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नवजात शिशुओं को निगल रहा है लाइलाज संक्रमण न्यूनेटल सेप्सिस

उज्जैन 6 सितम्बर 2018 । पंजिम- नवजात शिशुओं से जुडा एक शोध अध्ययन के अनुसार न्यूनेटल सेपसिस संक्रमण मौत की वजह बन रहा है। ऐसे रोगाणु नवजातों मे फैल रहे है जिसकी  दवा फिलहाल चिकित्सकों के पास नही है ।
यह जानकारी राष्ट्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के सलाहकार डॉ नरेश पुरोहित ने गोवा मेडिकल कालेज में हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी शोध-अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए ब्लू आईज को दी।
डॉ नरेश पुरोहित ने बताया कि ये शोध अध्ययन उन्होनें भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक प्रोजेक्ट के तहत् मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों के शासकीय जिला अस्पतालों में जनवरी 2016 से दिसम्बर 2017 तक 10300 बच्चो पर किया। यह बच्चे प्रदेश के 15 जिला अस्पतालों में पैदा हुए थे।
इस अध्ययन के अलार्मिग तथ्य सामने आए है ।इन 1030O बच्चो में 600 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है | वही करीब 250 बच्चों की मौत संक्रमण की वजह से हुईI ये संक्रमण मल्टी ड्रग रेसिसटेन्स है।
डॉ पुरोहित ने बताया कि एंटिबायोटिक ने उन बच्चों पर काम नही किया Iकुछ एंटिबायोटिक हमारे पास है सामान्य तौर पर नवजात शिशु में इस्तेमाल नही करते लेकिन इस अध्ययन मे इस्तेमाल किया। जिससे कुछ बच्चे जीवित बचे। परन्तु बहुत सारे रोगाणु ऐसे थे जिन्हे मारने हेतु हमारे पास कोई दवा नही थी।
प्रमुख शोधार्थी डॉ पुरोहित कि शोध-अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार जन्म के 4 दिन से 15 दिन के बीच मे आए बच्चो में एंटिबायोटिक की अधिक मात्रा  दिए जाने की जानकारी मिली। कम वजन के शिशुओं तथा प्रीमैचयूर शिशुओ में फंगल संक्रमण पाया गया Iजब ज्यादा एंटीबायोटिक का इस्तेमाल होता है तब फंगल संक्रमण होता है जिसकी वजह से मौत होती है।
बचने के उपाय: डॉ पुरोहित ने कहा कि एहतियात बहुत जरूरी है । हाथो का साबुन से धोना एवं इसके पशचात बच्चे की चमडी आइवी लगाते हुए साफ करना जरूरी है । आधिक एंटीबायोटिक का प्रयोग न करें।
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