र तथा सूर्य के साथ तृतीय स्थान में स्थित है , तीसरा भाव संचार का होता है, चन्द्र में शनि की अन्तर्दशा, चन्द्र शनि, सूर्य शनि की युति, आर्थिक मंदी की और इशारा कर रही है । समय देश के लिए शुद्धिकरण तथा आत्मचिंतन का है , छोटी छोटी बाते जनता के मध्य तूल पकड सकती है । गोचर में स्वतन्त्र भारत की कुंडली में अष्टम भाव से पंचगृही युति का प्रभाव हावी है, यह समय देश की अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का कारण बन सकता है । हालाकि शनि का राशि परिवर्तन २४ जनवरी पश्चात कुछ राहत देगा । आर्थिक स्थिति को सुधरने में कुछ समय और लगेगा।
पाश्चात्य नववर्ष कुंडली में स्वतंत्र भारत का वृषभ लग्न भाग्य में स्थित है , वही जनवरी पश्चात शनि का राशी परिवर्तन , ब्रहस्पति का 30 मार्च से लेकर २६ जुलाई तक का मकर राशि में भ्रमण , भारत की जनता के लिए कष्ट की सूचना दे रही है । भूकंप और प्राकृतिक आपदा विशेषकर भारत के पूर्वी हिस्से में मार्च –जुलाई के मध्य हो सकती है । पराक्रम स्थान संचार का भी होता है, 2020 के मध्य हवाई दुर्घटना के योग बन सकते है । 24 जनवरी को शनि का मकर राशि में प्रवेश होगा , जो की भारत की कुंडली में नवम भाव से भ्रमण करेगा । मकर राशि का शनि, भाग्य स्थान से भ्रमण , धर्म के नाम पर उन्माद बढ़ सकते है । राजनेता धर्म की बैसाखी लेकर शीर्ष पर पहुचने का मार्ग तलाशते दिखाई दे सकते है । शनि जनता के कष्ट को बड़ाएगा । नए कर का भार जनता की जेब हलकी करेगा । धनु राशि का गुरु भारत के लिए उपलब्धि दायक रहेगा । भारत की साख एक आध्यात्मिक और धार्मिक देश के रूप में उभरेगी । योग धर्म के प्रति विदेशो में भारत का मान बढेगा ।
2020 में भारत को कला और साहित्य के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि भी प्राप्त होगी । वैज्ञानिको के नए शोध भारत को एक शक्तिशाली देश के रूप में अपनी पहचान देगी । भारत- पाक के संबंधो में सुधार होगा इसमे शंका है ? 24 जनवरी से जुलाई अंत तक भारत पाक सीमा पर आतंकी गतिविधिया बढ़ सकती है । भारत पाक के मध्य कहासुनी भी बढ़ सकती है ।
वृश्चिक लग्न के नरेंद्र मोदी के लिए 2020 मिला जुला रहेगा । शुरूआती वर्ष में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चलेगा । नागरिकता कानून उनके लिए चिंता का कारण बन सकता है । मार्च पश्चात पुनः उनके लिए उपलब्धि और उन्नति दायक है । मोदी का वर्चस्व पुनः बढेगा । विरोधियो के लिए मोदी सबसे बड़ी चिंता बन कर सामने आएंगे । सोनिया गांधी के लिए यह वर्ष स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं है । पार्टी में भी उनके निर्णय पर प्रश्नचिन्ह लग सकता है । मकर के शनि से उनके लिए यह वर्ष चुनोतियो और चिन्ताओ वाला रहेगा । कर्क लग्न के राहुल गांधी है ।वर्ष के मध्य पश्चात जनता के मध्य उनकी छवि सुधरेगी । लेकिन पार्टी में अंतर्कलह बढने से उनका वर्चस्व कम होगा । कानूनी मामलो में भी राहुल के लिए यह वर्ष अच्छा नहीं है । राहुल की बातो को मजाक में लिया जाएगा किन्तु साल के अंत तक उनके राजनैतिक करियर में सुधार की उम्मीद की जा सकती है । मिथुन लग्न की भाजपा के लिए 2020 मिश्रित ही रहेगा । धनु लग्न की कांग्रेस के लिए शनि का परिवर्तन शुद्धिकरण की बात कर रहा है । सलमान खान के लिए अच्छा नहीं है वर्ष 2020 पुराने क़ानूनी मामले फिर परेशान करेंगे ।
स्वास्थ की द्रष्टि से अमिताभ बच्चन के लिए वर्ष ठीक नहीं है कार्य क्षमता प्रभावित हो सकती है विरत कोहली भारत के लिए एक सशक्त और सफल कप्तान के रूप में नज़र आयेंगे वहीं धोनी इस वर्ष खेलजगत से अलविदा कर सकते है
नववर्ष कुंडली में चतुर्थ भाव से पंचगृही युति भारत पाक के रिश्ते की डोर को कमजोर कर रही है । इस वर्ष कोई बड़ी आतंकी घटना भारतीय सेना की परीक्षा ले सकती है ? भारत और चीन के राजनैतिक सम्बन्ध इस वर्ष कुछ नया कर पाएँगे । भारत और चीन के व्यापारिक संबंधो की स्थिति यथावत रहेगी । चीन पाकिस्तान का सबसे मजबूत मित्र बनकर भारत के सामने खड़ा हो सकता है । लाल ड्रेगन शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा यह इस वर्ष मृगतृष्णा ही रहेगा । भारत–रूस सम्बन्ध – मकर राशी का शनि , टेक्नालाजी के क्षेत्र में भारत रूस के मध्य कोई बड़ी उपलब्धि दिलवा सकता है । भारत रूस के साथ खड़ा होकर एक सशक्त और समृद्धशाली देश बनकर विश्व के मान चित्र पर उभर सकता है । अमेरिका के ट्रम्प जनाधार खो सकते है । देश कुछ बड़े उद्योगपति आर्थिक संकट के चलते परेशान हो सकते है ।
कुल मिलकर भारत के लिए यह वर्ष चुनोतियों और संघर्ष की दासता बयां कर रहा है । भारत के बुद्धिजीवियो का संम्मान होगा और पूरे विश्व पर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक छवि की छाप साफ दिखाई देगी । नए वर्ष में राजनैतिक उठापठक तेज होगी । महंगाई एवं बेरोजगारी का ग्राफ बढेगा, केंद्र सरकार के नित नए नए नियम कानून जनता को दुविधा में डालेंगे । सरकार की साख कमजोर होगी ।
वर्ष में दो सूर्य एवं चार चंद्रग्रहण होंगे । जिसमे एक सूर्य एवं एक चन्द्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। 25 मार्च 2020 से चेत्र शुक्ल प्रतिपदा से नया वर्ष विक्रम २०७७ प्रारंभ होगा , नए वर्ष का राजा बुध तथा मंत्री चन्द्रमा होंगे । बुध चन्द्रमा परस्पर शत्रु है छल कपट की राजनीती बढ़ेगी अपराधियों का भंडाफोड़ होगा सर्कार अपनी लोकलुभावनीनितियो से जनता को आकर्षित करने का प्रयास करेगी कुल मिलकर नया वर्ष केंद्र सरकार की परीक्षा लेगा , प्राकृतिक आपदाओं एवं नयी नयी संक्रामक बीमारियों से जनता त्रस्त होगी तथा धर्म-अध्यात्म की राजनीती तेज होगी

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