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उज्जैन जेल में कैदी से करवाये बड़े लोगों के फोन हैक! साइबर सेल में दर्ज हुआ केस

उज्जैन  9 नवंबर 2021 । मध्य प्रदेश की उज्जैन जेल स्टाफ पर एक दोषी कैदी ने डिजिटल धोखाधड़ी (Digital Fraud) जैसा गलत काम करवाने का आरोप लगाया है. बंदी का आरोप है कि जेल अधिकारियों ने उसको बड़े लोगों के मोबाइल हैक (Mobile Hack) करने के लिये मजबूर किया. उसका आरोप है कि उसे आईपीएस अधिकारियों, न्यायाधीशों और राज्य के गृह मंत्री के सचिव सहित विभिन्न बड़े लोगों के मोबाइल फोन हैक करने के लिए मजबूर किया गया. कैदी की शिकायत पर साइबर सेल में मामला दर्ज किया गया है. साइबर सेल ने इसकी जांच के लिये तीन टीमों का गठन किया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार महाराष्ट्र निवासी अनंत अमर अग्रवाल जालसाजी का दोषी कैदी है. अग्रवाल ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई थी. बाद में निचली अदालत ने सुरक्षा आधार पर उसे उज्जैन से भोपाल सेंट्रल जेल में ट्रांसफर कर दिया. अग्रवाल का आरोप है उज्जैन जेल में उसे एक लैपटॉप और इंटरनेट सुविधा दी गई थी. इसके साथ ही डार्क नेट से खरीदे गए क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके डिजिटल धोखाधड़ी के माध्यम से करोड़ों रुपये की कमाई की गई. जेल अधिकारियों ने उसे प्रदेश के विभिन्न वीआईपी लोगों के मोबाइल फोन में ‘मैलवेयर’ लोड करने के लिए भी कहा गया.

एफआईआर दर्ज की गई है
साइबर सेल के डीजी योगेश देशमुख ने बताया कि उन्हें जेल विभाग से शिकायत मिली है. कैदी के आरोपों की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की गई है. अग्रवाल ने एक महिला जेल अधीक्षक और उप जेल अधीक्षक पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया है. कोर्ट ने उसकी शिकायत को जांच के लिए जेल विभाग को भेजा. बाद में वहां से साइबर सेल को भेजा गया है.

आरोपों का अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है
साइबल सेल को अभी तक अग्रवाल के आरोपों का कोई सबूत नहीं मिला है. साइबर सेल इसकी गहनता से जांच कर रही है. उज्जैन के पूर्व जेल अधीक्षक में से एक ने जेल नियमावली की अवहेलना की है. जेल में दोषी कैदी को लैपटॉप और इंटरनेट की सुविधा देने के लिए अब वह साइबर सेल के रडार पर है.

कैदी का दावा वह आईआईटी कानपुर से पासआउट है
वहीं अग्रवाल ने दावा किया है कि आईआईटी-कानपुर से पास आउट है. उसने आगे की पढ़ाई भी एक विदेशी विश्वविद्यालय से की है. लेकिन जांच में सामने आया है कि वह आठवीं कक्षा में फेल हो चुका है. उसके खिलाफ दूसरे अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं. उज्जैन के पूर्व जेल अधीक्षक ने उसे तांत्या टोपे पर लिखी गई एक पुस्तक की सामग्री को ढूंढने और उसका अनुवाद करने के लिए लैपटॉप और नेट दिया था. लेकिन आरोपी के हैकिंग के आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है.

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