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भारतीय वैक्सीन की सफलता से ड्रैगन को जलन, फार्मूला हैक करने की कोशिश की

नई दिल्ली 3 मार्च 2021 । पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना के सामने घुटने टेकने के बाद अब चीन ने साइबर क्षेत्र में भारतीय प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. साइबर इंटेलिजेंस फर्म साइफर्मा के हवाले से रॉयटर्स ने जानकारी दी है कि चीन के सरकारी हैकरों के समूह ने हालिया हफ्तों में 2 भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनियों के आईटी सिस्टम को टारगेट किया है.

इन दोनों कंपनियों की बनाई वैक्सीन देश में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण कार्यक्रम में इस्तेमाल की जा रही हैं. ध्यान रहे कि पड़ोसी होने के साथ भारत और चीन एक दूसरे के कई क्षेत्रों में प्रतिद्वंदी भी हैं और दोनों देशों ने वैश्विक स्तर पर कई देशों को कोरोना वायरस वैक्सीन बेची है.

सिंगापुर और टोकियो स्थित गोल्डमैन सैक्स समर्थित साइफर्मा ने कहा, चीनी हैकरों के समूह APT10 ने भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर में खामी और कमजोरी की पहचान की है.

APT10 को स्टोन पांडा के नाम से भी जाना जाता है, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है.

साइफर्मा के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कुमार रितेश ने कहा, चीनी हैकरों का मुख्य उद्देश्य इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी चुराना और भारतीय दवा निर्माता कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करना था. कुमार रितेश पूर्व में ब्रिटिश फॉरेन इंटेलिजेंस एजेंसी MI6 के साथ शीर्ष साइबर अधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं.

भारत वैश्विक स्तर पर 60 फीसदी से ज्यादा वैक्सीन की सप्लाई करता है. रिपोर्ट के मुताबिक चीनी हैकर्स सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बॉयोटेक, पतंजलि और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को निशाना बना रहे हैं. भारत के अलावा, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, इटली और जर्मनी सहित बारह देश हैकर्स के रडार पर हैं.

जापानी PM ने मांगी देश से माफी

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने आज पूरे देश से अपने बेटे के उस काम के लिए माफी मांगी है, जिसे उसने 2019 में अंजाम दिया था. ये काम था सीनियर ब्यूरोक्रेट्स को डिनर कराने और उसका महंगा बिल भरने का. उधर दूसरी तरफ उस पार्टी में शामिल रही एक शीर्ष महिला अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. महिला अधिकारी मौजूदा समय में कैबिनेट पब्लिक रिलेशन सेक्रेटरी थी और उनका नाम मैकिको यमाडा है.

हमारे सहयोगी वेबसाइट WION के मुताबिक, ये मामला 2019 का है, जब मैकिको यमाडा मिनिस्ट्री ऑफ इंटरनल अफेयर्स एंड कम्यूनिकेशन्स की अधिकारी थी.

जापान के मौजूदा पीएम योशिहिदे सुगा के बेटे टेलीविजन शो बनाते हैं और मनोरंजन की दुनिया में बतौर प्रोड्यूसर का काम करते हैं. उन्होंने 11 सीनियर ब्यूरोक्रेट्स को 2019 में डिनर पार्टी दी थी, जिसके बारे में पिछले महीने शुकन बुनशुन नाम की मैगजीन ने पूरी रिपोर्ट छापी थी.

इस रिपोर्ट में बताया गया था कि हर एक ब्यूरोक्रेट के डिनर पर 74,203 येन यानी 696 डॉलर का खर्च आया था. भारतीय मुद्रा में ये रकम करीब 51,000 रुपये बैठती है. इस तरह से 11 लोगों के डिनर पर साढ़े 5 लाख रुपये से ज्यादा की रकम खर्च हुई थी. रिपोर्ट के सामने आने के बाद उनका काफी विरोध हो रहा था, जिसके बाद मैकिको ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

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