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फोटोग्राफर की सूझबूझ से आत्महत्या बदली हत्या में

उज्जैन 1 जुलाई 2018 । न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपीया संगीता पति मुकेश आयु 35 वर्ष निवासी ग्राम सिरोलिया थाना बरोठा हाल मुकम प्रताप नगर कालाली के पीछे पवासा उज्जैन को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास व 5000 रू के अर्थदण्ड एवं धारा 201 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000/- रू. अर्थदंड से दंडित किया गया।
उप-संचालक अभियोजन डॉ साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि दिनांक 5.06.2016 को संजू पिता भगवान सिंह द्वारा थाना चिमनंगजं मण्डी पर सूचना दी थी कि रात्री 2 बजे उसके काका महेश बरगुंडा प्रताप नगर वाले ने फोन कर करे बताया कि मुकेश बरगुंडा ने फांसी लगा ली है। मृृतक मुकेश के घर पुलिस के जाने पर उसकी पत्नि संगीता ने बताया था कि वहा बाहार के कमरे में सोई थी। रात्री में बाथरूम करने के लिए उठी तो देखा कि उसका पति उसके पास नहीं सोया है। अन्दर कमरे जाकर देखा तो मुकेश फांसी पर लटका है तो उसने फांसी की रस्सी दरते से काट दी थी। पुलिस द्वारा घटना स्थाल के फोटोग्राफ लिये गये । मृतक का पोस्टमर्टम कराया तो पोस्टमर्टम रिपोर्ट में मृत्यु अवरूद्ध श्वास अवर से होना एवं प्रकृति मानव वध होना आया। अनुसाधंन द्वारा लास्ट सिन थोयरी एवं परिस्थितीजन्य साक्ष्य के आधार पर अनुसांधन में पत्नि संगीता द्वारा अपने पति की हत्या कारित करना पाया । आरोपी के विरूद्ध थाना चिमनगंज मण्डी द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपीया को दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एजीपी किशोर कुमार शर्मा द्वारा कि गई।

आत्महत्या को हत्याकांड में बदलवाया फोटोग्राफर विनोद राठौर ने

पुलिस के मुताबिक़ मुकेश हत्याकांड की बात की जाए तो इसमें सबसे अहम किरदार पुलिस फोटोग्राफर विनोद राठौर का है । विनोद राठौर को अस्पताल में यह बोल कर बुलाया गया था कि आत्महत्या का मामला है और इसकी फोटोग्राफी करना है। जब विनोद राठौर अस्पताल पहुंचे तो उन्हें मृतक मुकेश के गले पर वैसे निशान नहीं दिखाई दिए जो आमतौर पर आत्महत्या के मामले में दिखाई देते हैं । इसकी सूचना श्री राठौर ने एफएसएल अधिकारी डॉ प्रीति गायकवाड को दी। डा गायकवाड़ ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की तो विनोद का शक सही प्रकट हुआ। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और मृतक की पत्नी संगीता बाई से पूछताछ की तो उसने 5 फीट 8 इंच के पति को 5 फीट 5 इंच के दरवाजे पर लटकना बताया। इससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया । इसके बाद धीरे-धीरे जब पड़ताल आगे बड़ी तो पता चला कि शराबी पति रोज मारपीट करता था। इसी बात से तंग आकर उसने मुकेश की हत्या कर दी। इस हत्याकांड में सबसे बड़ी बात यह रही कि कोई भी आई विटनेस साक्ष्य मौजूद नहीं था । केवल एफएसएल अधिकारी की रिपोर्ट और फोटोग्राफर केसर के बाद शुरू हुई कहानी आजीवन कारावास की सजा तक पहुंच गई।

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