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आयकर विभाग ने बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में अपनी सक्रियता बढ़ाई

भोपाल 23 जनवरी 2020 । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयकर विभाग ने बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मामले की छानबीन कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) से विभाग ने सभी किरदारों का ब्योरा, ऑडियो-वीडियो साक्ष्य से लेकर लेनदेन की जानकारी तलब की है। मामले से जुड़े लोगों से हुए आर्थिक लेनदेन और संपत्ति आदि की छानबीन भी होगी। हाल ही में विभाग ने इस बारे में एसआईटी को एक और पत्र भेजा है।

हनी ट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी से दो बार औपचारिक आग्रह के बाद भी आयकर विभाग को मामले से जुड़े तथ्य उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसके बाद आयकर ने मामले में हाईकोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए इसमें कहा गया है कि विभाग को मामले से जुड़े सभी लोगों के आर्थिक लेनदेन का ब्योरा उपलब्ध कराया जाए। आयकर विभाग इसके जरिए मामले में उपयोग हुए कालेधन, हवाला और बेनामी संपत्ति की छानबीन करना चाह रहा है। इसी संदर्भ में आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन टीम ने पिछले सप्ताह हनी ट्रैप मामले की प्रमुख आरोपित श्वेता विजय, श्वेता स्वप्निल जैन और आरती दयाल से करीब 20 घंटे की पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान आयकर को प्रदेश के कई अधिकारियों और कारोबारियों के बारे में जानकारियां मिली हैं।

विभाग की यह शिकायत भी है कि एसआईटी की ओर से उसे आर्थिक लेनदेन का पूरा ब्योरा नहीं मिल पाया। ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी नहीं उपलब्ध कराए गए, जिनमें लेनदेन संबंधी बातें की गई हैं। पिछले सप्ताह आयकर ने जिन तीन महिलाओं से पूछताछ की है। उनके अलावा ब्लैकमेलिंग और लेनदेन से जुड़ी गिरोह की अन्य लड़कियां और कतिपय अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा ताकि करोड़ों रुपए की काली कमाई और उन गैर सरकारी संस्थाओं व लोगों का राजफाश हो सके, जिन्हें उपकृत किया गया था।

हाईकोर्ट की इंदौर बैंच में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) की ओर से यह कहा गया था कि हनी ट्रैप मामले में लेनदेन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जांच आगे बढ़ सके। इसके बाद कोर्ट ने लेनदेन से जुड़े सभी तरह के साक्ष्य आयकर आयकर को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने हाल ही में श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और आरती दयाल से पूछताछ में जो जानकारियां हासिल की हैं उसके आधार पर भी कई लोगों को समन भेजकर पूछताछ की तैयारी है।

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