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इन्दौर से उज्जैन मेट्रो ट्रेन चलाना मुमकीन नहीं

उज्जैन 13 दिसंबर 2019 । भारत सरकार के शहरी विकास विभाग के सचिव श्री दुर्गाशंकर मिश्रा ने इन्दौर व उज्जैन में निर्माणाधीन स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों की सोमवार 9 दिसम्बर को प्रात: सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में समीक्षा की।

बैठक में मेट्रो ट्रेन की चर्चा के दौरान सचिव श्री मिश्रा ने कहा कि इन्दौर से उज्जैन मेट्रो ट्रेन चलाना इसलिये मुमकीन नहीं है क्योंकि यातायात कम है। मेट्रो ट्रेन के लिये अधिक संख्या में यात्रा करने वाले यात्री होना चाहिये, तभी यह प्रोजेक्ट सफल हो सकता है।

स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत किये जा रहे कार्य वर्तमान की सोच न होकर भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए किये जाना चाहिये। उज्जैन स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रदीप जैन ने उज्जैन शहर में उक्त योजना के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों की विस्तार से पॉवर पाइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि अभी तक 65 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 15 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 709.21 करोड़ रुपये की लागत के 10 कार्यों के कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं। योजना के तहत 165 करोड़ के तीन कार्यों की डीपीआर तैयार की जा रही है। बैठक में शहर में किये जा रहे निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

समीक्षा बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और स्मार्ट सिटी के तहत किये जा रहे महाकाल के समीप के कार्य ऐसे किये जायें कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को लगे कि हम शिव की नगरी में आये हैं।

बैठक में भारत सरकार के सचिव ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों से आमजनों को भी महसूस होना चाहिये कि हमारे शहर में स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत क्या-क्या संरचनाएं निर्मित हो रही है और इससे हमारे क्या-क्या लाभ होंगे।

बैठक में नगर निगम आयुक्त इन्दौर श्री आशीष सिंह ने इन्दौर शहर में स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत चल रहे निर्माण कार्यों एवं पूर्ण कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। भारत सरकार के सचिव श्री मिश्रा ने दोनों शहर में किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि टूरिस्ट गाइड भी होना चाहिये, ताकि पुरानी संरचनाओं की जानकारी आमजन को दे सके।

बैठक में स्मार्ट सिटी सीईओ ने महाकाल रूद्र सागर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एप्रोच, स्मार्ट रोड, पॉवर सोलर प्लांट, स्मार्ट क्लास रूम, ओलम्पिक साइज स्वीमिंग पूल एण्ड स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, यातायात मैनेजमेंट सिस्टम आदि कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

इसी प्रकार इन्दौर नगर निगम कमिश्नर श्री आशीष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इन्दौर शहर में 306.73 करोड़ के 94 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी तरह 1298.34 करोड़ रुपये के 52 निर्माण कार्य निर्माणाधीन हैं। इसी तरह 1034.80 करोड़ रुपये के 13 निर्माण कार्यों के टेण्डर हो चुके हैं और 1940.13 करोड़ रुपये के 15 कार्यों की डीपीआर तैयार की जा रही है।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे ने इन्दौर व उज्जैन में चल रहे स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त श्री पी.नरहरि, उज्जैन संभागायुक्त श्री अजीत कुमार, कलेक्टर श्री शशांक मिश्र, नगर निगम इन्दौर के आयुक्त श्री आशीष सिंह, अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन श्रीमती मीनाक्षी सिंह, इन्दौर मेट्रो के डायरेक्टर श्री जेके दुबे, इन्दौर स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री प्रदीप जैन तथा इन्दौर व उज्जैन नगर निगम के अधिकारी एवं स्मार्ट सिटी के अधिकारी आदि उपस्थित थे।

उज्जैन शहर को अंदर और बाहर 50 इलेक्ट्रिक बस चलाएगी तेलंगाना की कंपनी

शहर के भीतर और बाहर 50 इलेक्ट्रिक एयर कंडीशन बसों का संचालन तेलंगाना की ईवे ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी करेगी। आज शाम या कलसुबह इलेक्ट्रिक बसों का शहर की सड़कों पर ट्रायल होगा। ट्रायल दोनोंबसों मं 75 यात्री या उनके वजन के बराबर की बोरियां भरकर लिए जाएगा। इसके बाद फाइनें्शियल बीड़ खोली जाएगी। इसे खोलने पर पता चलेगा कि कंपनी बसचलाने के एवज में कितना पैसा नगर निगम से प्रति किलोमीटर के हिसाब सेलेगी।शहर के भीतर और शहर के बाहर इंदौर, शाजापुर, देवास, आगर, नागदा, महिदपुर, तराना तक एसी इलेक्ट्रॉनिक बसों का संचालन अगले साल 2020 से किया जाएगा।निविदा प्रक्रिया का ऑपरेटर चयन की प्रक्रिया 15 नवंबर से पहले पूरी करली जाएगी। ये बसें सर्वाधिक स्टॉपपेज वाले मार्ग पर 75 यात्री या उनके वजन के बराबर की बोरियां भरकर चलवाई जाएंगी। ट्रॉयल सफल होने पर फाइनेंशियल बीड़ खोली जाएगी। इसे खोलने पर पता चलेगा कि कंपनी बस चलाने के एवज में कितना पैसा नगर निगम से प्रति किमी के हिसाब से लेगी। अगर कंपनी को 100 में से 60 अंक मिलते हैं तो कंपनी को बस संचालन का
कार्यादेश जारी कर दिया जाएगा। निगम का कहना है कि कार्यादेश होने केमहीनेभर के भीतर ऑपरेटर को बसों का संचालन शहर और चिन्हित मार्गों पर करना होगा।

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